
ढाका/नई दिल्ली | 31 दिसंबर, 2025: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की कद्दावर नेता बेगम खालिदा जिया की अंतिम विदाई का अवसर एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम का गवाह बना। ढाका में आयोजित अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक के बीच हुई मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
1. गमगीन माहौल में भारत-पाक ‘हैंडशेक’
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में पाकिस्तानी स्पीकर अयाज सादिक और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को हाथ मिलाते और एक-दूसरे का अभिवादन करते देखा जा सकता है।
मुहम्मद यूनुस ने पोस्ट में लिखा, “पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक ने बुधवार को ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार कार्यक्रम से पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया।”
2. कूटनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनावपूर्ण रिश्तों के बीच, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह की मुलाकातें विरल होती हैं। हालांकि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशियाई राजनीति के केंद्र ढाका में ऐसी तस्वीर का आना कूटनीतिक संदेशों से भरा हो सकता है। जयशंकर की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भारत, बांग्लादेश के साथ अपने गहरे संबंधों और वहां की बदलती राजनीति को कितनी गंभीरता से ले रहा है।
3. एक युग का अंत: नहीं रहीं बेगम खालिदा जिया
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया (80) का मंगलवार सुबह ढाका के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था। वे पिछले कई वर्षों से लिवर सिरोसिस, मधुमेह, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं।
-
लंबा संघर्ष: 23 नवंबर को उन्हें गंभीर संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 36 दिनों के कठिन इलाज के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।
-
विरासत: जिया तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं और उन्हें देश की राजनीति में एक संघर्षशील महिला नेता के तौर पर याद किया जाएगा।
4. पीएम मोदी का शोक संदेश और पुरानी यादें
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने वर्ष 2015 में ढाका यात्रा के दौरान उनसे हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा कि उनकी विरासत भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में मार्गदर्शन देती रहेगी। जयशंकर का ढाका जाना, नई दिल्ली की ओर से इसी सम्मान और पड़ोसी प्रथम (Neighbor First) की नीति का हिस्सा है।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
| घटना | विवरण |
| अवसर | पूर्व पीएम खालिदा जिया का अंतिम संस्कार |
| मुख्य मुलाकात | एस जयशंकर (भारत) और अयाज सादिक (पाकिस्तान) |
| आयोजक | बांग्लादेश की अंतरिम सरकार (मुहम्मद यूनुस) |
| निधन का कारण | लंबी बीमारी (लिवर और किडनी फेलियर) |
दक्षिण एशिया के लिए संदेश
खालिदा जिया की विदाई ने दक्षिण एशिया के प्रमुख देशों को एक छत के नीचे ला दिया है। जयशंकर और अयाज सादिक का हाथ मिलाना यह दर्शाता है कि दुख की घड़ी में कूटनीतिक कड़वाहटों को पीछे रखकर शिष्टाचार का पालन करना ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति का परिपक्व चेहरा है। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या यह ‘हैंडशेक’ भविष्य में किसी बड़े संवाद की नींव रखेगा।



