
नई दिल्ली: नवंबर के अंत के साथ ही देशभर में सर्दी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम की ठंड बढ़ने लगी है और लोग स्वेटर, जैकेट और कैप पहनकर निकलने लगे हैं। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों में देशभर में तापमान के उतार-चढ़ाव को लेकर विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। इसके साथ ही मलक्का स्ट्रेट और पूर्वोत्तर इंडोनेशिया के ऊपर बने चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ के प्रभाव से भारत के किन हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं—इसका भी संकेत दिया है।
उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत: तापमान में उतार-चढ़ाव
IMD के अनुसार नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
हालांकि इसके बाद:
- अगले 3 दिनों में तापमान 2°C बढ़ सकता है,
- और फिर उसके बाद 2–3°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
यह उतार-चढ़ाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण होगा।
वेस्ट इंडिया—यानी राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र—में अगले दो दिन तापमान लगभग स्थिर रहेगा,
लेकिन उसके बाद 2–3°C की गिरावट की संभावना है, जिससे ठंड और तेज महसूस होगी।
पूर्वी भारत: बढ़ सकता है न्यूनतम तापमान
ईस्ट इंडिया में अगले 24 घंटे तापमान स्थिर रहेगा। इसके बाद अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2–3°C तक बढ़ सकता है।
यह वृद्धि ठंडी उत्तरी हवाओं के कमजोर होने और स्थानीय सिस्टम की सक्रियता के चलते होगी।
इसके बाद तापमान दोबारा स्थिर हो जाएगा।
एमपी–विदर्भ और छत्तीसगढ़: ठंड बढ़ेगी
मध्य प्रदेश और विदर्भ में अगले 24 घंटे कोई बदलाव नहीं होगा,
लेकिन उसके बाद तापमान 2–3°C तक गिर सकता है।
छत्तीसगढ़ के लिए IMD ने पहले ही दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2–3°C की गिरावट की चेतावनी जारी कर दी है,
जिससे राज्य में रात और सुबह की ठंड काफी बढ़ सकती है।
इसके बाद तापमान स्थिर रहने के आसार हैं।
उत्तर-पूर्व भारत: मौसम रहेगा सामान्य
नॉर्थ-ईस्ट इंडिया—असम, मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल और मणिपुर—में अगले 5 दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने का अनुमान है।
यहां मौसम शुष्क रहेगा और दिन के समय हल्की धूप निकलने की संभावना है।
चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ का असर: कहां होगी बारिश, कहां चलेंगी तेज हवाएं?
मलक्का स्ट्रेट और पूर्वोत्तर इंडोनेशिया के ऊपर बना चक्रवाती तूफान “सेन्यार” फिलहाल भारत के तटीय हिस्सों पर प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं डाल रहा है,
लेकिन इससे पैदा हुए वायुमंडलीय बदलाव दक्षिण भारत में हल्की से मध्यम बारिश ला सकते हैं।
IMD के मुताबिक:
- अंडमान-निकोबार द्वीप समूह,
- तमिलनाडु के कुछ तटीय जिले,
- केरल,
- और दक्षिणी आंध्र प्रदेश
पर इसका फिदर-असर दिख सकता है।
कुछ जगहों पर तेज हवाएं (30–40 किमी/घंटा) चलने की भी संभावना है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, जबकि तटीय क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश मिले हैं।
ठंड बढ़ने को तैयार रहें, IMD की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में रात का तापमान तेजी से गिर सकता है।
लोगों को सलाह दी गई है:
- कमजोर तबके—बुजुर्ग, बच्चे और मरीज—रात में अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनें
- सुबह के समय बाहर निकलते वक्त ठंड से बचाव करें
- घने कोहरे की संभावना वाले राज्यों में वाहन सावधानी से चलाएं
सर्दी के बढ़ने के साथ प्रदूषण भी बढ़ सकता है, इसलिए संवेदनशील आबादी को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।



