फीचर्डविदेश

होर्मुज के साये में तनाव: ईरान के नौसेना प्रमुख अलीरेजा तांगसिरी की मौत पर इजरायल का दावा, क्षेत्र में बढ़ी बेचैनी

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने वैश्विक राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को और जटिल बना दिया है। इजरायल ने दावा किया है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के प्रमुख अलीरेजा तांगसिरी एक हमले में मारे गए हैं। यह हमला ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शहर बंदर अब्बास के पास हुआ बताया जा रहा है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से सटा हुआ है।

हालांकि इस दावे की पुष्टि अभी तक ईरान की ओर से नहीं की गई है, लेकिन अगर यह खबर सही साबित होती है तो यह ईरान के लिए एक बड़ा सैन्य और मनोवैज्ञानिक झटका होगा। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर द येरुशलम पोस्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने इस घटना की जानकारी दी, लेकिन हमले की प्रकृति और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्टता अभी भी नहीं है।

अलीरेजा तांगसिरी अगस्त 2018 से IRGC की नौसेना का नेतृत्व कर रहे थे और उन्हें ईरान की समुद्री रणनीति का प्रमुख चेहरा माना जाता था। उनके नेतृत्व में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत की थी, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा वहन करता है। इस कारण यह इलाका न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हाल के हफ्तों में तांगसिरी का रुख और अधिक आक्रामक हो गया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कई बार चेतावनी दी थी कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ा, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया जा सकता है। इससे वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है।

दो दिन पहले ही उन्होंने एक विवादास्पद कदम उठाते हुए एक कंटेनर जहाज को वापस लौटा दिया था। यह जहाज कथित तौर पर पाकिस्तान जा रहा था और उसने ईरानी नौसैनिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था। इस घटना ने पहले ही क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया था। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार जहाज का नाम “SELEN” था।

वर्तमान स्थिति में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा कथित सैन्य कार्रवाइयों के बीच ईरान लगातार अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में तांगसिरी जैसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की मौत की खबर स्थिति को और अधिक विस्फोटक बना सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह घटना पुष्टि होती है, तो ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में संघर्ष और गहरा सकता है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर भारत समेत कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

हालांकि अभी कई सवाल अनुत्तरित हैं—क्या यह हमला वास्तव में इजरायल ने किया, या इसमें अमेरिका की भी भूमिका थी? क्या यह लक्षित हमला था या किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन का हिस्सा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।

फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है, क्योंकि इसका असर केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी पड़ेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button