
देहरादून: उत्तराखंड के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नववर्ष 2026 के अवसर पर राज्यवासियों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान सीएम धामी ने उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) के बेड़े में 100 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नई बसों के आने से राज्य के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी रूटों पर यात्रियों का सफर न केवल सुगम होगा, बल्कि सुरक्षित और किफायती भी बनेगा।
कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार: AC और स्लीपर बसों का तोहफा
मुख्यमंत्री ने केवल साधारण बसों को ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा के लिए 10 ए.सी. (AC) और 2 लग्जरी स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया। इस विस्तार के बाद उत्तराखंड रोडवेज अब अंतरराज्यीय रूटों पर निजी ऑपरेटरों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा:
“उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण हैं। यहाँ एक सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की रीढ़ है। ये नई बसें पर्यटन और स्थानीय व्यापार को नई गति प्रदान करेंगी।”
‘स्मार्ट मोबिलिटी’ पर जोर: GPS और सीसीटीवी से लैस होंगी बसें
तकनीकी रूप से पिछड़ रहे परिवहन निगम को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब निगम की बसों में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है।
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फ्लीट मॉनिटरिंग: सभी नई बसों में जीपीएस (GPS) सिस्टम लगाया गया है, जिससे कंट्रोल रूम से उनकी रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।
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सुरक्षा: महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन की सुविधा दी जा रही है।
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डिजिटल टिकट: ई-टिकटिंग मशीन और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प: 4 नए ISBT और 14 कार्यशालाएं
सीएम धामी ने बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए बताया कि सरकार केवल बसें नहीं खरीद रही, बल्कि स्टेशनों की स्थिति भी सुधार रही है।
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पूर्ण परियोजनाएं: अब तक 13 से अधिक नए बस अड्डों और आधुनिक कार्यशालाओं (Workshops) का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
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प्रगतिरत कार्य: राज्य के 14 अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है। इसमें 4 हाई-टेक आईएसबीटी (ISBT) का निर्माण भी शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे।
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ग्रीन ट्रांसपोर्ट: मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजना साझा करते हुए कहा कि जल्द ही निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा ताकि ‘ग्रीन उत्तराखंड’ के संकल्प को पूरा किया जा सके।
कर्मचारियों का सम्मान और कल्याण
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने निगम की स्मारिका “अनवरत” और सड़क सुरक्षा पर आधारित वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया। केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि निगम को चलाने वाले ‘मैनपावर’ पर भी सरकार ने ध्यान दिया है:
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सम्मान: कठिन परिस्थितियों में ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले कर्मठ चालकों और परिचालकों को सम्मानित किया गया।
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वेतन विसंगति: सरकार ने कर्मियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर दी हैं और डीए (DA) में भी वृद्धि की है।
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नई भर्तियां: परिवहन निगम में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर नई नियुक्तियों के माध्यम से मैनपावर की कमी को दूर किया जा रहा है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड रोडवेज के इस सुदृढ़ीकरण से चारधाम यात्रा और मानसखंड कॉरिडोर की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर परिवहन सुविधाओं से होमस्टे और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों में इजाफा होगा, जिससे राज्य की जीडीपी (GDP) को मजबूती मिलेगी।
समारोह में दिग्गजों की मौजूदगी
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ और सविता कपूर मौजूद रहीं। परिवहन विभाग की अपर सचिव और एमडी रीना जोशी ने निगम की भावी रणनीतियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
‘सेवा का माध्यम’ बनता उत्तराखंड परिवहन निगम
उत्तराखंड सरकार का यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि वह परिवहन निगम को लाभ-हानि के बजाय ‘सेवा का माध्यम’ मानती है। पारदर्शी नीतियों और आधुनिक तकनीक के समावेश से उत्तराखंड परिवहन निगम अब एक आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी संस्थान बनने की ओर अग्रसर है।



