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The Hill India > Blog > देश > अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर आज होगा ऐतिहासिक धर्म ध्वजारोहण, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे शुभारंभ
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अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर आज होगा ऐतिहासिक धर्म ध्वजारोहण, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे शुभारंभ

The Hill India News
Last updated: November 25, 2025 4:06 am
The Hill India News
Published: November 25, 2025
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अयोध्या: रामनगरी अयोध्या आज एक और ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण का शुभ कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों संपन्न होगा। यह आयोजन न केवल मंदिर निर्माण के निर्णायक चरण का प्रतीक है, बल्कि सनातन आस्था, परंपरा और धार्मिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी अभूतपूर्व क्षण माना जा रहा है।

Contents
‘विवाह पंचमी’ और ‘अभिजीत मुहूर्त’ में ध्वजारोहण का विशेष महत्वकैसे होगा ध्वजारोहण? तकनीक और परंपरा का संगमढाई घंटे का भव्य समारोह: हजारों देवपुत्र, संत और श्रद्धालु होंगे सहभागीमंदिर निर्माण का नया अध्यायअयोध्या में सुरक्षा व यातायात की विशेष व्यवस्थाभावनात्मक माहौल, आस्था का महासंगमक्यों महत्वपूर्ण है यह ध्वजारोहण?अंत में…

धर्म ध्वज में चमकता सूरज, कोविदार वृक्ष और ‘ॐ’ का पवित्र चिन्ह अंकित है। यह ध्वज भगवान श्रीराम की दैदीप्यमान ऊर्जा, अनंत कल्याण और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। शुभ मुहूर्त में किए जा रहे इस ध्वजारोहण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास समेत कई संत-धर्माचार्य और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।


‘विवाह पंचमी’ और ‘अभिजीत मुहूर्त’ में ध्वजारोहण का विशेष महत्व

मंदिर निर्माण कार्य की पूर्णता के बाद यह पहला अवसर है, जब मंदिर के 161 फीट ऊँचे शिखर पर औपचारिक रूप से धर्म ध्वज फहराया जाएगा।
ध्वजारोहण का समय विवाह पंचमी के पावन दिन और अभिजीत मुहूर्त के भीतर रखा गया है, जिसे हिंदू परंपरा में अत्यंत शुभ और सिद्ध समय माना जाता है।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 से 12:30 बजे तक रहेगा और इसी अवधि में केसरिया ध्वज शिखर पर पहुंचेगा।

विहिप (VHP) के प्रवक्ता शरद शर्मा के अनुसार,
“धर्म ध्वज आरोहण पूरी तरह शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीचे से बटन दबाएंगे, जिसके साथ ही मशीनयुक्त रस्सी के माध्यम से ध्वज शिखर तक पहुंचेगा। पूरे प्रक्रिया में लगभग 4 मिनट का समय लगेगा।”

ध्वजदंड की ऊंचाई 30 फीट है, जो मंदिर के गर्भगृह से लेकर शिखर तक एकता, परंपरा और दैवीय सत्ता का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करता है।


कैसे होगा ध्वजारोहण? तकनीक और परंपरा का संगम

इस समारोह में विशेष तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जिस बटन को दबाएंगे, उसके सक्रिय होते ही मंदिर के शिखर की ओर रस्सियों से जुड़ा स्वचालित तंत्र चलेगा। यह एक बड़ा ध्वज, जिसे लोग आमतौर पर ‘धर्म ध्वजा’ या ‘ध्वज पताका’ के रूप में जानते हैं, 161 फीट ऊंचे शिखर तक 4 मिनट की नियंत्रित गति से ले जाएगा।

इस ध्वज में प्रयुक्त कपड़ा अत्यंत मजबूत, मौसम प्रतिरोधी और आध्यात्मिक सौंदर्य से भरपूर बताया जा रहा है। धर्म ध्वज का रंग केसरिया है, जो परंपरागत रूप से त्याग, वीरता, आध्यात्मिक उत्कर्ष और राष्ट्र की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

ध्वज पर बने तीन प्रतीक —

  • सूर्य देव का तेज,
  • कोविदार वृक्ष,
  • और ॐ का पावन मंत्र
    श्रीराम की दिव्य परंपरा और वैदिक संस्कृति के तीन आधार स्तंभ माने जाते हैं।

ढाई घंटे का भव्य समारोह: हजारों देवपुत्र, संत और श्रद्धालु होंगे सहभागी

धर्म ध्वजारोहण समारोह करीब ढाई घंटे तक चलेगा। मंदिर परिसर में इसकी विशेष तैयारियां की गई हैं।

  • मुख्य पंडाल में संतों और आमंत्रित अतिथियों के लिए बैठने की व्यवस्था
  • सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था
  • विशाल LED स्क्रीन पर लाइव टेलीकास्ट
  • मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में स्पेशल पार्किंग, यातायात नियंत्रण

अयोध्या प्रशासन के अनुसार, इस अवसर पर हजारों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे हैं। शहर को त्योहारों जैसा सुसज्जित किया गया है — मुख्य मार्गों पर केसरिया झंडियां, फूलों की सजावट और रामायण थीम पर आधारित होर्डिंग्स लगाई गई हैं।


मंदिर निर्माण का नया अध्याय

तीन मंजिला श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण का कार्य तेजी से पूरा हो रहा है। गर्भगृह में विराजमान रामलला की वंदनवार, परिक्रमा मार्ग, मंदिर के स्तंभों और नक्काशियों पर अंतिम स्पर्श दिया जा रहा है।

मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि ध्वजारोहण के साथ मंदिर के आध्यात्मिक और स्थापत्य निर्माण का नया अध्याय शुरू हो रहा है।

ध्वज शिखरारोहण को ‘मंदिर की आत्मा का जागरण’ माना जाता है — यह वह क्षण है जब मंदिर आध्यात्मिक रूप से संपूर्ण और दिव्य कहलाता है।


अयोध्या में सुरक्षा व यातायात की विशेष व्यवस्था

प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां उच्च सतर्कता मोड पर हैं।

  • एनएसजी और एसपीजी की टीमों ने मंदिर परिसर को सुरक्षित किया है
  • ड्रोन निगरानी
  • शहर में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
  • यातायात को विभिन्न रूटों पर डायवर्ट किया गया है

श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सहायता, जलपान और जनसुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।


भावनात्मक माहौल, आस्था का महासंगम

धर्म ध्वजारोहण के इस ऐतिहासिक अवसर पर अयोध्या में उत्सव जैसा माहौल है।

  • कई श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन से पहले सरयू स्नान किया
  • मंदिर गलियारे में लगातार रामधुन गूंज रही है
  • स्थानीय कलाकार लोकधुनों और धार्मिक गीतों की प्रस्तुतियां दे रहे हैं

अयोध्या पहाड़ा, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी और कनक भवन के आसपास माहौल अत्यंत भक्तिमय है।


क्यों महत्वपूर्ण है यह ध्वजारोहण?

हिंदू वास्तुशास्त्र के अनुसार, मंदिर का शिखर सदैव धर्म ध्वज से सुशोभित रहता है।
ध्वज —

  • मंदिर की आध्यात्मिक पहचान,
  • देवता के तेज का प्रतिनिधित्व,
  • और धर्म की अखंडता का प्रतीक माना जाता है।

राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराना उन करोड़ों लोगों के लिए भावनात्मक क्षण है, जिन्होंने दशकों तक इस दिन की प्रतीक्षा की है।


अंत में…

आज का दिन अयोध्या के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो जाएगा। जब प्रधानमंत्री मोदी के हाथों श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराया जाएगा, तब यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं होगा— यह एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण, आस्था की विजय, और एक युग की प्रतीक्षित पूर्णता का प्रतीक बनकर उभरेगा।

अयोध्या में आज धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विराट संगम देखने को मिलेगा।

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