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North Korea Successor: किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ बनेगी अगली तानाशाह? दादा की समाधि पर दौरे ने दी बड़ी आहट

प्योंगयांग/सियोल | इंटरनेशनल डेस्क दुनिया के सबसे रहस्यमयी देश उत्तर कोरिया (North Korea) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया है। शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने कुछ ऐसी तस्वीरें जारी की हैं, जो इस बात पर मुहर लगाती नजर आ रही हैं कि किम जोंग उन के बाद देश की कमान किसके हाथ में होगी।

वर्तमान तानाशाह किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ (Kim Ju-ae) ने पहली बार अपने दादा (किम जोंग इल) और परदादा (किम इल सुंग) के समाधि स्थल का सार्वजनिक दौरा किया है। इस प्रतीकात्मक कदम को उत्तर कोरियाई राजनीति में ‘सत्ता के हस्तांतरण’ का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है।

कुमसुसन पैलेस: जहाँ से शुरू हुई उत्तराधिकारी की नई इबारत

प्योंगयांग स्थित ‘कुमसुसन पैलेस ऑफ द सन’ (Kumsusan Palace of the Sun) उत्तर कोरिया का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। यहाँ किम वंश के “शाश्वत नेताओं” के पार्थिव शरीर संरक्षित हैं। शुक्रवार को किम जोंग उन ने अपने शीर्ष सैन्य और असैन्य अधिकारियों के साथ यहाँ का दौरा किया। लेकिन इस बार पूरी दुनिया की नजरें किम जोंग उन पर नहीं, बल्कि उनके साथ चल रही उनकी बेटी किम जू ऐ पर थीं।

सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए (KCNA) द्वारा जारी तस्वीरों में जू ऐ को अपने पिता के साथ बेहद आत्मविश्वास में देखा गया। जानकारों का कहना है कि इस पैलेस का दौरा करना केवल एक श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि यह देश की जनता और सेना को यह बताना है कि किम वंश का ‘रक्त’ (Bloodline) ही भविष्य का नेतृत्व करेगा।


पैकटू वंश: उत्तर कोरिया की ‘कम्युनिस्ट राजशाही’

उत्तर कोरिया में लोकतंत्र नहीं, बल्कि एक तरह की ‘कम्युनिस्ट राजशाही’ चलती है, जिसे ‘पैकटू वंश’ (Paektu Bloodline) कहा जाता है।

  1. प्रथम पीढ़ी: किम इल सुंग (संस्थापक)

  2. द्वितीय पीढ़ी: किम जोंग इल

  3. तृतीय पीढ़ी: किम जोंग उन (वर्तमान नेता)

  4. संभावित चतुर्थ पीढ़ी: किम जू ऐ

दशकों से किम परिवार ने अपनी एक ‘कल्ट इमेज’ (देवता जैसी छवि) बनाई है। जू ऐ का सार्वजनिक रूप से सामने आना और सैन्य प्रतिष्ठानों के बाद अब समाधि स्थल पर दिखना यह साबित करता है कि वह कतार में चौथे स्थान पर सबसे मजबूत दावेदार हैं।

साउथ कोरियाई खुफिया एजेंसी (NIS) का दावा

पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने पिछले साल ही अपनी रिपोर्ट में अंदेशा जताया था कि किम जोंग उन ने अपनी बेटी को उत्तराधिकारी के रूप में तैयार करना शुरू कर दिया है।

  • पहली झलक: जू ऐ को पहली बार 2022 में दुनिया के सामने तब पेश किया गया था, जब वह अपने पिता के साथ एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के लॉन्च पर गई थी।

  • हाई-प्रोफाइल यात्राएं: हाल ही में किम जोंग उन की बीजिंग यात्रा के दौरान भी जू ऐ की सक्रियता ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुर्खियां बटोरी थीं।


भाषा का खेल: ‘प्यारी बच्ची’ से ‘मार्गदर्शन की महान व्यक्ति’ तक

उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया जिस तरह से जू ऐ को संबोधित कर रहा है, वह बेहद महत्वपूर्ण है। पहले उन्हें “प्यारी बच्ची” (Beloved Child) कहा जाता था, लेकिन अब उनके लिए “मार्गदर्शन की महान व्यक्ति” (Great Person of Guidance) जैसे शब्दों का प्रयोग होने लगा है।

नोट: उत्तर कोरियाई शब्दकोश में “मार्गदर्शन” (Hyangdo) शब्द विशेष रूप से केवल शीर्ष नेताओं और उनके उत्तराधिकारियों के लिए ही आरक्षित है।


डेनिम रोडमैन और जू ऐ का रहस्य

दिलचस्प बात यह है कि साल 2022 से पहले किम जोंग उन की किसी बेटी के होने की खबर केवल एक विदेशी के पास थी। पूर्व NBA स्टार डेनिस रोडमैन, जिन्होंने 2013 में उत्तर कोरिया की यात्रा की थी, उन्होंने ही सबसे पहले बताया था कि किम जोंग उन की एक छोटी बेटी है जिसका नाम जू ऐ है। उन्होंने उसे अपनी गोद में खिलाने का दावा भी किया था। आज वही बच्ची दुनिया के सबसे खतरनाक परमाणु शक्ति संपन्न देश की कमान संभालने की तैयारी कर रही है।

क्या होगा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि जू ऐ को उत्तराधिकारी बनाने का मतलब है कि उत्तर कोरिया अपनी परमाणु नीतियों में किसी भी तरह के बदलाव के मूड में नहीं है। किम जोंग उन अपनी बेटी को मिसाइल परीक्षणों और सैन्य परेडों में साथ ले जाकर यह संदेश दे रहे हैं कि अगली पीढ़ी भी “हथियारों के दम पर सुरक्षा” की नीति को ही आगे बढ़ाएगी।


भविष्य की तानाशाह?

हालांकि उत्तर कोरिया के भीतर की जानकारी बाहर आना मुश्किल है, लेकिन शुक्रवार की तस्वीरों ने बहस खत्म कर दी है। किम जू ऐ का अपने दादा-परदादा की समाधि पर जाना यह स्पष्ट करता है कि वह केवल एक “राजकुमारी” नहीं हैं, बल्कि उत्तर कोरिया के भावी नेतृत्व की धुरी हैं। अब सवाल यह नहीं है कि उत्तराधिकारी कौन होगा, बल्कि यह है कि किम जोंग उन कब औपचारिक रूप से उन्हें अपनी गद्दी सौंपेंगे।

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