UP News: नए साल पर यूपी के बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले, स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में 50% से ज्यादा की कटौती

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए साल 2026 की शुरुआत बड़ी राहत के साथ हुई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने नए साल का तोहफा देते हुए राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर और नए बिजली कनेक्शन की दरों में भारी कटौती का ऐलान किया है। 1 जनवरी 2026 से लागू हुई इन नई दरों के तहत अब नया कनेक्शन लेना पहले के मुकाबले आधा सस्ता हो गया है।
प्रीपेड मीटर शुल्क में भारी गिरावट: सिंगल फेज अब मात्र ₹2800 में
विद्युत विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, स्मार्ट प्रीपेड मीटर के कनेक्शन रेट में 50 फ़ीसदी तक की कमी की गई है।
-
सिंगल फेज कनेक्शन: पहले जिस सिंगल फेज प्रीपेड कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को ₹6,000 चुकाने पड़ते थे, अब वह महज ₹2,800 में उपलब्ध होगा।
-
थ्री-फेज कनेक्शन: मध्यम और बड़े घरों के लिए जरूरी थ्री-फेज कनेक्शन की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट आई है। पहले इसके लिए ₹11,300 से अधिक देने होते थे, जिसे घटाकर अब ₹4,100 कर दिया गया है।
इस्टीमेट का झंझट खत्म: फिक्स्ड चार्ज सिस्टम लागू
नियामक आयोग ने बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ‘इस्टीमेट सिस्टम’ में बड़ा बदलाव किया है। अब 300 मीटर तक की दूरी और 150 किलोवाट तक के लोड (निजी नलकूप को छोड़कर) के लिए विभाग अलग से कोई इस्टीमेट नहीं बनाएगा।
नई तय दरें इस प्रकार हैं:
अक्सर नए कनेक्शन के समय बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर के नाम पर उपभोक्ताओं को ₹10,000 से ₹20,000 तक का भारी-भरकम ‘इस्टीमेट’ थमा दिया जाता था। अब नियामक आयोग ने 300 मीटर की दूरी तक के लिए फिक्स्ड चार्ज सिस्टम लागू कर दिया है।
नई तय दरें इस प्रकार हैं:
| दूरी (पोल से) | लोड | कुल चार्ज (एकमुश्त) |
| 100 मीटर तक | 2 किलोवाट | ₹5,500 |
| 300 मीटर तक | 2 किलोवाट | ₹7,555 |
इससे पहले उपभोक्ताओं को बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर के नाम पर ₹10,000 से ₹20,000 तक का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता था, जिससे अब मुक्ति मिल जाएगी। यह नया सिस्टम 12 जनवरी 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा।
BPL परिवारों और गरीब उपभोक्ताओं के लिए विशेष पैकेज
योगी सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए ‘कनेक्शन आसान’ योजना के तहत विशेष रियायतें दी हैं:
-
शून्य प्रोसेसिंग फीस: गरीब उपभोक्ताओं को कोई प्रोसेसिंग फीस और सिक्योरिटी मनी नहीं देनी होगी।
-
आसान किस्तें: 100 मीटर तक के कनेक्शन के लिए सिर्फ ₹500 एडवांस जमा करने होंगे। बाकी की राशि ₹45 प्रति माह की 12 किस्तों में बिजली बिल के साथ ली जाएगी।
-
मीटर शुल्क पर राहत: ₹2,800 का मीटर शुल्क भी दो किस्तों में जमा किया जा सकेगा। आवेदन के समय मात्र ₹1,000 जमा करने होंगे, शेष राशि के लिए 24 महीने की किस्त की सुविधा मिलेगी।
पुराने आवेदकों को भी मिल सकता है लाभ
विद्युत नियामक आयोग उन उपभोक्ताओं को भी राहत देने पर विचार कर रहा है जिन्होंने 9 सितंबर 2025 के बाद स्मार्ट मीटर के लिए पुराने रेट यानी ₹6,016 जमा किए थे। चर्चा है कि उन्हें नई दरों के आधार पर अतिरिक्त राशि वापस (Refund) या अगले बिल में एडजस्ट की जा सकती है।
विशेषज्ञों की राय: ‘सुलभ बिजली, विकसित प्रदेश’
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से राज्य में अवैध बिजली कनेक्शन (कटिया) की समस्या कम होगी और लोग कानूनी रूप से कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित होंगे। साथ ही, प्रीपेड मीटर सिस्टम से बिजली चोरी पर लगाम लगेगी और विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा।
“हमारा उद्देश्य हर घर तक सस्ती और निर्बाध बिजली पहुँचाना है। दरों में यह कटौती आम आदमी के आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” — विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी



