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Uttarakhand: हरिपुरकला में मुख्यमंत्री धामी ने लिया संत समाज का आशीर्वाद, प्रदेश की शांति-सद्भाव के लिए दोहराया संकल्प

हरिद्वार/देहरादून, 15 नवंबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिपुरकला स्थित उत्तम ध्यान आश्रम का दौरा किया, जहां उन्होंने अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जी से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान न केवल संत परंपरा का आदर व्यक्त किया, बल्कि प्रदेश की शांति, सुख-समृद्धि और सामाजिक सौहार्द के प्रति अपने संकल्प को भी पुनः दोहराया।


सादगीपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री धामी के आगमन पर आश्रम परिसर में शांत, अनुशासित और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। उत्तम स्वामी जी ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया। दोनों के बीच लगभग आधे घंटे चली इस भेंट में प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत, सामाजिक समरसता और उत्तराखंड की संत परंपरा की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री धामी ने महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जी की कुशलक्षेम पूछी और राज्य के भविष्य, युवाओं के मार्गदर्शन तथा समाज में सकारात्मक वातावरण के निर्माण को लेकर संत समाज के योगदान की सराहना की।


प्रदेश की शांति और सद्भाव सर्वोपरि — मुख्यमंत्री धामी

महामंडलेश्वर से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आध्यात्मिक भूमि है और संत समाज का आशीर्वाद राज्य को दिशा और शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा—

“उत्तराखंड शांति, तप और त्याग की धरा है। हमारा लक्ष्य प्रदेश को सामाजिक सौहार्द, आध्यात्मिक उत्थान और समग्र विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है। संत समाज का मार्गदर्शन हमारे लिए हमेशा प्रेरणादायक रहा है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार हर स्तर पर समाज में एकता और समन्वय को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।


आश्रम में संतजनों और श्रद्धालुओं का उत्साहपूर्ण स्वागत

मुख्यमंत्री के आगमन पर आश्रम परिसर में मौजूद संतजनों एवं श्रद्धालुओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। कई संतों ने मुख्यमंत्री से राज्य के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। श्रद्धालुओं में मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात को लेकर खासा उत्साह देखा गया।

आश्रम के सेवकों और अनुयायियों ने मुख्यमंत्री को आश्रम की गतिविधियों, ध्यान साधना कार्यक्रमों और सामाजिक सेवाओं से संबंधित जानकारी भी दी।


उत्तम ध्यान आश्रम: आध्यात्मिकता और साधना का केंद्र

हरिद्वार के समीप हरिपुरकला में स्थित उत्तम ध्यान आश्रम क्षेत्र में प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्रों में से एक है। अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जी के मार्गदर्शन में यह आश्रम योग, ध्यान, अध्यात्म और सेवा के सिद्धांतों पर कार्य करता है।

आश्रम में विशेष ध्यान साधना शिविर, युवाओं के लिए आध्यात्मिक जागरण कार्यक्रम और सामाजिक सेवा अभियानों का संचालन होता है। मुख्यमंत्री की यह यात्रा प्रदेश के आध्यात्मिक संस्थानों के प्रति सम्मान और उनके योगदान की पुनः पुष्टि के रूप में देखी जा रही है।


राजनीतिक नहीं, आध्यात्मिक संवाद पर केंद्रित रही मुलाकात

आश्रम के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर के बीच हुई बातचीत पूरी तरह आध्यात्मिक, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर केंद्रित रही। किसी प्रकार के राजनीतिक एजेंडे की चर्चा नहीं की गई। यह मुलाकात आध्यात्मिक परंपरा, सामाजिक एकता और राज्य की समग्र शांति पर केंद्रित रही।

विशेषज्ञ मानते हैं कि उत्तराखंड में आध्यात्मिक नगरी हरिद्वार और उसके विभिन्न अखाड़ों व आश्रमों के बीच इस प्रकार की मुलाकातें संत समाज और सरकार के मध्य सकारात्मक संबंधों को मजबूत करती हैं।


धार्मिक क्षेत्रों में सरकार की सक्रियता का संकेत

मुख्यमंत्री धामी पिछले कुछ महीनों से राज्य के विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्रों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं। इससे यह संदेश स्पष्ट होता है कि सरकार प्रदेश के धार्मिक-सांस्कृतिक ढांचे को संरक्षित और सशक्त करने के प्रति गंभीर है।
हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्री-केदार और अन्य तीर्थ स्थलों के विकास को लेकर भी सरकार कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री का उत्तम ध्यान आश्रम पहुंचना इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।


संत समाज ने राज्य की प्रगति के लिए दिया आशीर्वाद

भेंट के दौरान संतजनों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश की शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए आशीर्वाद दिया। कई संतों ने कहा कि उत्तराखंड की उन्नति में आध्यात्मिक शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार यदि संत समाज के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगी तो राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जी ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा—

“जनसेवा सबसे बड़ी साधना है। राज्य की उन्नति और जनकल्याण के लिए आपका प्रयास सराहनीय है। ईश्वर आपको सफलता और शक्ति प्रदान करे।”


आस्था और प्रशासन का समन्वय

मुख्यमंत्री धामी की यह यात्रा केवल औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि राज्य की आध्यात्मिक धरोहर के प्रति सम्मान का प्रतीक थी। उत्तराखंड जहां निरंतर विकास की दिशा में नए कदम बढ़ा रहा है, वहीं संत समाज का मार्गदर्शन उसका नैतिक बल माना जाता है। उत्तम ध्यान आश्रम में हुई यह सौहार्दपूर्ण मुलाकात प्रदेश में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक एकता के संदेश को और मजबूत करती है।

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