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The Hill India > Blog > देश > देश भर के ‘मुस्लिम संगठनों’ ने करी CAA की कड़ी निंदा, जारी बयान में कह डाली ये बात
देशफीचर्ड

देश भर के ‘मुस्लिम संगठनों’ ने करी CAA की कड़ी निंदा, जारी बयान में कह डाली ये बात

The Hill India News
Last updated: March 12, 2024 8:45 am
The Hill India News
Published: March 12, 2024
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Image Source : AP
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सीएए लागू होने के बाद देश भर के तमाम मुस्लिम संगठनों ने एक बयान जारी किया है। इस बयान के जरिए सभी संगठनों ने इस कानून को लागू किए जाने की निंदा की है। इसके साथ ही एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है। जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि ‘संगठन समानता और न्याय के बुनियादी सिद्धांतों को कमजोर करने वाले भेदभावपूर्ण कानून के खिलाफ हम अपना एकीकृत रुख व्यक्त करने के लिए यह संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर रहे हैं। हम आम चुनाव की घोषणा से ठीक पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम  2019 को लागू करने की कड़ी निंदा करते हैं।’ इन संगठनों में जमीतुल उलेमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी, जमात इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सदातुल्लाह हुसैनी, जमीयत अहले हदीस हिंद के अध्यक्ष मौलाना असगर इमाम मेहदी सलाफी और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जफरुल-इस्लाम खान सहित कई अन्य संगठनों के लोग भी शामिल रहे।

इसमें लिखा है कि ‘यह अधिनियम ऐसे प्रावधानों का परिचय देता है जो भारतीय संविधान में निहित समानता और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को नुकसान पहुंचाते हैं। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता के सामान्य सिद्धांतों का प्रतीक है और धर्म के आधार पर व्यक्तियों के बीच अनुचित भेदभाव को रोकता है। यह अधिनियम मुसलमानों को धार्मिक संबद्धता के आधार पर चुनिंदा नागरिकता प्रदान करके भारतीय संविधान द्वारा गारंटीकृत समानता और धर्मनिरपेक्षता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करने का उल्लेख करने से बचता है; इस प्रकार कानून के तहत समान व्यवहार के सिद्धांत को कमजोर किया जा रहा है। यह भेदभावपूर्ण कानून देश के सामाजिक ताने-बाने को खतरे में डालता है, जिससे समावेशिता और विविधता के मूलभूत सिद्धांत नष्ट हो जाते हैं।’

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