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उत्तर प्रदेशफीचर्ड

UP: योगी सरकार ईंधन कालाबाजारी के खिलाफ सख्त, प्रदेश में 23 हजार से अधिक ठिकानों पर छापेमारी; 238 FIR दर्ज

The Hill India News
Last updated: April 8, 2026 2:58 am
The Hill India News
Published: April 8, 2026
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CM Yogi
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लखनऊ | उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति में बाधा डालने वाले और कालाबाजारी करने वाले तत्वों पर नकेल कसते हुए राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 12 मार्च 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 23,250 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिसने माफिया तत्वों और अवैध जमाखोरों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

Contents
छापेमारी और कानूनी कार्रवाई: आंकड़ों में सरकार का हंटरईंधन का पर्याप्त भंडार: ‘घबराने की जरूरत नहीं’एलपीजी और पीएनजी: रसोई गैस की आपूर्ति पर पैनी नजरऔद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र को राहतकंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानीजनता की सुविधा सरकार की प्राथमिकता

छापेमारी और कानूनी कार्रवाई: आंकड़ों में सरकार का हंटर

मुख्यमंत्री के कड़े रुख का असर धरातल पर साफ दिखाई दे रहा है। शासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान अब तक कुल 238 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 27 एलपीजी वितरकों और 211 अन्य आरोपियों को कानून के शिकंजे में लिया है।

इस यूपी में ईंधन कालाबाजारी पर कार्रवाई के दौरान अब तक 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 249 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन (Prosecution) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

ईंधन का पर्याप्त भंडार: ‘घबराने की जरूरत नहीं’

छापेमारी के साथ-साथ राज्य सरकार ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से सुचारू है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जो निर्बाध रूप से सेवा दे रहे हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के पास वर्तमान में:

  • पेट्रोल: 92,000 किलोलीटर का सुरक्षित भंडार।

  • डीजल: 1.22 लाख किलोलीटर का पर्याप्त स्टॉक।

खाद्य एवं रसद विभाग ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और ईंधन का अनावश्यक भंडारण (Panic Buying) न करें। पर्याप्त स्टॉक होने के कारण सभी पंपों पर तेल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।


एलपीजी और पीएनजी: रसोई गैस की आपूर्ति पर पैनी नजर

ईंधन के साथ-साथ सरकार रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर भी मिशन मोड में काम कर रही है। प्रदेश की 4,107 गैस एजेंसियों के माध्यम से करोड़ों उपभोक्ताओं तक सिलेंडर की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।

इतना ही नहीं, योगी सरकार केंद्र के विजन को आगे बढ़ाते हुए ‘सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क’ का विस्तार कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक घरों को पाइपलाइन (PNG) से जोड़ा जाए ताकि सिलेंडर पर निर्भरता कम हो। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अब तक प्रदेश में 15.94 लाख पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जो शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा को नया आयाम दे रहे हैं।

औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र को राहत

आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। वाणिज्यिक एलपीजी (Commercial LPG) की आपूर्ति को लेकर सरकार ने 70 प्रतिशत तक सशर्त आपूर्ति की अनुमति दी है। इसमें उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जो रोजगार और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं:

  1. सेवा क्षेत्र: होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट।

  2. खाद्य प्रसंस्करण: डेयरी और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स।

  3. श्रम आधारित उद्योग: स्टील, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल सेक्टर।


कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी

व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राजधानी लखनऊ स्थित खाद्य आयुक्त कार्यालय सहित सभी 75 जिलों में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इन कंट्रोल रूम्स के जरिए हर जिले की पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिला स्तर के अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरें और पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें। यदि कहीं भी कृत्रिम किल्लत (Artificial Scarcity) पैदा करने की कोशिश पाई जाती है, तो वहां संबंधित अधिकारी और व्यापारी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।

जनता की सुविधा सरकार की प्राथमिकता

योगी सरकार की इस व्यापक कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि उत्तर प्रदेश में अब कानून का राज है और जनता के अधिकारों पर डाका डालने वाले ‘सफेदपोश’ अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। यूपी में ईंधन कालाबाजारी पर कार्रवाई का यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं हो जाती। सरकार के इन प्रयासों से न केवल कालाबाजारी पर लगाम लगी है, बल्कि आम नागरिक को भी राहत मिली है।

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