By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: धामी मॉडल से उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन बना मिसाल, पीएम मोदी का भी मिला भरपूर साथ
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > धामी मॉडल से उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन बना मिसाल, पीएम मोदी का भी मिला भरपूर साथ
उत्तराखंडफीचर्ड

धामी मॉडल से उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन बना मिसाल, पीएम मोदी का भी मिला भरपूर साथ

The Hill India News
Last updated: September 19, 2025 2:15 pm
The Hill India News
Published: September 19, 2025
Share
SHARE

देहरादून। उत्तराखंड ने पिछले चार महीनों में प्रकृति के विकराल रूप का सामना किया है। धराली से लेकर थराली, पौड़ी, टिहरी, पिथौरागढ़, हरिद्वार, देहरादून और चमोली तक मूसलधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया। हालात इतने भयावह रहे कि कई बार लोगों के मन में 2013 की त्रासदी की यादें ताजा हो गईं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग रही—समयपूर्व तैयारी, शीघ्र प्रतिक्रिया और नेतृत्व की मौजूदगी ने जान-माल के नुकसान को अपेक्षाकृत सीमित रखा।

Contents
धराली से लेकर देहरादून तक त्वरित प्रतिक्रियाग्राउंड जीरो पर मुख्यमंत्री की मौजूदगीपीएम मोदी का सहयोग और 1,200 करोड़ का पैकेजक्या है “धामी मॉडल”सर्वे में भी जनता की सराहना

यही वजह है कि अब उत्तराखंड का “धामी मॉडल” आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक रोल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।


धराली से लेकर देहरादून तक त्वरित प्रतिक्रिया

धराली में आई अचानक तबाही ने गांवों, होटलों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया। शुरुआती खबरें चिंताजनक थीं, लेकिन आपदा के तुरंत बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए।

  • हेलिकॉप्टर से जरूरी सामान की आपूर्ति
  • फंसे हुए लोगों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन
  • प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत शिविर

इन कदमों ने समय पर मदद सुनिश्चित की और पारदर्शिता के साथ राहत कार्यों को गति दी।


ग्राउंड जीरो पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी

सीएम धामी के नेतृत्व की सबसे खास बात रही उनकी ग्राउंड प्रेज़ेंस। हर आपदा के तुरंत बाद उन्होंने घटनास्थल पर जाकर हालात का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से संवाद बनाया।

हाल ही में उन्होंने देहरादून के सहस्त्रधारा, मसूरी रोड और टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। लोगों को सीधे भरोसा दिलाना और राहत कार्यों की मॉनिटरिंग ने प्रशासन की कार्यशैली में तेजी लाई।

राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को तत्काल पाँच लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की। कई जगह चेक वितरण तेजी से किया गया ताकि लोगों को आवास, प्राथमिक जरूरतें और पुनर्वास के शुरुआती खर्च में मदद मिले।


पीएम मोदी का सहयोग और 1,200 करोड़ का पैकेज

आपदा की गंभीरता देखते हुए केंद्र सरकार ने भी तेजी से कदम उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,200 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज जारी किया। इसमें सड़कों, बिजली व्यवस्था और पुनर्वास कार्यों पर खास ध्यान दिया गया।

साथ ही मृतक परिवारों और घायलों के लिए अलग राहत प्रावधान किए गए। इस सहयोग ने न केवल वित्तीय मदद दी बल्कि राज्य सरकार को पुनर्निर्माण कार्य में गति भी मिली।


क्या है “धामी मॉडल”

धामी मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है—तैयारी और त्वरित तैनाती।

  • मौसम और हाइड्रोलॉजी पर लगातार निगरानी
  • रेड और ऑरेंज अलर्ट का समय पर प्रसारण
  • SDRF, NDRF, सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच एकीकृत कंट्रोल रूम से निर्देश
  • ग्राम स्तर तक राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता
  • प्रभावितों को त्वरित चेक वितरण और दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाएं

इन सबने आपदा प्रबंधन में नए मानक तय किए।


सर्वे में भी जनता की सराहना

हालिया में एक प्रतिष्ठित न्यूज ग्रुप के सर्वे में जनता ने भी माना कि आपदा प्रबंधन में उत्तराखंड ने इस बार बेहतरीन प्रदर्शन किया। प्रभावित राज्यों में धामी मॉडल को सबसे सफल और प्रभावी बताया गया।

उत्तराखंड की हालिया आपदाएं केवल प्राकृतिक घटनाएं नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की तैयारियों की कसौटी भी रहीं। सीएम धामी के निर्णायक कदम, त्वरित राहत और केंद्र–राज्य समन्वय ने इस बार नुकसान को कम किया।

अब यह मॉडल देशभर में चर्चा का विषय है और कई राष्ट्रीय प्लेटफॉर्मों पर उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन की सराहना हो रही है। धामी सरकार के लिए यह न केवल एक चुनौती थी, बल्कि अवसर भी—प्रदेश को बेहतर आपदा प्रबंधन प्रणाली देने का।

You Might Also Like

Uttarakhand: मुआयने करने गए PWD के सुपरवाइजर पर चढ़ा रोड रोलर, गंभीर रूप से घायल
‘राष्ट्रपत्नी’ विवाद: महिला आयेाग ने अधीर रंजन को जारी किया समन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कार्रवाई करने को कहा
शिवसेना के सांसदों संग बैठक के बाद बोले PM मोदी, यह कोई राजनीतिक गठबंधन नहीं…
UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का बहुत बड़ा बयान, ‘हम बुलडोजर के सामने खड़े होंगे और उसकी …
जम्मू-कश्मीर आतंकी हमलों पर PM मोदी एक्शन में, अमित शाह और अजित डोवाल से की चर्चा
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरमाई, मुकदमों और वाहन जब्ती के आरोप पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान—“अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे”

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?