By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: ‘जम्मू-कश्मीर का बिना शर्त भारत में हुआ था विलय’, सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ये बात जानें….
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > ‘जम्मू-कश्मीर का बिना शर्त भारत में हुआ था विलय’, सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ये बात जानें….
देशफीचर्ड

‘जम्मू-कश्मीर का बिना शर्त भारत में हुआ था विलय’, सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ये बात जानें….

The Hill India News
Last updated: August 11, 2023 3:31 am
The Hill India News
Published: August 11, 2023
Share
Image Source: File
SHARE

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को हटाने के खिलाफ दाखिल याचिक पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने  कहा कि बिना किसी शर्त के जम्मू-कश्मीर का विलय भारत में हुआ था और यह अपने आप में परिपूर्म था। चीफ जस्टिस डी.वाई.चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अक्टूबर 1947 में पूर्व रियासत के विलय के साथ जम्मू-कश्मीर की संप्रभुता का भारत को समर्पण “परिपूर्ण” था और यह कहना “वास्तव में मुश्किल” है कि संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत पूर्ववर्ती राज्य को मिला विशेष दर्जा स्थायी प्रकृति का था।

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बी.आर.गवई और जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता है कि अनुच्छेद 370 के बाद जम्मू-कश्मीर में संप्रभुता के कुछ तत्व बरकरार रखे गए थे। चीफ जस्टिस ने कहा, “एक बात बिल्कुल स्पष्ट है कि भारत के साथ जम्मू-कश्मीर की संप्रभुता का कोई सशर्त समर्पण नहीं हुआ है। संप्रभुता का समर्पण परिपूर्ण था। एक बार जब संप्रभुता पूरी तरह से भारत में निहित हो गई, तो एकमात्र प्रतिबंध (राज्य के संबंध में) कानून बनाने की संसद की शक्ति पर था।” उन्होंने कहा, “हम अनुच्छेद 370 के बाद के संविधान को एक दस्तावेज के रूप में नहीं पढ़ सकते हैं जो जम्मू-कश्मीर में संप्रभुता के कुछ तत्वों को बरकरार रखता है।”

You Might Also Like

दिल्ली सरकार में AAP की मंत्री आतिशी ने दिया बड़ा बयान, “बीजेपी ज्वाइन नहीं की तो ये 4 नेता भी होंगे गिरफ्तार”
उत्तराखण्ड : धामी कैबिनेट से तीन मंत्रियों की छुट्टी होना तय चार नेताओं के एंट्री की चर्चाएं तेज
OTT प्लेटफार्म को नियंत्रित करने के लिए क्या कर रही है सरकार? इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ पकड़ उंगली चेक करने लगे नीतीश, अब वायरल हो रहा है ये वीडियो
उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद विपक्षी खेमे में मची हलचल; क्रॉस वोटिंग पर तृणमूल ने AAP पर साधा निशाना
TAGGED:Article 370Jammu and Kashmirmerged with IndiaSupreme Courtunconditionally
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

हिमालय की औषधीय विरासत को नई पहचान दिलाने वाले वैज्ञानिक डॉ. विजयकांत पुरोहित हुए सम्मानित: ‘कर्मयोगी सम्मान’ से बढ़ा उत्तराखंड का गौरव

The Hill India News
The Hill India News
August 5, 2026
‘गजनी’ के खतरनाक विलेन प्रदीप रावत का निधन: कैंसर से जिंदगी की जंग हारे दिग्गज अभिनेता, बॉलीवुड से साउथ तक शोक की लहर
बॉम्बे हाई कोर्ट से नितिन गडकरी को बड़ी राहत: इथेनॉल पर फेक और अपमानजनक कंटेंट हटाने का आदेश
विजय सरकार का पहला बजट: दुल्हनों को 8 ग्राम सोने का सिक्का, छात्रों को मुफ्त लैपटॉप, 5 लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग; तमिलनाडु में कल्याणकारी योजनाओं की बौछार
दिल्ली-एनसीआर में दिन में छाया अंधेरा, झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना; पूरे सप्ताह राहत की बारिश का अनुमान, IMD ने जारी किया ताजा अपडेट
संसद में हंगामे के बीच सरकार का विधायी मिशन तेज: बिना लंबी चर्चा कई अहम विधेयक पारित, अब FCRA संशोधन बिल पर टिकी निगाहें
हरिद्वार में शिवभक्तों का भव्य सम्मान: सीएम धामी ने हेलीकॉप्टर से की पुष्पवर्षा, कांवड़ियों के चरण धोकर लिया आशीर्वाद; पप्पू यादव पर भी साधा निशाना
उत्तराखंड के माल्टे को मिलेगी ऑर्गेनिक पहचान: किसानों की आय में आएगी नई उड़ान, देश-दुनिया के बाजारों तक पहुंचेगा पहाड़ का स्वाद
उत्तर प्रदेश में नमो भारत का मेगा विस्तार: खुर्जा, बागपत, हापुड़, पिलखुवा समेत 4 नए रूटों को मिल सकती है मंजूरी, दिल्ली-मेरठ के बाद बदलेगी पूरे वेस्ट यूपी की तस्वीर
मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का बड़ा कदम: परवादून में SIR अभियान हेतु 10 सदस्यीय समिति गठित, डोईवाला और ऋषिकेश में बने कंट्रोल रूम
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?