By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: बिहार विधानसभा चुनाव: विजयी उम्मीदवारों को 60,000 से लेकर 1.5 लाख तक वोट मिले, निर्वाचन आयोग ने दी जानकारी
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > बिहार विधानसभा चुनाव: विजयी उम्मीदवारों को 60,000 से लेकर 1.5 लाख तक वोट मिले, निर्वाचन आयोग ने दी जानकारी
देशफीचर्ड

बिहार विधानसभा चुनाव: विजयी उम्मीदवारों को 60,000 से लेकर 1.5 लाख तक वोट मिले, निर्वाचन आयोग ने दी जानकारी

The Hill India News
Last updated: November 20, 2025 1:43 am
The Hill India News
Published: November 20, 2025
Share
SHARE

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जारी बहस के बीच निर्वाचन आयोग (ईसी) ने बुधवार को स्पष्ट किया कि हाल ही में हुए चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के विजयी उम्मीदवारों को 60 हजार से लेकर 1.5 लाख तक वोट मिले हैं। आयोग ने यह जानकारी ऐसे समय में साझा की है, जब कुछ राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष उम्मीदवारों को कथित रूप से “एक जैसे”—लगभग 1.22 लाख वोट मिलने का आरोप लगा रहे हैं।

निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बिहार जैसे बड़े और जनसंख्या घनत्व वाले राज्य में विधानसभा सीटों की जनसांख्यिकी, क्षेत्रफल, मतदाता संख्या और मतदान प्रतिशत हर निर्वाचन क्षेत्र में अलग-अलग है। ऐसे में विजयी उम्मीदवारों के वोटों में व्यापक अंतर आना स्वाभाविक है। आयोग ने कहा कि 60,000 से लेकर 1.5 लाख तक का वोट शेयर कई कारकों के अनुसार बदलता है—जैसे स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार की लोकप्रियता, दल का आधार, मतदान प्रतिशत और चुनावी मुकाबले की प्रतिस्पर्धा।

आयोग ने यह स्पष्ट किया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता संख्या 2.5 लाख से अधिक है, जबकि कुछ छोटे क्षेत्रों में यह संख्या अपेक्षाकृत कम है। इस भिन्नता के कारण वोटों का अंतर बढ़ा हुआ दिखाई दे सकता है। ईसी अधिकारियों ने कहा कि “1.22 लाख वोट” जैसी संख्या किसी भी बड़े राज्य के चुनाव में असामान्य नहीं है, क्योंकि कई सीटों पर औसत मतदान 50–70 प्रतिशत के बीच रहता है। ऐसे में लगभग एक लाख या उससे अधिक वोट प्राप्त करना एक सामान्य चुनावी पैटर्न का हिस्सा है।

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब कुछ विपक्षी दल सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ़्रेन्स के माध्यम से यह आरोप लगा रहे थे कि भाजपा के कई प्रमुख उम्मीदवारों को लगभग बराबर संख्या में वोट मिले हैं, जो “संदेह पैदा करता है।” हालांकि निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को तथ्यों के विपरीत बताया और कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं तकनीकी निगरानी के साथ संपन्न की जाती है। आयोग ने दोहराया कि सभी ईवीएम, वीवीपैट और गिनती प्रक्रिया कड़े प्रोटोकॉल, सीसीटीवी निगरानी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ही पूरी की जाती है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि बिहार के कई निर्वाचन क्षेत्रों में त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबले हुए, जिसके कारण वोटों का विभाजन व्यापक रहा। इस वजह से कई सीटों पर विजयी उम्मीदवारों को 60 से 80 हजार के बीच वोट मिले, जबकि कुछ उच्च जनसंख्या वाले शहरी-ग्रामीण मिश्रित क्षेत्रों में विजेताओं को 1 लाख से अधिक वोट हासिल हुए।

चुनाव विश्लेषकों के अनुसार, बिहार का चुनावी भूगोल हमेशा से विविध रहा है—उत्तर बिहार, मगध, सीमांचल और दक्षिण बिहार की राजनीतिक प्राथमिकताएँ, जातिगत समीकरण, सामाजिक संरचना और प्रत्याशी चयन हर क्षेत्र में चुनाव परिणामों को अलग-अलग ढंग से प्रभावित करते हैं। इसी कारण वोटों की संख्या में अंतर काफी सामान्य है।

निर्वाचन आयोग ने सभी दलों से अपील की है कि वे असत्यापित दावों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से बचें, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संस्थानों पर अनावश्यक अविश्वास पैदा होता है। आयोग ने कहा कि कोई भी पार्टी या उम्मीदवार यदि किसी विसंगति का दावा करता है, तो वह उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करा सकता है, जिसे आयोग तकनीकी परीक्षण और प्रोटोकॉल के साथ जांचता है।

आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुए हैं। इसमें ईवीएम एवं वीवीपैट के उपयोग से लेकर सुरक्षा व्यवस्थाओं और गिनती प्रक्रिया तक सभी चरणों में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई थी। आयोग ने दोहराया कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर संदेह बनाने वाले आरोपों को तथ्यों के साथ देखा जाना चाहिए, न कि अनुमानों के आधार पर।

यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में वोटों के अंतर को लेकर राजनीतिक जुबानी जंग तेज हो गई है। हालांकि आयोग के नवीनतम स्पष्टीकरण के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि वोटों की संख्या में विविधता चुनावी प्रक्रिया की सामान्य विशेषता है और इससे किसी प्रकार की अनियमितता का संकेत नहीं मिलता।

You Might Also Like

यूपी में गंगा-यमुना का रौद्र रूप! प्रयागराज से गाजीपुर तक बाढ़ का खतरा, 18 जिलों में रेड अलर्ट; स्कूल बंद, घाट-मंदिर जलमग्न
जल जीवन मिशन में लापरवाही पर अधीक्षण अभियंता निलंबित, सीएम धामी ने कुमाऊं समीक्षा बैठक में लिया सख्त एक्शन
गुजरात मे 4 साल की मासूम से दरिंदगी, स्‍टेशन से अगवा कर रेप किया, पुलिस कस्‍टडी मे आरोपी की मौत
केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने लिए 7 बड़े फैसले, नई रेल लाइन सहित सेमीकंडक्टर यूनिट को मिली मंजूरी
दिल्ली के मॉडल टाउन में भरभराकर गिरी बिल्डिंग, हादसे में कई लोग दबे
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्डमौसम

10 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें; टिहरी में रिंग रोड का पुश्ता ढहा, पिथौरागढ़-बागेश्वर में 34 सड़कें बंद

The Hill India News
The Hill India News
September 8, 2026
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान जारी! 32वें दिन भी करोड़ों की कमाई, ₹2 करोड़ की फिल्म ने पार किया ₹130 करोड़ का आंकड़ा
पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार रामानुज के तेवर सख्त, बोला—“न पछतावा है, न माफी मांगूंगा”; ‘शुगर डैडी’ को भी धमकी देने का दावा
मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम में 20 नाली जमीन की कथित फर्जी बिक्री से हड़कंप, पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए नौकरी छोड़ तहसील के चक्कर काट रहा परिवार
“सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी”… राम वन गमन पथ की बदहाली पर डिप्टी सीएम के बयान से मचा बवाल
दुर्गा पूजा में मछली-मांस पर बवाल! धीरेंद्र शास्त्री की अपील पर बंगाल बीजेपी ने कहा—‘बंगाली वही खाएंगे, जो पीढ़ियों से खाते आए हैं’
मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरमाई, मुकदमों और वाहन जब्ती के आरोप पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान—“अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे”
450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?