By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: पूर्व भारतीय राजनयिकों ने शेख हसीना को, मौत की सजा सुनाए जाने की करी कड़ी निंदा
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > फीचर्ड > पूर्व भारतीय राजनयिकों ने शेख हसीना को, मौत की सजा सुनाए जाने की करी कड़ी निंदा
फीचर्डविदेश

पूर्व भारतीय राजनयिकों ने शेख हसीना को, मौत की सजा सुनाए जाने की करी कड़ी निंदा

The Hill India News
Last updated: November 18, 2025 1:40 am
The Hill India News
Published: November 18, 2025
Share
Photo: PTI
SHARE

नई दिल्ली: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को विशेष न्यायाधिकरण द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। भारत के कई पूर्व राजनयिकों और दक्षिण एशियाई कूटनीति के जानकारों ने सोमवार को इस निर्णय को “चिंताजनक” और “राजनीतिक रूप से खतरनाक” बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से बांग्लादेश में पहले से मौजूद राजनीतिक ध्रुवीकरण और गहरा सकता है, जो देश की स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर संकेत है।

Contents
“बांग्लादेश बेहद ध्रुवीकृत हो चुका है”—पूर्व भारतीय उच्चायुक्तअन्य पूर्व राजनयिकों ने भी जताई गहरी चिंताक्षेत्रीय सुरक्षा पर असर की आशंकाशेख हसीना की विरासत और विवादअंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा

“बांग्लादेश बेहद ध्रुवीकृत हो चुका है”—पूर्व भारतीय उच्चायुक्त

वर्ष 2003 से 2006 तक ढाका में भारत की उच्चायुक्त रहीं वीना सीकरी ने न्यायाधिकरण के अधिकारों पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) का गठन केवल 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़े युद्ध अपराधों की सुनवाई के लिए किया गया था, न कि किसी पूर्व प्रधानमंत्री या राजनीतिक नेता पर मुकदमा चलाने के लिए।

वीना सीकरी ने कहा,
“आईसीटी को एक पूर्व प्रधानमंत्री पर मुकदमा चलाने का क्या अधिकार है? यह संस्था विशेष रूप से 1971 के युद्ध अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए बनी थी। इसका राजनीतिक उपयोग बेहद खतरनाक मिसाल है।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से बांग्लादेश में “न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता” पर सवाल खड़े होते हैं।

अन्य पूर्व राजनयिकों ने भी जताई गहरी चिंता

भारत के अन्य वरिष्ठ पूर्व राजनयिकों ने भी इस फैसले की आलोचना की। उनका कहना है कि शेख हसीना के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया “राजनीति से प्रेरित” लगती है और यह पड़ोसी देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर सकता है।

एक पूर्व राजदूत ने कहा,
“बांग्लादेश की राजनीति पिछले कुछ वर्षों से अत्यधिक ध्रुवीकृत रही है। इस तरह के फैसले आग में घी डालने का काम करेंगे और देश में अस्थिरता और बढ़ सकती है।”

कूटनीति विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति पर असर पड़ेगा बल्कि दक्षिण एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर भी प्रभाव हो सकता है, जिसमें भारत-बांग्लादेश संबंध विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर की आशंका

कई सुरक्षा विश्लेषकों को चिंता है कि बांग्लादेश में उथल-पुथल बढ़ने से सीमा क्षेत्रों में गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं और अवैध प्रवासन, कट्टरपंथ तथा अशांति जैसे मुद्दों में तेजी आ सकती है। भारत के लिए यह स्थिति “रणनीतिक चिंता” बन सकती है।

विशेषज्ञों ने कहा कि भारत को अपने पड़ोसी राष्ट्र के हालात पर सतर्क नजर रखनी होगी और “राजनीतिक प्रतिशोध की जगह लोकतांत्रिक संवाद” की आवश्यकता पर जोर देना होगा।

शेख हसीना की विरासत और विवाद

चार बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना को देश के आर्थिक विकास, चरमपंथ पर नियंत्रण और भारत के साथ मजबूत संबंधों के लिए जाना जाता है। हालांकि विपक्ष लंबे समय से उनके शासन को “सत्तावादी” बताते हुए चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाता रहा है।

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि एक पूर्व प्रधानमंत्री को मौत की सजा सुनाया जाना “एक बेहद असामान्य, अस्थिर करने वाला और ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व” कदम है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा

भारत, संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थानों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और मानवाधिकार संगठनों की सक्रियता आने वाले दिनों में बढ़ सकती है।

You Might Also Like

भारतीय राजनीति के ‘वैचारिक रंगमंच’ का एक अध्याय समाप्त: नहीं रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के सीनियर नेता केपी उन्नीकृष्णन
हमास चीफ इस्माइल हानिया के मारे जानें के बाद, अब सीरिया में अमीर अली हाजीज़ादेह को ढेर करने का दावा
कमलनाथ-नकुलनाथ के साथ-साथ ये नेता भी छोड़ सकते है कांग्रेस का हाथ, जाएंगे BJP में
Uttarakhand: जनजाति समाज के उत्थान के लिए संकल्पबद्ध धामी सरकार
तमिलनाडु : महात्मा गांधी के आदर्श आज और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं- प्रधानमंत्री मोदी
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

J&K में सियासी भूचाल: उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा- ‘NC विधायक को तोड़ने के लिए मिला ₹30 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर’, BJP का पलटवार

The Hill India News
The Hill India News
July 11, 2026
देहरादून में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शंखनाद: उत्तराखंड बना केंद्र का पहला साझीदार, सीएम धामी और किरेन रिजिजू ने बढ़ाया शिल्पकारों का मान
सहसपुर में बोले सीएम धामी- सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेगी जनता, अब खुद उनके द्वार पहुंचेगी सरकार
जमानत मिलते ही हैवान बना POCSO का आरोपी: तेलंगाना में पत्नी, दो मासूम बच्चों और पीड़िता समेत 6 लोगों की बेरहमी से हत्या, दहला रंगा रेड्डी
भवाली नरेश पांडे कांड में नया मोड़: मूल पीड़िता को ही पुलिस ने बनाया आरोपी, अदालत ने रिमांड अर्जी खारिज कर दी जमानत
ऑकलैंड में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, भारत-न्यूजीलैंड FTA को बताया ऐतिहासिक मील का पत्थर
मौसम का यू-टर्न: झमाझम बारिश के बाद अब बदलने वाला है मिजाज, जानिए आपके राज्य में कैसी है मॉनसून की स्थिति
सुप्रीम कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा: याचिकाकर्ता ने खुद को बताया ‘सॉवरेन’, जजों को कहा ‘न्यायिक सेवक’; हवा में कागज़ उछालने पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
देहरादून की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक से मिलेगी मुक्ति: डीएम डॉ. आशीष चौहान सख्त, जाम और पार्किंग के लिए बनेगा ‘माइक्रो लेवल प्लान’
ग्लोबल टूरिज्म मैप पर चमकेगी टिहरी झील: हाई पॉवर कमेटी की बैठक में ब्लूप्रिंट तैयार, दिखेंगे उत्तराखंड के लोक-रंग
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?