
देहरादून में हुए चर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी फिलहाल कानूनी और प्रक्रियात्मक अड़चनों में फंस गई है। इस मामले में जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तीन महत्वपूर्ण आपत्तियां उठाई हैं, जिसके कारण आरोपी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। पुलिस अब इन सवालों के जवाब तैयार करने में जुटी हुई है।
यह मामला 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा से जुड़ा है, जिन पर 9 दिसंबर 2025 को देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में हमला हुआ था। जानकारी के अनुसार, दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान एंजेल और उनके भाई माइकल चकमा पर छह लोगों ने हमला कर दिया था। इस हमले में एंजेल को गंभीर चोटें आईं, खासकर गर्दन के पास, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 26 दिसंबर 2025 को उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद मामले को हत्या में बदल दिया गया।
पुलिस ने इस केस में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी घटना के बाद फरार हो गया और बताया जा रहा है कि वह नेपाल भाग गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इंटरपोल के जरिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन इसी प्रक्रिया में CBI की आपत्तियों ने नई बाधा खड़ी कर दी है।
CBI ने भारतपोल पोर्टल के माध्यम से जो तीन प्रमुख आपत्तियां भेजी हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका का विस्तृत विवरण मांगा गया है। एजेंसी ने 1200 से 1500 शब्दों में यह स्पष्ट करने को कहा है कि यज्ञराज अवस्थी की इस हत्याकांड में क्या भूमिका थी और उसकी मंशा क्या थी। इसके अलावा, घटना के समय की परिस्थितियों और केस के पंजीकरण से संबंधित तकनीकी जानकारी भी मांगी गई है।
यहां उल्लेखनीय है कि ब्लू कॉर्नर नोटिस इंटरपोल का एक अहम टूल होता है, जिसका उपयोग किसी संदिग्ध व्यक्ति की लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाने के लिए किया जाता है। ऐसे मामलों में सटीक और विस्तृत जानकारी देना बेहद जरूरी होता है, ताकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां प्रभावी तरीके से कार्रवाई कर सकें।
इस पूरी प्रक्रिया में भारतपोल पोर्टल की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे CBI ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए विकसित किया है। इस पोर्टल के जरिए भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियां सीधे इंटरपोल से जुड़कर रियल टाइम में जानकारी साझा कर सकती हैं और सीमा पार अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर सकती हैं। इस प्लेटफॉर्म को जनवरी 2025 में अमित शाह द्वारा लॉन्च किया गया था।
विकासनगर के सीओ विवेक कुटियाल के अनुसार, पुलिस CBI द्वारा उठाए गए सभी सवालों के जवाब तैयार कर रही है और जल्द ही इन्हें भारतपोल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जैसे ही ये प्रक्रिया पूरी होगी, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई तेज कर दी जाएगी।
फिलहाल, यह मामला न केवल एक गंभीर आपराधिक घटना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी आरोपी की गिरफ्तारी कितनी जटिल प्रक्रिया हो सकती है। सही और विस्तृत दस्तावेजीकरण के बिना ऐसी प्रक्रियाएं आगे नहीं बढ़ पातीं।
इस बीच, एंजेल चकमा के परिवार को न्याय दिलाने की उम्मीद अब इस बात पर टिकी है कि पुलिस और जांच एजेंसियां कितनी जल्दी इन आपत्तियों का समाधान कर पाती हैं और फरार आरोपी को कानून के शिकंजे में ला पाती हैं।



