By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: नई दिल्ली: नमाज न रोकी जाए लेकिन शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित ऱखा जाए : सुप्रीम कोर्ट
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > नई दिल्ली: नमाज न रोकी जाए लेकिन शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित ऱखा जाए : सुप्रीम कोर्ट
देशफीचर्ड

नई दिल्ली: नमाज न रोकी जाए लेकिन शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित ऱखा जाए : सुप्रीम कोर्ट

Rajesh Dabral
Last updated: May 17, 2022 3:02 pm
Rajesh Dabral
Published: May 17, 2022
Share
SHARE

आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट उस क्षेत्र को सुरक्षित करे जहां शिवलिंग मिला बताया गया है. इसके साथ ही मुस्लिमों को प्रार्थना करने या धार्मिक गतिविधि के लिए प्रवेश को रोका ना जाए. सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की अदालत सील करने के आदेश को शिवलिंग क्षेत्र सुरक्षित करने तक सीमित किया. ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट उस क्षेत्र को सुरक्षित करे जहां शिवलिंग दिखा है. इसके साथ ही मुस्लिमों के प्रार्थना करने या धार्मिक गतिविधि के लिए प्रवेश को रोका ना जाए. सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की अदालत सील करने के आदेश को शिवलिंग क्षेत्र सुरक्षित करने तक सीमित किया तथा वाराणसी की कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. कोर्ट ने कहा कि हम सोचते हैं कि ये बैलेंस आदेश है.सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिका पर हिंदू पक्ष को नोटिस जारी किया है. हिंदू पक्ष के जिन याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी हुआ है, इसके अलावा यूपी सरकार, बनारस के डीएम, पुलिस कमिश्नर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बोर्ड के सभी ट्रस्टी को नोटिस जारी किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी.

इससे पहले मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई में मस्जिद कमेटी की ओर से हुजेफा अहमदी ने जिरह की. हुजेफा ने कहा, ‘ये वाद ये घोषणा करने के लिए किया गया है कि हिंदू दर्शन करने और पूजा करने के हकदार हैं. इसका मतलब मस्जिद का धार्मिक करेक्टर बदलना होगा. आप एडवोकेट कमिश्नर को इस तरह नहीं चुन सकते. वादी के सुझाए गए विकल्प पर एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति नहीं की जा सकती थी.’ उन्‍होंने कहा कि हमारे आग्रह पर चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया ने जल्द सुनवाई की मांग की. अहमदी ने कहा, ‘शनिवार और रविवार को कमीशन ने सर्वे किया. कमिश्‍नर को मालूम था कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा, इसके बावजूद सर्वे किया गया. सोमवार को वादी ने निचली अदालत में अर्जी दी कि सर्वे में एक शिवलिंग मिला है. दुर्भाग्यपूर्ण है कि ट्रायल कोर्ट ने इस पर सील करने के आदेश जारी कर दिए.’ उन्‍होंने कहा, ‘ इस तथ्य के बावजूद कि कमिश्नर द्वारा कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई थी.वादी द्वारा अर्जी कि कमिश्नर ने तालाब के पास एक शिवलिंग देखा है. यह अत्यधिक अनुचित है क्योंकि कमीशन की रिपोर्ट को दाखिल होने तक गोपनीय माना जाता है. कमीशन के सर्वे की आड़ में जगह को सील कराने की कोशिश की गई. प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट का उल्लंघन नहीं किया जा सकता. इसी तरह के सूट पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाई जा चुकी है. हमने ट्रायल कोर्ट के जज को सूचित किया था.अहमदी ने मांग की कि ट्रायल कोर्ट के आदेश को रोका जाए, ये पूरी तरह गैर कानूनी है. बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने की शिकायत पर रोक लगाता है.

अहमदी ने कहा,किसी स्थान के धार्मिक चरित्र से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. इस तरह के आदेशों में शरारत की गंभीर संभावना होती है.’ उन्‍होंने कहा कि इन सभी आदेशों पर भी रोक लगाई जाए. ये आदेश संसद के कानून के खिलाफ हैं. पहले के एक सूट पर रोक लगा दी गई थी.ये सभी आदेश अवैध हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए.इस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, ‘हम ट्रायल कोर्ट को कमीशन की नियुक्ति को लेकर लंबित अर्जी को निपटाने को कह सकते हैं. एकमात्र बिंदु, हम केवल चर्चा कर रहे हैं, आपकी चुनौती के आधार पर कि प्लेसऑफ वर्शिप एक्ट द्वारा राहत अनुदान को रोक दिया गया है. यही वह राहत है जिसे आपने आवेदन में मांगा है. हम निचली अदालत को निपटान करने का निर्देश दे सकते हैं.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम आदेश जारी करेंगे कि जिला मस्जिट्रेट उस जगह की सुरक्षा करें जहां शिवलिंग मिला है. लेकिन ये लोगों के नमाज अदा करने के रास्ते में नहीं आना चाहिए. उन्‍होंने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा-शिवलिंग कहां मिला है. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा, ‘वजूखाने में , जैसा कि मैं समझता हूं, वह जगह है जहां आप हाथ-मुंह धोते हैं और नमाज अदा करने के लिए एक अलग जगह है. मजिस्ट्रेट की चिंता यह लगती है कि यदि कुछ महत्वपूर्ण पाया जाता है, तो यहां आने वाले लोगों की वजह से परेशानी हो सकती है.’ सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से कल तक का वक्त मांगा जिसका मस्जिद कमेटी ने इसका विरोध किया और कहा कि गलत तरीके से आदेश जारी किए गए. अहमदी ने कहा कि सोमवार को वाराणसी कोर्ट ने अर्जी दाखिल करने के एक घंटे के भीतर आदेश पारित किया और वह भी एकपक्षीय. क्या निचली अदालत में कार्यवाही पर निष्पक्षता की कमी नहीं दिखती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मामले की सुनवाई 19 मई को करेंगे. हम निचली अदालत के आदेश के कुछ हिस्से पर पर रोक लगा देंगे लेकिन अगर कोई शिवलिंग मिला है तो उसका संरक्षण हो. साथ ही मुस्लिमों का भी नमाज अदा करने का अधिकार है. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि आप मामले की सुनवाई कल कीजिए. उन्‍होंने कहा कि एक कुआं है, जिसका पानी वज़ूखाना में इस्तेमाल किया जाता है. अगर इसकी अनुमति दी जाती है तो इसके अनपेक्षित परिणाम हो सकते है. इस पर अहमदी ने कहा, ‘ मुझे प्रस्तावित के आदेश पर आपत्ति है यदि आदेश शिवलिंग पाए जाने की बात होती है, तो इसका उपयोग याचिकाकर्ता अपने लाभ के लिए करेंगे.’

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘जहां बताया गया शिवलिंग मिला है अगर नमाजी वजू के दौरान उसे पैर से छूते हैं तो कानून व्यवस्था की स्थिति हो जाएगी. लिहाजा उस बताए गए शिवलिंग के चारों ओर उस पूरे क्षेत्रफल की मजबूत सीलबंदी और सुरक्षा की जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि अन्य पक्षकार यहां मौजूद नहीं हैं लिहाजा हम समुचित आदेश जारी कर रहे हैं.

You Might Also Like

पीएमओ में हलचल तेज़, पीएम मोदी से मिले राहुल गांधी; CBI निदेशक चयन और पहलगाम हमले पर चर्चा की अटकलें
भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगा जापान, रक्षा उपकरण तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग
उत्तराखण्ड : निर्धारित समय सीमा में सड़कों की मरम्मत के कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई-सीएम धामी
शुभेंदु अधिकारी की ताजपोशी तय? बंगाल में BJP अपनाएगी दो डिप्टी सीएम वाला फॉर्मूला, इन नेताओं के नाम सबसे आगे
बड़ी ख़बर: गैरसैंण में आज भाजपा विधान मंडल दल की महत्वपूर्ण बैठक
TAGGED:NamazShivlingSupreme Court
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

‘मोदी सरकार के 12 साल: विश्वास, विकास और जनकल्याण की मिसाल’, खटीमा में सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां, कहा- विश्व पटल पर मजबूत हुआ भारत

The Hill India News
The Hill India News
June 13, 2026
आस्था का सैलाब और मौसम की चुनौती: तुंगनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, चंद्रशिला ट्रैक पर दोपहर 12 बजे के बाद नो-एंट्री
राहुल गांधी के रद्द उत्तराखंड दौरे पर सियासी घमासान: सीएम धामी और कांग्रेस में ‘सुरक्षा प्रोटोकॉल’ बनाम ‘चुनावी पर्यटन’ की जंग
उत्तराखंड में लागू हुई ‘महक क्रांति नीति 2026’, चंपावत-नैनीताल में बनेगी देश की पहली ‘सिनेमन वैली’; 91,000 किसानों की बदलेगी किस्मत
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, अगले 5 दिन उत्तर भारत में आंधी-तूफान का तांडव; जानें यूपी में कब आएगा मॉनसून
आज से पीएम मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा; राफेल जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी पर टिकीं दुनिया की नजरें
लक्सर में दरिंदगी की हदें पार; मायके में घुसकर पत्नी पर कांच की बोतल से हमला, फिर सरेआम दे दिया ‘तीन तलाक’
IMA की 158वीं पासिंग आउट परेड आज, पहली बार 9 महिला कैडेट्स ‘अंतिम पग’ पार कर रचेंगी इतिहास; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी गवाह
अचानक ठप हुए फेसबुक और इंस्टाग्राम, ‘मेटा का सर्वर डाउन’ होने से दुनिया भर में मची खलबली, करोड़ों यूजर्स परेशान
‘पीएम मोदी कलयुग में भगवान का अवतार’ उत्तराखंड में धामी सरकार के मंत्री का अजीबो-गरीब  बयान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?