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उत्तराखंड: उच्च शिक्षा को मिली नई मजबूती, मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने 10 नए प्रयोगशाला सहायकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

देहरादून: उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों में विज्ञान वर्ग की शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग को विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों के लिए 10 नए प्रयोगशाला सहायक (Lab Assistants) मिल गए हैं। राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) के माध्यम से प्रतीक्षा सूची से चयनित इन अभ्यर्थियों को मंगलवार को विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधिवत नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने सभी नवनियुक्त सहायकों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि प्रयोगशालाओं में होने वाला अनुसंधान और व्यावहारिक अनुभव छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है।

निष्ठा और ईमानदारी पर जोर

नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान डॉ. धन सिंह रावत ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी सेवा मात्र एक रोजगार नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपेक्षा की कि वे अपने विभागीय कार्यों और दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करेंगे।

मंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रयोगशाला सहायकों की भूमिका कॉलेज के शैक्षणिक ढांचे में रीढ़ की हड्डी के समान होती है, क्योंकि वे ही छात्रों को विज्ञान के गूढ़ सिद्धांतों को प्रयोगों के माध्यम से समझाने में सहायता करते हैं।

दुर्गम क्षेत्रों को मिली प्राथमिकता

सरकार की नीति के अनुरूप, इन सभी नवनियुक्त प्रयोगशाला सहायकों की प्रथम तैनाती प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालयों में की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को भी बेहतर संसाधन और प्रायोगिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

विषयवार चयन और तैनाती का विवरण: चयनित 10 अभ्यर्थियों में से भौतिक विज्ञान, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और भूगोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञ शामिल हैं। विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:

  • भौतिक विज्ञान (Physics): इस विषय में राकेश चंद्र बिनवाल का चयन हुआ है, जिन्हें द्वाराहाट महाविद्यालय में तैनात किया गया है।

  • जंतु विज्ञान (Zoology): इसमें तीन अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है। विमला मौनी को द्वाराहाट महाविद्यालय, पूजा को कर्णप्रयाग महाविद्यालय और रोहन कौशिक को गैरसैंण महाविद्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • वनस्पति विज्ञान (Botany): इस वर्ग में सर्वाधिक चार नियुक्तियां हुई हैं। शिवानी को कर्णप्रयाग, हरिओम को सतपुली, पुलकित प्रताप को द्वाराहाट और कुलदीप सिंह चौहान को थत्यूड़ महाविद्यालय भेजा गया है।

  • भूगोल (Geography): भूगोल विषय में महादेव नौटियाल को नैनीडांडा और हरीश चंद्र जोशी को कांडा महाविद्यालय में प्रथम तैनाती दी गई है।

छात्रों के कौशल विकास में होगा सुधार

उच्च शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इन नियुक्तियों के बाद राजकीय महाविद्यालयों में प्रायोगात्मक कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि “प्रयोगशाला सहायकों की कमी के कारण कई जगहों पर छात्रों को प्रैक्टिकल करने में कठिनाई आ रही थी। अब छात्रों को प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरणों के साथ कार्य करने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनमें विषय की गहरी समझ पैदा होगी।”

डॉ. रावत के अनुसार, इस कदम से न केवल छात्रों का कौशल विकास (Skill Development) होगा, बल्कि उनमें वास्तविक समस्याओं को हल करने की क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी विकसित होगा। यह उत्तराखंड को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य बनाने के संकल्प की ओर एक और कदम है।

प्रतीक्षा सूची से मिली बड़ी राहत

उल्लेखनीय है कि ये सभी नियुक्तियां राज्य लोक सेवा आयोग की प्रतीक्षा सूची (Waiting List) से की गई हैं। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह मंगलवार का दिन खुशियां लेकर आया। विभाग का मानना है कि रिक्त पदों को भरने की यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि महाविद्यालयों में स्टाफ की कमी को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

भविष्य की कार्ययोजना

उच्च शिक्षा विभाग अब इन महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण पर भी विचार कर रहा है। नए सहायकों की नियुक्ति के बाद, विभाग का अगला लक्ष्य लैब उपकरणों की खरीद और डिजिटल लैब की स्थापना करना है। मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संकेत दिए हैं कि सरकार राज्य के उच्च शिक्षा ढांचे को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के अनुरूप ढालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने चयनित अभ्यर्थियों का स्वागत किया और उन्हें विभागीय कार्यप्रणाली की प्रारंभिक जानकारी दी।

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