कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच, चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण और सख्त कदम उठाते हुए राज्य के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया है। यह फैसला विभिन्न चुनावी क्षेत्रों से प्राप्त रिपोर्टों और शिकायतों की गहन समीक्षा के बाद लिया गया है। मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले के दो प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों—मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर—में यह पुनर्मतदान 2 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संपन्न होगा।
किन क्षेत्रों में होगा पुनर्मतदान?
चुनाव आयोग ने जिन क्षेत्रों में पुनर्मतदान की घोषणा की है, वे काफी संवेदनशील माने जाते हैं। मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से प्राप्त विस्तृत रिपोर्टों के आधार पर ही इन मतदान केंद्रों को दोबारा मतदान के दायरे में लाया गया है।
मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र:
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46-उत्तर येअरपुर एफ.पी. स्कूल, कमरा नं. 2
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126-नजरा एफ.पी. स्कूल, कमरा नं. 1
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127-नजरा एफ.पी. स्कूल, कमरा नं. 2
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128-देउला एफ.पी. स्कूल, कमरा नं. 1
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142-घोला नयापारा गर्ल्स हाई मदरसा, कमरा नं. 2
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214-एकतारा मालय F.P. स्कूल, कमरा नं. 1
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215-एकतारा मालय F.P. स्कूल, कमरा नं. 2
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216-एकतारा मालय धोड़ा F.P. स्कूल, कमरा नं. 1
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230-बाहिरपुर कुरकुरिया F.P. स्कूल, कमरा नं. 1
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231-बाहिरपुर कुरकुरिया F.P. स्कूल, कमरा नं. 2
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232-बाहिरपुर कुरकुरिया F.P. स्कूल, कमरा नं. 3
डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र:
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117-बागदा जूनियर हाई स्कूल
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179-चंदा एफ.पी. स्कूल, कमरा नं. 2
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194-हैंडेयपुर F.P. स्कूल
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243-रायनगर F.P. स्कूल (कमरा नं. 2)
शिकायतें और निष्पक्षता के लिए उठाए गए कदम
इन सभी पोलिंग स्टेशनों पर विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। हालांकि, मतदान प्रक्रिया के दौरान कुछ गड़बड़ियों और अनियमिताओं की शिकायतें आयोग तक पहुंची थीं। इन शिकायतों की पुष्टि के लिए जब रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई, तो उन्होंने पुनर्मतदान की सिफारिश की। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण के चुनाव (जो 23 अप्रैल को संपन्न हुए थे) में ऐसी किसी भी गड़बड़ी की कोई रिपोर्ट नहीं थी और न ही वहां पुनर्मतदान की कोई सिफारिश की गई थी।
पश्चिम बंगाल में इस बार के चुनाव काफी चर्चा में हैं क्योंकि राज्य में 92 प्रतिशत से भी अधिक मतदान दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा न केवल मतदाताओं की जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को भी मजबूत करता है।
उम्मीदवारों को लिखित सूचना और प्रचार की रणनीति
चुनाव आयोग ने प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने निर्देश दिया है कि संबंधित मतदान क्षेत्रों में डुगडुगी बजाकर और अन्य पारंपरिक माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि मतदाताओं को पुनर्मतदान की तिथि के बारे में कोई संदेह न रहे।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी संबंधित उम्मीदवारों को पुनर्मतदान की तारीख और समय के बारे में लिखित रूप से सूचित किया जाए। संबंधित रिटर्निंग अधिकारी और पर्यवेक्षक को इस निर्देश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
आगामी कार्यक्रम और मतगणना की तैयारी
इस महत्वपूर्ण पुनर्मतदान प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद, सभी की निगाहें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिक जाएंगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 2 मई को मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सभी ईवीएम को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में वापस ले जाया जाएगा। 4 मई को होने वाली मतगणना के दौरान इन 15 केंद्रों के परिणाम भी अन्य केंद्रों के साथ ही घोषित किए जाएंगे।
राज्य के राजनीतिक दलों के लिए यह पुनर्मतदान बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई सीटों पर जीत और हार का अंतर बहुत कम रहने की संभावना है। ऐसे में एक-एक वोट का महत्व बढ़ जाता है। आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती का भी संकेत दिया है ताकि चुनाव प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।



