
गैरसैंण (भराड़ीसैंण): उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में मंगलवार को राज्य का भविष्य तय करने वाला बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर वित्त मंत्री वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,11,703.21 करोड़ का विशाल आय-व्ययक (बजट) सदन के पटल पर रखा। अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस बजट को सरकार का सबसे महत्वपूर्ण नीतिगत दस्तावेज माना जा रहा है।
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘GYAN’ (ज्ञान) मॉडल पर आधारित होना है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का विजन G (गरीब), Y (युवा), A (अन्नदाता) और N (नारी) को सशक्त बनाकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
‘GYAN’ मॉडल: चार स्तंभों पर टिकी विकास की नींव
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि ‘विकसित उत्तराखंड’ का संकल्प पत्र है। सरकार ने समाज के हर वर्ग को छूने की कोशिश की है, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंच सके।
केदारखंड मंदिर माला मिशन और मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत प्रदेश के प्राचीन मंदिरों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। इन मिशनों के माध्यम से न केवल देवस्थलों का पुनरुद्धार हो रहा है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिल रही है। pic.twitter.com/itfvxEwMos
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 9, 2026
1. गरीब कल्याण: अंत्योदय का संकल्प
बजट में निर्धन परिवारों और वंचित वर्गों के लिए खजाना खोला गया है। ‘अन्नपूर्ति योजना’ के लिए ₹1,300 करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
-
आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण और शहरी) के लिए कुल ₹354 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की गई है।
-
सुलभ परिवहन: परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा के लिए ₹42 करोड़ का बजट रखा गया है।
-
सामाजिक सुरक्षा: दिव्यांग, तीलू रौतेली और अन्य सामाजिक पेंशनों के लिए ₹167.05 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दिखाता है।
2. युवा शक्ति: स्वरोजगार और भविष्य निर्माण
राज्य के युवाओं को पलायन रोकने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में विशेष फोकस है।
-
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना: युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए ₹60 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
-
पलायन रोकथाम: सीमांत क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’ में ₹10 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
-
शिक्षा: गैर-सरकारी महाविद्यालयों के लिए ₹155.38 करोड़ और शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
3. अन्नदाता: कृषि और बागवानी से आय दोगुनी करने का लक्ष्य
किसानों (अन्नदाताओं) की आय बढ़ाने के लिए परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और बागवानी पर जोर दिया गया है।
-
मिलेट मिशन और स्थानीय फसलें: स्थानीय फसलों को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों का प्रावधान किया गया है, जिसमें ‘मिलेट मिशन’ के लिए ₹12 करोड़ शामिल हैं।
-
एप्पल और मत्स्य मिशन: उत्तराखंड को ‘सेब राज्य’ बनाने के संकल्प के साथ ‘मिशन एप्पल’ के लिए ₹42 करोड़ और ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के लिए ₹160.13 करोड़ दिए गए हैं।
-
हाऊस ऑफ हिमालयाज: स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन किया गया है।
4. नारी शक्ति: महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय
धामी सरकार ने महिलाओं को राज्य की रीढ़ मानते हुए उनके पोषण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए व्यापक योजनाएं पेश की हैं।
-
नंदा गौरा योजना: बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए ₹220 करोड़ का बड़ा प्रावधान किया गया है।
-
स्वास्थ्य एवं पोषण: मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, आंचल अमृत योजना और महिला पोषण योजनाओं के माध्यम से मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने का लक्ष्य है।
-
खेल और आजीविका: चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण के लिए ₹10 करोड़ और स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष आजीविका योजनाओं की घोषणा की गई है।
चुनावी गणित और बजट की राजनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड बजट 2026-27 पूरी तरह से चुनावी मोड में तैयार किया गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह पूर्ण बजट सरकार को अपनी उपलब्धियां गिनाने और नए वादों को जमीन पर उतारने का मौका देगा। ‘ईजा-बोई शगुन योजना’ और ‘गंगा गाय महिला डेयरी विकास योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने ग्रामीण मतदाताओं, विशेषकर महिला बैंक को साधने की कोशिश की है।
वित्तीय प्रबंधन और चुनौतियां
₹1.11 लाख करोड़ के इस बजट को संतुलित बनाए रखना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य की बढ़ती जीएसडीपी (GSDP) और राजस्व संग्रह में सुधार के कारण इन योजनाओं को लागू करने के लिए धन की कमी नहीं होगी। गंगा कार्यकारी योजना के तहत जल संस्थान को ₹25 करोड़ का अनुदान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
क्या उम्मीदें होंगी पूरी?
उत्तराखंड बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से समावेशी विकास का संदेश दे रहा है। GYAN मॉडल उत्तराखंड को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ सामाजिक समानता की ओर ले जाने का प्रयास है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि धरातल पर ये योजनाएं कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती हैं।
यदि सरकार इन घोषणाओं को समय पर क्रियान्वित कर पाती है, तो आगामी चुनावों में यह बजट भाजपा के लिए एक मजबूत ‘कवच’ साबित हो सकता है।
बजट 2026-27 की 10 बड़ी बातें:
-
कुल बजट: ₹1,11,703.21 करोड़।
-
थीम: GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी)।
-
अन्नपूर्ति योजना: ₹1,300 करोड़।
-
नंदा गौरा योजना: ₹220 करोड़।
-
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: ₹160.13 करोड़।
-
गैर-सरकारी कॉलेजों को सहायता: ₹155.38 करोड़।
-
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना: ₹60 करोड़।
-
मिशन एप्पल: ₹42 करोड़।
-
निशुल्क बस यात्रा मद: ₹42 करोड़।
-
चंपावत महिला स्पोर्ट्स कॉलेज: ₹10 करोड़।



