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Uttarakhand: दिल्ली में हल्द्वानी के दो युवकों की संदिग्ध मौत: पत्नी से विवाद, कोर्ट में पेशी और फिर रेलवे ट्रैक पर मिली लाशें

हल्द्वानी/दिल्ली समाचार: उत्तराखंड के हल्द्वानी में उस वक्त मातम छा गया जब दिल्ली से दो युवकों की मौत की खबर सामने आई। पत्नी से चल रहे कानूनी विवाद के सिलसिले में दिल्ली गए हल्द्वानी के दो दोस्तों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में आनंद विहार रेलवे ट्रैक पर बरामद हुए हैं। वहीं, देहरादून में एक शातिर किराएदार दंपत्ति की गिरफ्तारी ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया है।

मुख्य हाइलाइट्स:

  • हल्द्वानी के वेलेजली लॉज निवासी रवि गुप्ता और गोलू शर्मा की दिल्ली में मौत।

  • पत्नी के साथ कोर्ट केस की पेशी के लिए गए थे दिल्ली।

  • आनंद विहार रेलवे ट्रैक के पास अलग-अलग स्थानों पर मिले शव।

  • देहरादून में 8 लाख की चोरी करने वाले किराएदार दंपत्ति गिरफ्तार।


दिल्ली के आनंद विहार रेलवे ट्रैक पर मिला शव: पूरी घटना

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित वेलेजली लॉज क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां के निवासी दो युवकों की दिल्ली में संदिग्ध मौत की सूचना मिली। मृतक की पहचान रवि गुप्ता और उसके गहरे दोस्त गोलू शर्मा (निवासी बरेली, हाल निवासी हल्द्वानी) के रूप में हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार, रवि गुप्ता का अपनी पत्नी के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। यह मामला दिल्ली की एक अदालत में विचाराधीन था। इसी सिलसिले में रवि गुप्ता अपने दोस्त गोलू शर्मा के साथ बीते 4 जनवरी को हल्द्वानी से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। 5 जनवरी को रवि दिल्ली की अदालत में पेश भी हुआ, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने सबको झकझोर कर रख दिया।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिले शव

5 जनवरी की शाम को दिल्ली पुलिस को आनंद विहार रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली, जिसकी पहचान रवि गुप्ता के रूप में हुई। अभी पुलिस इस मामले की जांच कर ही रही थी कि अगले दिन, यानी 6 जनवरी को, उसी क्षेत्र के पास रवि के दोस्त गोलू शर्मा का शव भी बरामद हुआ। दोनों के शव मिलने की जगह में कुछ ही दूरी का अंतर था, जिससे मामला और भी अधिक पेचीदा और संदिग्ध हो गया है।

पुलिस जांच और शिनाख्त की प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस को मृतकों की जेब से कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन मिले, जिसके आधार पर उन्होंने उत्तराखंड पुलिस से संपर्क किया। हल्द्वानी की भोटिया पड़ाव चौकी को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो तुरंत परिजनों को सूचित किया गया।

परिजनों के दिल्ली पहुँचने पर शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। शुक्रवार को रवि गुप्ता का पार्थिव शरीर हल्द्वानी लाया गया, जहाँ गमगीन माहौल में उसका दाह संस्कार कर दिया गया। वहीं, गोलू शर्मा के परिजन अभी भी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए दिल्ली में मौजूद हैं।


हल्द्वानी में आक्रोश और गहराता रहस्य

रवि और गोलू की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि:

  1. क्या यह महज एक हादसा है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा?

  2. कोर्ट में पेशी के तुरंत बाद ऐसा क्या हुआ कि दोनों रेलवे ट्रैक तक पहुँच गए?

  3. क्या पत्नी के साथ चल रहे विवाद का इस घटना से कोई सीधा संबंध है?

दिल्ली पुलिस वर्तमान में कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।


देहरादून क्राइम अपडेट: भरोसे का कत्ल, 5 दिन में 8 लाख की चोरी

एक तरफ जहाँ हल्द्वानी मौत की खबर से दहल उठा है, वहीं राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक शातिर ‘बंटी-बबली’ स्टाइल के दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। इन किराएदारों ने मकान मालिक के विश्वास को तार-तार करते हुए महज पांच दिनों के भीतर लाखों के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया।

रुद्रप्रयाग का दंपत्ति गिरफ्तार

प्रेमनगर थाना प्रभारी कुंदन राम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने धूलकोट तिराहा से आरोपी दंपत्ति नीरज लाल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के रहने वाले हैं।

चोरी की वारदात का विवरण:

  • समय: मकान किराए पर लेने के मात्र 5 दिन बाद।

  • बरामदगी: लगभग 8 लाख रुपये के सोने और चांदी के आभूषण।

  • फरारी: घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे, जिन्हें पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया।

उत्तराखंड पुलिस की जनता से अपील

इस घटना के बाद देहरादून पुलिस ने एक बार फिर जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि:

“किसी भी अज्ञात व्यक्ति को मकान किराए पर देने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) अनिवार्य रूप से करवाएं। आईडी प्रूफ और पुराने पते की जांच किए बिना घर की चाबियाँ सौंपना जोखिम भरा हो सकता है।”


सुरक्षा और सतर्कता जरूरी

हल्द्वानी के युवकों की दिल्ली में संदिग्ध मौत और देहरादून की चोरी, दोनों घटनाएं समाज में सुरक्षा और कानूनी पेचीदगियों की ओर इशारा करती हैं। जहाँ एक ओर दिल्ली पुलिस रेल हादसों और आत्महत्या जैसे पहलुओं पर जांच कर रही है, वहीं देहरादून की घटना ने ‘किराएदार सत्यापन’ की अहमियत को फिर से साबित कर दिया है।

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