
देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में इन दिनों प्रकृति के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर ऊंची चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है, वहीं निचले इलाकों और मैदानों में सूरज की तल्खी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए प्रदेश के पांच पर्वतीय जनपदों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि विभाग ने फिलहाल किसी बड़े खतरे या भारी तबाही का ‘अलर्ट’ जारी नहीं किया है।
बीते कुछ दिनों से राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के कारण तापमान में जो गिरावट आई थी, उसका असर अभी भी सुबह और शाम की हल्की ठंड के रूप में महसूस किया जा रहा है।
इन 5 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के चलते उत्तराखंड के पांच विशिष्ट जनपदों में मौसम करवट ले सकता है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों और पर्यटकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं इन इलाकों में सामान्य हैं। राज्य के अन्य पर्वतीय हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और बहुत हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
3300 मीटर से ऊपर बर्फबारी का अंदेशा
उच्च हिमालयी क्षेत्रों की बात करें तो 3300 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की प्रबल संभावना है। हाल ही में केदारनाथ धाम और बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर हुई भारी बर्फबारी ने पूरी घाटी को शीत लहर की चपेट में ले लिया है। केदारनाथ में सुरक्षा बल के जवान लगातार मुस्तैद हैं और बैरकों के आसपास जमी बर्फ को हटाकर व्यवस्थाएं सुचारू करने में जुटे हैं। ताजा उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान बताता है कि ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड अभी कुछ दिन और बरकरार रहने वाली है।
राजधानी देहरादून और मैदानी इलाकों का हाल
पहाड़ों पर जहां बारिश का दौर जारी है, वहीं राजधानी देहरादून और हरिद्वार-ऋषिकेश जैसे मैदानी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। देहरादून में आसमान साफ रहने से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
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अधिकतम तापमान: 31°C (संभावित)
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न्यूनतम तापमान: 15°C (संभावित)
देहरादून के कुछ हिस्सों में शाम के समय काले बादल विकसित हो सकते हैं और गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन मैदानी इलाकों में समग्र रूप से गर्मी का अहसास बढ़ेगा। अगले 24 से 48 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में 1 से 2°C की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
खेती और पर्यटन पर असर
मौसम में आ रहे इस बदलाव का सीधा असर कृषि और पर्यटन पर भी पड़ रहा है। मध्यम बारिश जहां पर्वतीय इलाकों की नकदी फसलों के लिए संजीवनी का काम कर सकती है, वहीं चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुटे प्रशासन के लिए बर्फबारी एक चुनौती बनी हुई है। केदारघाटी में बर्फ की मोटी परत जमने के कारण पुनर्निर्माण कार्यों की गति थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन कड़ाके की ठंड के बावजूद काम जारी है।
पर्यटकों के लिए यह समय बेहद खुशनुमा है, क्योंकि वे एक ही समय में पहाड़ों की ठंड और मैदानों की गुनगुनी धूप का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही कोई आधिकारिक अलर्ट न हो, लेकिन पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोग आकस्मिक बारिश के लिए तैयार रहें।
आगामी दिनों के लिए विभाग की राय
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के दौरान तापमान में कोई बहुत बड़ा क्रांतिकारी बदलाव नहीं होगा, लेकिन तापमान में क्रमिक वृद्धि की प्रवृत्ति बनी रहेगी। मैदानी क्षेत्रों में जहां पारा 30 डिग्री के पार जा चुका है, वहीं रातें अभी भी सुकून भरी बनी हुई हैं। उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले सप्ताह में प्रदेश के निचले इलाकों में गर्मी अपने रंग दिखाना शुरू कर देगी, जबकि पहाड़ों पर मार्च के अंत तक हल्की बारिश और बर्फबारी का सिलसिला रुक-रुक कर चलता रहेगा।
उत्तराखंड का मौसम फिलहाल संक्रमण काल (Transition Phase) में है। यदि आप पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं, तो गर्म कपड़े साथ रखना अनिवार्य है, क्योंकि चोटियों पर गिरती बर्फ घाटी के तापमान को कभी भी गिरा सकती है।


