
नई दिल्ली/बेंगलुरु, 27 नवंबर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन गेमिंग मंच विंजो (WinZO) की सह-संस्थापक सौम्या सिंह राठौर और सह-संस्थापक पावन नंदा को धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि दोनों से बुधवार को ईडी के बेंगलुरु स्थित जोनल कार्यालय में कई घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद देर शाम उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में संभावित फर्जी लेनदेन, अवैध फंडिंग चैनल्स और विदेशी निवेश के संदेहपूर्ण प्रवाह की जांच कर रही थी। इसी सिलसिले में ईडी ने विंजो के कारोबार, फंडिंग पैटर्न और उसके संचालन से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन किया।
बुधवार को दोनों संस्थापकों को पूछताछ के लिए तलब किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण सवालों पर असंगत जवाब मिलने, और संदिग्ध लेनदेन की स्पष्ट व्याख्या न कर पाने के बाद दोनों की धारा 19 (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तारी की गई।
किस मामले में हो रही है जांच?
सूत्रों के अनुसार, ईडी विंजो प्लेटफॉर्म के जरिए:
- संदिग्ध डिजिटल लेनदेन
- विदेशी संस्थाओं से जुड़े निवेश पैटर्न
- गेमिंग गतिविधियों के माध्यम से उत्पन्न राजस्व की वास्तविकता
- और कुछ कथित ‘प्रॉक्सी कंपनियों’ के जरिए धन के प्रवाह
की जांच कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि कुछ फंड रूट्स का इस्तेमाल कथित तौर पर ‘लेयरिंग’ और ‘इंटीग्रेशन’ के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया हो सकता है।
हालांकि अभी तक ईडी ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामला किसी खास एफआईआर या शिकायत से जुड़ा है या फिर यह एक व्यापक सेक्टरल जांच का हिस्सा है।
विंजो की प्रतिक्रिया का इंतजार
विंजो भारत के प्रमुख ऑनलाइन गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म्स में से एक है, जिसके करोड़ों सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।
कंपनी की ओर से इस गिरफ्तारी पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उद्योग जगत में भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि ईडी द्वारा किसी बड़े गेमिंग प्लेटफॉर्म के शीर्ष नेतृत्व की गिरफ्तारी अपने आप में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पर बढ़ी निगरानी
देश में पिछले दो वर्षों से ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के संचालन, टैक्स संरचना और फंडिंग पैटर्न पर केंद्र सरकार और प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी काफी बढ़ी है।
ईडी और आयकर विभाग पहले भी कई गेमिंग ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं, जिन पर:
- अवैध लेनदेन
- गलत तरीके से अर्जित लाभ छुपाने
- विदेशी फंडिंग के नियमों का उल्लंघन
- और संदिग्ध भुगतान गेटवे के उपयोग
के आरोप लगे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से स्पष्ट होता है कि सरकार ऑनलाइन गेमिंग को लेकर वित्तीय पारदर्शिता और सख्त अनुपालन को प्राथमिकता पर रख रही है।
अगली सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद ईडी दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश करेगी, जहां एजेंसी उनकी रिमांड मांग सकती है ताकि:
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस की फॉरेंसिक जांच
- बैंक खातों की ट्रेलिंग
- और संबंधित लोगों के बयानों की पुष्टि की जा सके।
मामले की गंभीरता और विंजो के बड़े उपभोक्ता आधार को देखते हुए इस केस की हर छोटी-बड़ी गतिविधि उद्योग और कानूनी विशेषज्ञों की नजर में बनी हुई है।



