By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड के चमोली में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.4
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड के चमोली में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.4
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड के चमोली में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.4

The Hill India News
Last updated: October 28, 2025 2:55 am
The Hill India News
Published: October 28, 2025
Share
Image Source: File
SHARE

चमोली / देहरादून, 28 अक्टूबर: उत्तराखंड के पहाड़ी जिले चमोली में सोमवार शाम भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 मापी गई और इसका केंद्र धरातल से लगभग पांच किलोमीटर की गहराई में था।

Contents
लोग घरों से बाहर निकले, प्रशासन ने जारी की अपीलराष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की रिपोर्टभूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है चमोलीजोशीमठ के लोग रहे सतर्कराज्य आपदा प्रबंधन विभाग सक्रियहल्के भूकंप भी चेतावनी का संकेतसोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें, प्रशासन ने दी चेतावनीफिलहाल स्थिति सामान्य

भूकंप के झटके कल शाम को लगभग 6 बजकर 45 मिनट (पौने सात बजे) के आसपास महसूस किए गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए दहशत फैल गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।


लोग घरों से बाहर निकले, प्रशासन ने जारी की अपील

जैसे ही झटके महसूस हुए, कई इलाकों में लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। चमोली नगर, जोशीमठ, गैरसैंण, घाट और कर्णप्रयाग क्षेत्र में लोगों ने हल्के झटके महसूस किए।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया —

“भूकंप के झटके हल्के थे। किसी तरह की क्षति की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात की निगरानी कर रहा है। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।”

उन्होंने कहा कि राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें सक्रिय हैं और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।


राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार बताया कि भूकंप का केंद्र चमोली जिले के भीतर स्थित था, जिसकी गहराई लगभग 5 किलोमीटर रही।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तीव्रता का भूकंप स्थानीय स्तर पर हल्के झटके पैदा करता है, लेकिन इससे आमतौर पर बड़े पैमाने पर नुकसान की संभावना नहीं होती।

भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में इस तरह के हल्के भूकंप सामान्य हैं, क्योंकि यह इलाका भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में आता है।


भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है चमोली

उत्तराखंड का चमोली जिला भूकंपीय जोन-5 में आता है, जो देश के सबसे संवेदनशील जोनों में से एक है।
यह इलाका हिमालय की टेक्टॉनिक प्लेटों के बीच स्थित है, जहाँ भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से लगातार टकरा रही है। इस भूगर्भीय गतिविधि के कारण प्रदेश में समय-समय पर हल्के या मध्यम दर्जे के भूकंप आते रहते हैं।

भूकंप विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. चौहान के अनुसार,

“उत्तराखंड का भूगर्भीय ढांचा लगातार दबाव में है। भले ही 3.4 तीव्रता का भूकंप हल्का माना जाता है, लेकिन बार-बार आने वाले झटके यह संकेत देते हैं कि धरातल के भीतर तनाव (Seismic Stress) बढ़ रहा है। ऐसे में आपदा प्रबंधन की तैयारी हमेशा मजबूत रहनी चाहिए।”


जोशीमठ के लोग रहे सतर्क

गौरतलब है कि चमोली जिला पहले से ही जोशीमठ भू-धंसाव (Land Subsidence) जैसी घटनाओं को लेकर संवेदनशील बना हुआ है।
भूकंप के झटकों के बाद जोशीमठ और आस-पास के गांवों में लोग सतर्क हो गए।
स्थानीय निवासी मोहन सिंह नेगी ने बताया —

“जैसे ही दीवारें हिलीं, हम तुरंत बाहर निकल आए। कुछ देर तक सभी लोग मैदान में रहे। डर जरूर लगा, लेकिन जल्द ही सब सामान्य हो गया।”

जोशीमठ प्रशासन ने बताया कि किसी भी भवन में दरार या नई क्षति की सूचना नहीं मिली है। टीमों को क्षेत्र का सर्वे करने के लिए भेजा गया है।


राज्य आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने बताया कि घटना के तुरंत बाद सभी जिलों को “स्थिति पर नजर रखने” और आपातकालीन संपर्क तंत्र सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा —

“सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राहत और बचाव टीमों को तैयार रखें। अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन निगरानी जारी रहेगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने घरों में आपातकालीन किट (टॉर्च, बैटरी, प्राथमिक चिकित्सा, और जरूरी दस्तावेज) हमेशा तैयार रखनी चाहिए।


हल्के भूकंप भी चेतावनी का संकेत

विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही 3.4 तीव्रता का भूकंप हल्का माना जाता है, लेकिन बार-बार ऐसे झटके यह याद दिलाते हैं कि उत्तराखंड का भूभाग भूगर्भीय रूप से अत्यंत सक्रिय है।
2019 से अब तक राज्य में 5 से अधिक बार 3 से 4.5 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं।

आईआईटी रुड़की के वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के शोधकर्ता डॉ. नीरज गुप्ता बताते हैं —

“यह इलाका मुख्य हिमालयी फॉल्ट लाइन (Main Himalayan Thrust) पर स्थित है। यहां माइक्रो सीस्मिक गतिविधियां लगातार होती रहती हैं। हमें छोटे भूकंपों को भी गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यह भविष्य के बड़े झटकों के संकेत हो सकते हैं।”


सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें, प्रशासन ने दी चेतावनी

भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। कुछ यूजर्स ने “भूकंप दोबारा आने वाला है” जैसी झूठी पोस्ट साझा कीं।
इस पर चमोली पुलिस ने तत्काल बयान जारी कर कहा —

“कृपया किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और सभी नागरिक सुरक्षित हैं।”


फिलहाल स्थिति सामान्य

रात तक पूरे जिले में स्थिति सामान्य हो गई थी। लोग अपने घरों में लौट आए और बिजली, संचार या सड़कों को किसी तरह की क्षति नहीं हुई। प्रशासन ने कहा कि निगरानी टीमें अगले 24 घंटे तक सक्रिय रहेंगी ताकि किसी भी आफ्टरशॉक या द्वितीयक प्रभाव का समय रहते पता लगाया जा सके।

उत्तराखंड का चमोली एक बार फिर धरती की हलचल का गवाह बना, लेकिन इस बार राहत रही कि किसी नुकसान की खबर नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि भूकंप से बचाव तैयारी (Earthquake Preparedness) ही सबसे बड़ी सुरक्षा है —और यह तैयारी प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों को भी करनी चाहिए।

You Might Also Like

दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित हों: मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम
AR Rahman
New Delhi: हत्या का आरोपी साहिल की कोर्ट में पेशी आज, पुलिस कर सकती है रिमांड बढ़ाने की मांग
इस यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पदों पर निकली हैं नौकरियां, इस तारीख तक कर सकते है आवेदन
कर्नाटक हाई कोर्ट ने रेप पीड़िता से शादी के लिए, ये शर्त रखते हुए आरोपी को 15 दिन की दी जमानत
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
दिल्लीफीचर्ड

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर: क्या बदलेगा विरोध प्रदर्शन का केंद्र? केंद्र सरकार से मांगा जवाब

The Hill India News
The Hill India News
August 3, 2026
बृज भूषण शरण सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट से बरी होने के बाद बोले— “अगर एक भी आरोप साबित होता तो खुद फांसी पर लटक जाता”
ऐतिहासिक फैसला! राष्ट्रपति मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक कानून को दी मंजूरी, अब 2 महीने में जांच, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की जेल
गलत नंबर पर हो गया मोबाइल रिचार्ज? घबराएं नहीं! Airtel और Jio यूजर्स ऐसे वापस पा सकते हैं अपने पैसे, जानिए पूरा प्रोसेस
संसद के ‘भगवा प्रदर्शन’ पर कानूनी शिकंजा: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
सृष्टि कंडारी मौत मामला: अब CB-CID करेगी हर पहलू की जांच, सीएम धामी के बड़े फैसले से बढ़ी न्याय की उम्मीद; देवप्रयाग विधायक की मांग पर हुई कार्रवाई
देहरादून की चर्चित सृष्टि कंडारी मौत मामला: पति और ननद गिरफ्तार, सास की भूमिका जांच के घेरे में; वीडियो बना जांच का सबसे अहम सबूत
E20 फ्यूल पर देशभर में सियासी घमासान: केजरीवाल ने सरकार के सामने रखीं 3 बड़ी मांगें, कहा- ‘शुद्ध पेट्रोल का विकल्प दो, E20 सस्ता करो’
यूपी पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: लखनऊ से वाराणसी और गोरखपुर तक 15 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले, कई ADG को मिली नई जिम्मेदारी
मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह पर प्रशासन का एक्शन: अंतिम नमाज स्थल भी हटाया गया, विरोध में सड़क पर उतरा मुस्लिम समुदाय; जानिए पूरा मामला
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?