
देहरादून, 27 नवंबर: टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “डेस्टिनेशन उत्तराखंड 2.0” कॉन्क्लेव में गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य तेजी से निवेश, नवाचार और आध्यात्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विकास मॉडल, आर्थिक प्रगति, नीतिगत सुधारों और पर्यटन क्षेत्र में नए आयामों पर विस्तार से अपनी दृष्टि साझा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्षों की यात्रा चुनौतियों से भरी रही है, लेकिन पिछले दशक में खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की विकास गाथा ने उत्तराखंड को स्थायी विकास और समग्र प्रगति का नया मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, खेल और एयर कनेक्टिविटी सहित लगभग सभी क्षेत्रों में तेज़ गति से सुधार हुए हैं, और डबल इंजन सरकार ने इन बदलावों को मजबूत आधार प्रदान किया है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का असर—1 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतरे
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट राज्य के इतिहास का एक मील का पत्थर साबित हुआ है। इस समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अब जमीन पर उतारे जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि निवेशकों के लिए 30 से अधिक नई नीतियों को लागू किया गया है तथा सिंगल-विंडो सिस्टम को अत्यधिक सुदृढ़ बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप उद्योगों को लाइसेंसिंग और अनुमोदन में कम समय एवं अधिक पारदर्शिता मिल रही है।
धामी ने कहा कि “उत्तराखंड अब सिर्फ एक हिल-स्टेट नहीं, बल्कि एक हाई-ग्रोग्थ इंजन के रूप में उभर चुका है। निवेशक भरोसे के साथ यहां आ रहे हैं, और यही भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।”
पर्यटन में ऐतिहासिक छलांग—धार्मिक, एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म में वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित और आधुनिक रूप देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि—
- केदारखंड और मानसखंड परियोजनाओं के तहत प्रमुख धार्मिक स्थलों के व्यापक सौंदर्यीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर काम चल रहा है।
- हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ पुनरुद्धार जैसे प्रोजेक्ट तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
- शीतकालीन यात्रा की पहल से राज्य में अब पर्यटन 12 महीने सक्रिय बना हुआ है।
- उत्तराखंड ने एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अनोखी पहचान स्थापित की है।
धामी ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड को “विश्व की आध्यात्मिक राजधानी” के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है और इस दिशा में कई योजनाएँ तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।
लोकल को ग्लोबल बनाने की पहल—‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और ODOP से किसान–क्लस्टर मजबूत
मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान को लेकर भी प्रमुख घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि—
- ‘एक जनपद–दो उत्पाद (ODOP)’ योजना के माध्यम से राज्य के पारंपरिक उत्पादों को बाज़ार मिल रहा है।
- ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से प्रोत्साहन मिल रहा है।
- स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, होमस्टे नीति, नई फिल्म नीति और सौर स्वरोजगार योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड का प्रत्येक जिला अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाए और उसके उत्पाद देश-दुनिया तक पहुँचें।”
यूथ एम्प्लॉयमेंट—26 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नियुक्ति
मुख्यमंत्री धामी ने रोजगार और युवाओं के अवसरों पर कहा कि सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाते हुए 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी यह दर्शाती है कि सरकार की नीतियाँ धरातल पर प्रभावी सिद्ध हो रही हैं।
धामी ने यह भी कहा कि नकल माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही करते हुए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ी है।
UCC, एंटी-लैंड जिहाद, धर्मांतरण व अवैध निर्माण पर सख्त कदम—सुशासन को नई मजबूती
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुधारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी कॉन्क्लेव में रखा।
उन्होंने कहा कि—
- उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर समान न्याय व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त किया।
- लैंड जिहाद, धर्मांतरण, अवैध कब्जों और नकल माफियाओं के खिलाफ सरकार ने कड़े कानून लागू किए।
- 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया।
- प्रदेश में 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद कर कठोर कार्रवाई की गई।
धामी ने कहा कि “उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, जनसुरक्षा और सुशासन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं।”
सतत विकास लक्ष्यों में देश में प्रथम—स्टार्टअप और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग के SDG इंडेक्स में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है। स्टार्टअप रैंकिंग में राज्य लीडर कैटेगरी में है और अमेरिका तथा यूरोप आधारित कई कंपनियाँ उत्तराखंड को अपने R&D और टेक्नोलॉजी हब के रूप में देख रही हैं।
समापन—“जनसहयोग से मिलेगा विकास का लक्ष्य”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड आज एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है, जहाँ विकास, निवेश, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत—सभी एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और सहभागिता से उत्तराखंड नई ऊँचाइयों को छुएगा और विश्व के प्रमुख गंतव्यों में शुमार होगा।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं टाइम्स ऑफ़ इंडिया समूह के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



