By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखण्ड : मूल निवास और सशक्त भू-कानून के लिए हरिद्वार की सड़कों पर उतरा जनसैलाब
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखण्ड : मूल निवास और सशक्त भू-कानून के लिए हरिद्वार की सड़कों पर उतरा जनसैलाब
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखण्ड : मूल निवास और सशक्त भू-कानून के लिए हरिद्वार की सड़कों पर उतरा जनसैलाब

The Hill India News
Last updated: November 11, 2024 4:10 am
The Hill India News
Published: November 11, 2024
Share
SHARE

हरिद्वार। उत्तराखण्ड में स्थायी मूल निवास-1950 और सशक्त भू कानून लागू करने की मांग को लेकर हरिद्वार की सड़कों पर आज रविवार को प्रदर्शनकारियों का जनसैलाब उमड़ आया। ऋषिकुल से हर की पैड़ी तक निकली स्वाभिमान रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। रैली की अगुवाई कर रहे संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने हरकी पैड़ी पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि मूल निवास-1950 और मजबू भू कानून की मांग को लेकर 26 नवंबर से ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट ने भूख हड़ताल प्रारंभ की जायेगी। जो तब तक जारी रहेगी, जब तक उत्तराखण्ड में सशक्त भू कानून लागू नहीं हो जाता। उन्होंने यह कि कहा कि सशक्त भू कानून का जो ड्राफ्ट सरकार के पास है उसे जनता के बीच सार्वजनिक किया जाय।

ऋषिकुल से शिवमूर्ति, बाल्मीकि चौक, पोस्ट आफिस से अपर रोड होते हुए स्वाभिमान रैली हर की पैड़ी पहुंच कर जलसभा में परिवर्तित हो गयी।

रैली में शामिल प्रदर्शनकारी ‘‘ सुन ले दिल्ली देहरादून, हमे चाहिए भू कानून’’, ‘‘गुड़, गन्ना, गंगा को बचाना है, मजबूत भू कानून लाना है’’, ‘‘जल, जंगल, जमीन हमारी, नहीं चलेगी, धौंस तुम्हारी’’ जैसे जोशीले नारे लगा रहे थे। रैली में चल रही महिलाएं और युवा परंपरागत वादयंत्रों की थाप पर आन्दोलन के जनगीत गा कर लोगों में जोश भर रहे थे। बारह बजे ऋषिकुल से आरंभ हुई रैली को हरकी पैड़ी पहुंचते-पहुंचते करीब दो घंटे का समय लग गया। जहां समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अनेकों बलिदान एवं संघर्षों के बाद हमे उत्तराखण्ड राज्य मिला है लेकिन हमारे राज्य के जल, जमीन, जंगलों पर पूंजीपति और बाहरी लोग कब्जा कर रहे हैं। हमारे संसाधनों की खुली लूट की जा रही है। उत्तरखण्ड की भावी पीढ़ी का भविष्य अंधकार हो रहा है। डिमरी ने कहा राज्य के मूल निवासियों और कई दशकों से यहां निवास कर रहे लोगों के बच्चों को सरकारी गैर सरकारी नौकरियों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जबकि बाहरी से आये लोग फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाकर हमारे हकों पर डाका डाल रहे हैं। उन्होनंे कहा कि अपने ही राज्य में मूल निवासियों के सामने आज पहचान का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के राज्य में आने से यहां सांस्कृतिक परंपराओं पर भी खतरा मंडरा रहा है। जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है।

मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के सह संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा कि हरिद्वार से गुरूकुल नारसन तक के किसान और दशकों से व्यवसाय कर कर लोग भी उत्तराखण्ड के मूल निवासी हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन वाले उत्तराखण्ड में बाहरी लोगों का आगमन होने के कारण खेतीबाड़ी करने वाले उत्तराखण्ड के किसान भूमिधर से भूमिहीन हो रहे हैं। उनको बहला फुसला कर उनकी बेशकीमती जमीनों को बाहरी लोग नेता और नौकरशाहों के सिंडीकेट के साथ मिलकर कौड़ियों कर भाव खरीदकर उनको उनकी जड़ों से दूर कर रहे हैं।

सचिव प्रांजल नौडियाल, गढ़वाल संयोजक अरुण नेगी ने कहा कि यहां के कल कारखानों में उत्तराखण्ड के युवाओं और मूल निवासियों को रोजगार नहीं मिल पा रहे हैं।

स्वाभिमान रैली के आरंभ होने से पूर्व ऋषिकुल में भी अनेक नेताओं ने प्रर्दशनकारियों को संबोधित किया।
रैली में रूड़की, पथरी, लालढांग, श्यामपुर, नवोदयनगर, शिवालिकनगर, टिहरी विस्थापित कालोनी, सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों ने भाग लिया। महिलाओं और युवाओं ने भी रैली में बढ़ चढ़ कर सहभागिता की। इस दौरान वे ‘सुन लो दिल्ली देहरादून, ले के रहेंगे भू कानून’, जैसे जोशीले नारे लगा रहे थे। महिलाएं उत्तराखण्ड की परंपरागत वेशभूषा में नृत्य करती हुई चल रही थी। कई छोटे-छोटे बच्चें भी भू कानून, मूल निवास और राजधानी गैरसैण लिखी तख्तियां लिए हुए रैली के साथ-साथ चल रहे थे।

मूल निवास, भू कानून समन्वय संघर्ष समिति ने नेतृत्व में आयोजित इस रैली को पहाड़ी महासभा, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति हरिद्वार, उत्तराखण्ड चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी संघर्ष समिति हरिद्वार, कुमाऊँनी एकता परिषद शिवालिकनगर, उत्तराखण्ड चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी संघर्ष समिति रूड़की, पर्वतीय बंधु समाज समिति नवोदक नगर, जिला/शहर व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव पराशर, महामंत्री संजीव नैयर, सैनी सभा हद्विार के सम्राट सैनी, रोड़ धर्मशाला के अध्यक्ष सेवाराम, सिडकुल ट्रांसपोर्ट ऐसोसियेशन के अध्यक्ष सुधीर जोशी, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी कल्याणकारी समिति के प्रेमलाल साह, व्यापार सभा हरकी पैड़ी, भारती किसान यूनियन के अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़, पूर्व सैनिक संगठन में अध्यक्ष दिनेश सकलानी, उदय भारत सिवित सोसाइटी की हेमा भंडारी, राजेन्द्र चौटाला, सहित बड़ी संख्या में विभिन्न संस्थाओं और लोगों ने समर्थन दिया था।
रैली में प्रमुख रूप् से पहाड़ी महासभा के अध्यक्ष तरूण व्यास, महासचिव जसवंत सिंह बिष्ट, पर्वतीय बंधु समाज समिति के अध्यक्ष मान सिंह रावत, कोषाध्यक्ष मयंक पोखरियाल, अतोल गुसांई, जय किशन न्यूली, डॉ. हरिनारायण जोशी, गंगादत्त मिश्रा, सुभाष पुरोहित, भगवती पंत, संजय नैथानी, प्रकाश चन्द जोशी, जे0पी0 जुयाल, एसपी बौठियाल, शिवरामपुरी, तेजसिंह रावत, अंजु उप्रेती, सरोजनी जोशी, मंगली रावत, सुषमा कोटनाला, निशा जोशी, भुवनेश पाठक, दीपक नौटियाल, महावीर नेगी, मुकुल जोशी, हर्ष प्रकाश काला, कमला बमोला आदि शामिल रहे।

You Might Also Like

महाराज का मुख्यमंत्री से आग्रह, पानी में डूबे क्षेत्रों को आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए
चिटहरा भूमि घोटाले में FIR दर्ज, उत्तराखंड के 2आईएएस -1आईपीएस अधिकारियों के परिजनों के नाम शामिल
रूस-यूक्रेन युद्ध: हमारे नियंत्रण में कीव, यूक्रेन पर कब्जा करने के सभी रूसी प्रयास विफल रहे हैं, यूक्रेन का कहना है ..
विवेक विहार अग्निकांड: दिल्ली में चार मंजिला इमारत में भीषण आग, झुलसकर 9 लोगों की दर्दनाक मौत
ट्रंप की चेतावनी दरकिनार: बीजिंग में ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की हुंकार, कहा- ‘चीन को नजरअंदाज करना बुद्धिमानी नहीं’
TAGGED:CrowdsHaridwarpeopleresidence and strong land law.Uttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
क्राइमदेशफीचर्ड

प्यार, साजिश और मौत: मंगेतर सिया ने प्रेमी के साथ मिलकर रचा केतन की हत्या का खौफनाक खेल, कैफे में बना था पूरा प्लान

The Hill India News
The Hill India News
June 24, 2026
राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर: बदल सकते हैं अनाज वितरण के नियम, प्रति व्यक्ति मिलेगा राशन, सरकार लाई नया प्रस्ताव
कोलकाता में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, दर्जनों मजदूरों के दबे होने की आशंका, राहत-बचाव अभियान तेज
उत्तराखंड कृषि जगत को अपूरणीय क्षति: पूर्व कृषि निदेशक गौरी शंकर का निधन, किसानों के सच्चे हितैषी को नम आंखों से दी जाएगी अंतिम विदाई
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप; सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल
विकासनगर: दून पुलिस का बड़ा एक्शन, सेलाकुई में 5 चोरियों का खुलासा; 40 लाख के जेवर और नकदी समेत अंतरराज्यीय गिरोह के 2 दबोचे
रुद्रपुर के इस नामचीन स्कूल पर अचानक ताला, सड़क पर उतरे सैकड़ों अभिभावक; क्या है पूरा विवाद?
सुबह 5 बजे पहुंचा प्रशासन, दो घंटे में जमींदोज हुआ सपा कार्यालय, सीतापुर में बुलडोजर कार्रवाई से मचा राजनीतिक भूचाल
राम मंदिर में कथित अनियमितताओं का खुलासा: बिना रसीद चंदा, जेवरों का हिसाब गायब, शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
उद्धव सेना में बढ़ी बेचैनी: 20 में से 14 विधायक भी शिंदे के संपर्क में! इमरजेंसी बैठक से सियासी हलचल तेज
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?