विकासनगर (देहरादून)। उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई और सहसपुर में पिछले कुछ समय से बंद पड़े मकानों को निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय चोर गिरोह का देहरादून पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) देहात की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इनके पास से करीब 40 लाख रुपये मूल्य के चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, कीमती सामान और 3 लाख 90 हजार रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की है। इस बड़ी कामयाबी से पुलिस ने क्षेत्र में सनसनी फैला रही चोरी की 5 बड़ी वारदातों का एक साथ पर्दाफाश कर दिया है।
मजदूरी की आड़ में रेकी, बंद मकानों को बनाते थे निशाना
पुलिस की गिरफ्त में आए शातिर चोरों ने पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, वे सुरक्षा के लिहाज से बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपियों ने बताया कि वे मूल रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और यहां दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे। मजदूरी से होने वाली कम आय के कारण उन्होंने रातों-रात अमीर बनने के लिए अंतरराज्यीय शातिर चोर गिरोह तैयार किया।
आरोपियों का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था। चूंकि वर्तमान में गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं और लोग अपने घरों में ताला लगाकर बाहर गए हुए हैं, आरोपी इसी का फायदा उठाते थे। वे दिन के समय सेलाकुई और सहसपुर के रिहायशी इलाकों में मजदूरी या काम ढूंढने के बहाने घूमते थे। इस दौरान वे उन मकानों को चिन्हित (रेकी) कर लेते थे, जहां कई दिनों से ताला लटका होता था। इसके बाद रात के अंधेरे में वे कटर और अन्य औजारों की मदद से ताला तोड़कर बड़ी सफाई से पूरी वारदात को अंजाम देकर रफूचक्कर हो जाते थे।
चेकिंग के दौरान धरे गए आरोपी, किराए के कमरे से खुला कुबेर का खजाना
देहरादून पुलिस को गोपनीय इनपुट मिला था कि इस गिरोह के सदस्य किसी नई और बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से सेलाकुई क्षेत्र में दोबारा दाखिल होने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मुस्तैदी दिखाई और इलाके की घेराबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर सकपका गए।
पुलिस ने जब उन्हें रोककर तलाशी ली, तो उनके पास से बैग में ताला और मजबूत ग्रिल तोड़ने वाले आधुनिक उपकरण बरामद हुए। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नीचे दी गई तालिका के अनुसार हुई है:
| आरोपी का नाम | उम्र | निवासी | वर्तमान पता (किराए का कमरा) |
| विकास | 21 वर्ष | सहारनपुर, उत्तर प्रदेश | शंकरपुर (सहसपुर), देहरादून |
| सुमित कुमार | 27 वर्ष | सहारनपुर, उत्तर प्रदेश | शंकरपुर (सहसपुर), देहरादून |
गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम जब आरोपियों की निशानदेही पर सहसपुर के शंकरपुर स्थित उनके किराए के कमरे पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। कमरे से चोरी का 40 लाख रुपये का माल और 3,90,000 रुपये नकद बरामद किए गए।
बैंक खाता सीज, पुराना आपराधिक इतिहास और पुलिस को इनाम
इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं था। गिरफ्तार किए गए आरोपी सुमित कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, उसके खिलाफ पहले भी सहसपुर (देहरादून) और हरियाणा के विभिन्न थानों में चोरी और नकबजनी के कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी विकास ने पुलिस को चकमा देने के लिए चोरी का माल बेचकर मिले 2 लाख 50 हजार रुपये अपने बैंक खाते में जमा करवा दिए थे, जिसे पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए फ्रीज (सीज) करवा दिया है।
एसपी ग्रामीण पंकज गैरोला का आधिकारिक बयान:
“सहसपुर और सेलाकुई थाना क्षेत्र जो कि मुख्य रूप से एक बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया भी है, वहां लगातार पिछले कुछ दिनों से 4-5 चोरियों की शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और एसओजी देहात को संयुक्त रूप से काम पर लगाया गया था। हमारी टीम ने बेहतरीन इनपुट और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस गिरोह के दो शातिर सदस्यों को दबोच लिया है। गिरोह में शामिल इनके एक अन्य फरार साथी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है, उसे भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
इस पेचीदा और ब्लाइंड केस का बेहद कम समय में सफल अनावरण करने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने सेलाकुई थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम की पीठ थपथपाई है। टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी की ओर से $2,500$ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई पर राहत की सांस ली है।
