By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश विवाद से जम्मू में बवाल तेज, 60 संगठनों का आंदोलन आज से शुरू — कड़ाके की ठण्ड में बड़ा राजनीतिक तापमान
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश विवाद से जम्मू में बवाल तेज, 60 संगठनों का आंदोलन आज से शुरू — कड़ाके की ठण्ड में बड़ा राजनीतिक तापमान
देशफीचर्ड

वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश विवाद से जम्मू में बवाल तेज, 60 संगठनों का आंदोलन आज से शुरू — कड़ाके की ठण्ड में बड़ा राजनीतिक तापमान

The Hill India News
Last updated: November 29, 2025 2:55 am
The Hill India News
Published: November 29, 2025
Share
SHARE

जम्मू, 29 नवंबर: श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज, कटरा में मुस्लिम छात्रों के ‘असामान्य रूप से अधिक’ चयन को लेकर जम्मू क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। मामला अब सिर्फ़ सोशल मीडिया या स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि करीब 60 सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर ‘प्रदेशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन’ का ऐलान कर दिया है।

Contents
विवाद की जड़ — 50 में से 42 मुस्लिम छात्र चयनितसंगठनों का गठबंधन और आंदोलन की रूपरेखाराजनीति में बढ़ी हलचल — पार्टियों में टकरावबीजेपी का विरोधनेशनल कॉन्फ्रेंस की कड़ी प्रतिक्रियाकांग्रेस और पीडीपी का रुखक्या कहता है श्राइन बोर्ड?स्थानीय समुदाय की चिंता — ‘आस्था बनाम मेरिट’ की बहसक्या मामला ‘जम्मू बनाम कश्मीर’ की दिशा में बढ़ रहा है?सरकार पर दबाव — क्या हस्तक्षेप करेगी प्रशासन?आगे का रास्ता — समाधान या टकराव?1. सरकार हस्तक्षेप कर प्रवेश प्रक्रिया की जांच कराए2. आंदोलन व्यापक हो जाए

“श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति” के नेतृत्व में आज दोपहर 12 बजे जम्मू के रघुनाथ चौक पर विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। समिति का दावा है कि अगर सरकार ने जल्द हस्तक्षेप न किया तो यह आंदोलन “2008 के अमरनाथ भूमि आंदोलन जैसा रूप” ले सकता है।


विवाद की जड़ — 50 में से 42 मुस्लिम छात्र चयनित

विवाद तब भड़का जब यह जानकारी सामने आई कि मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष चयनित 50 छात्रों में से 42 छात्र मुस्लिम समुदाय के हैं, जबकि गैर-मुस्लिम (मुख्यतः हिंदू) छात्रों की संख्या सिर्फ आठ है।

समिति और कई संगठनों का आरोप है कि—

  • मेडिकल कॉलेज श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित है।
  • संस्थान दानदाताओं और भक्तों के सहयोग से चलता है।
  • ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया में स्थानीय और हिंदू समुदाय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

कुछ हिंदू संगठनों ने सवाल उठाया कि “माता वैष्णो देवी के नाम पर चलने वाले संस्थान में इतने बड़े अनुपात में एक ही समुदाय के छात्रों का चयन कैसे हो गया?”


संगठनों का गठबंधन और आंदोलन की रूपरेखा

संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल (सेवानिवृत्त) सुखबीर सिंह मनकोटिया की अध्यक्षता में गीता भवन, जम्मू में हुई बैठक में इस आंदोलन की रणनीति तय की गई।

मुख्य निर्णय:

  • आज सुबह कार्यकर्ता मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।
  • इसके बाद रघुनाथ चौक तक मार्च और शांतिपूर्ण धरना।
  • आने वाले दिनों में आंदोलन जिले और तहसीलों तक फैलाया जाएगा।
  • समिति ने कहा कि आंदोलन “कानूनी और लोकतांत्रिक दायरे में” चलेगा, लेकिन सरकार को “तत्काल हस्तक्षेप” करना होगा।

समिति का दावा है कि उनके साथ लगभग 60 संगठन, जिनमें सामाजिक समूह, धार्मिक संस्थान और कुछ स्थानीय राजनीतिक इकाइयाँ शामिल हैं, विरोध में खड़े हैं।


राजनीति में बढ़ी हलचल — पार्टियों में टकराव

यह विवाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नई खाई खोलता दिख रहा है। बीजेपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी — सभी दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे के खिलाफ आरोप–प्रत्यारोप में उतर आए हैं।

बीजेपी का विरोध

जम्मू-कश्मीर बीजेपी ने इस चयन प्रक्रिया पर सीधा सवाल उठाते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को ज्ञापन सौंपा है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि:

  • “चयन प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध है।”
  • “स्थानीय युवाओं का हक़ मारा गया है।”
  • “माता वैष्णो देवी संस्थान के नाम पर यह असंतुलित प्रवेश स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

बीजेपी इसे एक “सामाजिक और सांस्कृतिक असंतुलन का मामला” बता रही है, जिसे वह बड़े आंदोलन का रूप भी दे सकती है।


नेशनल कॉन्फ्रेंस की कड़ी प्रतिक्रिया

दूसरी ओर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इन विरोध प्रदर्शनों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि—

  • मेडिकल कॉलेज में चयन मेरिट और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर होता है।
  • किसी भी प्रवेश को “धर्म या मज़हब से जोड़ना खतरनाक” है।
  • “अगर छात्र मेधावी हैं, तो उनका धर्म मायने नहीं रखता।”

एनसी नेताओं ने इसे समुदाय पर हमला बताते हुए कहा कि यह राजनीति जम्मू-कश्मीर में “नफरत की दीवारें” खड़ी कर सकती है।


कांग्रेस और पीडीपी का रुख

कांग्रेस ने विवाद को “प्रशासन की विफलता” बताया और कहा कि सरकार को चयन प्रक्रिया पारदर्शी बनाकर विवाद शांत करना चाहिए।
पीडीपी ने कहा कि यह मुद्दा “जम्मू बनाम कश्मीर” बनाने की कोशिश है और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।


क्या कहता है श्राइन बोर्ड?

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई विस्तृत बयान नहीं आया है, पर कॉलेज प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि—

  • MBBS में चयन NEET स्कोर और काउंसलिंग के जरिए होता है।
  • कॉलेज का प्रबंधन धार्मिक ट्रस्ट द्वारा होता है, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया राष्ट्रीय नियमों के तहत है।
  • कॉलेज की ओर से किसी समुदाय विशेष के पक्ष में कोई “आरक्षण” या “प्राथमिकता” तय नहीं है।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह “सांयोगिक परिणाम” हो सकता है, लेकिन विवाद बढ़ने से शासन को औपचारिक जवाब देना पड़ सकता है।


स्थानीय समुदाय की चिंता — ‘आस्था बनाम मेरिट’ की बहस

जम्मू में कई स्थानीय समूहों का मानना है कि—

  • दानदाताओं और स्थानीय श्रद्धालुओं के पैसे से चलने वाले संस्थान में स्थानीय युवाओं को अधिक सीटें मिलनी चाहिए।
  • यह सिर्फ़ एक शैक्षणिक प्रश्न नहीं, बल्कि आस्था का मुद्दा भी है।

वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का तर्क है कि—

  • मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान सार्वजनिक महत्व रखते हैं।
  • प्रवेश हमेशा मेरिट-आधारित होना चाहिए।
  • यदि चयन प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर पर तय होती है, तो धार्मिक पहचान प्रासंगिक नहीं हो सकती।

इस विवाद ने प्रदेश में “आस्था बनाम मेधावी युवाओं का अधिकार” जैसी बहस को जन्म दे दिया है।


क्या मामला ‘जम्मू बनाम कश्मीर’ की दिशा में बढ़ रहा है?

चूंकि चयनित मुस्लिम छात्रों का बड़ा हिस्सा कश्मीर के विभिन्न जिलों से है, इसलिए यह आशंका जताई जा रही है कि विवाद जम्मू-कश्मीर के बीच क्षेत्रीय ध्रुवीकरण को और बढ़ा सकता है।
राजनीति में जिस तरह बयानबाज़ी बढ़ी है, उससे यह विवाद आने वाले दिनों में और उग्र हो सकता है।


सरकार पर दबाव — क्या हस्तक्षेप करेगी प्रशासन?

हालांकि उपराज्यपाल प्रशासन ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां रघुनाथ चौक पर होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों में जुटी हैं।
प्रशासन की चिंता:

  • कहीं यह आंदोलन हिंसक न हो जाए
  • धार्मिक तनाव न बढ़े
  • प्रवेश प्रक्रिया पर राजनीतिक ध्रुवीकरण को रोका जाए

संघर्ष समिति ने कहा है कि आंदोलन “शांतिपूर्ण” रहेगा, लेकिन लोगों का दावा है कि भीड़ और माहौल को देखते हुए स्थिति कभी भी बदल सकती है।


आगे का रास्ता — समाधान या टकराव?

अब स्थिति दो संभावनाओं के बीच खड़ी है:

1. सरकार हस्तक्षेप कर प्रवेश प्रक्रिया की जांच कराए

इससे विवाद शांत हो सकता है और स्थिति सामान्य हो सकती है।

2. आंदोलन व्यापक हो जाए

जिससे प्रदेश में सामाजिक और राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है, और यह मामला जम्मू बनाम कश्मीर जैसी संवेदनशील दिशा ले सकता है।


यह विवाद केवल मेडिकल कॉलेज की प्रवेश सूची भर नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में वर्षों से मौजूद क्षेत्रीय असंतुलन, धार्मिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक भावनाओं को भी उजागर करता है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि यह मुद्दा शांतिपूर्ण समाधान की तरफ बढ़ेगा या प्रदेश में नई राजनीतिक उथल-पुथल की वजह बनेगा।

You Might Also Like

उत्तराखण्ड : देहरादून DM सोनिका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Dry Winter in Himalayas: उत्तराखंड और हिमाचल में क्यों रूठी बर्फबारी? वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी- ‘सिकुड़ रही है सर्दी, तप रहे हैं ग्लेशियर’
कुम्भ मेला-2027: CM धामी का मिशन मोड, अधिकारियों को सख्त निर्देश- ‘अक्टूबर तक हर हाल में पूरे हों निर्माण कार्य’
उत्तराखंड: 80 वर्षीय बुजुर्ग बने साइबर ठगी का शिकार, 18 लाख की रकम गवाई
गूंजी की नई सुबह: पूर्व आईपीएस विमला गुंज्याल बनीं देश के पहले ‘वाइब्रेंट विलेज’ की निर्विरोध ग्राम प्रधान
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्डराजनीति

मांजलपुर उपचुनाव में BJP की शानदार जीत: सतीश पटेल ने 30 हजार से अधिक वोटों से कांग्रेस को हराया, गुजरात में कमल फिर खिला

The Hill India News
The Hill India News
August 3, 2026
ITR Refund का इंतजार खत्म कब होगा? जानिए इनकम टैक्स रिफंड की पूरी प्रक्रिया, कितने दिनों में मिलेगा पैसा और किन वजहों से हो सकती है देरी
पप्पू यादव के भगवा प्रदर्शन पर INDIA गठबंधन में दरार! सपा ने किया किनारा, राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष के अलग-अलग सुर आए सामने
NEET पेपर लीक आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘छात्रों को मिलेगा न्याय, लेकिन अपराधियों को नहीं मिलेगी कोई राहत’; FIR, पुलिस कार्रवाई और जांच पर कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर, परीक्षा रद्द करने से लेकर CBI जांच तक उठीं बड़ी मांगें
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर: क्या बदलेगा विरोध प्रदर्शन का केंद्र? केंद्र सरकार से मांगा जवाब
बृज भूषण शरण सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट से बरी होने के बाद बोले— “अगर एक भी आरोप साबित होता तो खुद फांसी पर लटक जाता”
ऐतिहासिक फैसला! राष्ट्रपति मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक कानून को दी मंजूरी, अब 2 महीने में जांच, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की जेल
गलत नंबर पर हो गया मोबाइल रिचार्ज? घबराएं नहीं! Airtel और Jio यूजर्स ऐसे वापस पा सकते हैं अपने पैसे, जानिए पूरा प्रोसेस
संसद के ‘भगवा प्रदर्शन’ पर कानूनी शिकंजा: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?