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गणतंत्र दिवस 2026 पुरस्कारों का ऐलान: ‘महाराष्ट्र’ की झांकी ने मारी बाजी, ‘भारतीय नौसेना’ और ‘दिल्ली पुलिस’ का मार्चिंग दस्ता रहा सर्वश्रेष्ठ

नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर बिखरे शौर्य, संस्कृति और विकास के रंगों के बीच अब सबसे प्रतीक्षित पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। केंद्र सरकार ने परेड 2026 के लिए सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्तों और झांकियों के परिणामों का विवरण जारी कर दिया है। इस वर्ष महाराष्ट्र की झांकी ने अपनी सांस्कृतिक भव्यता से जजों का दिल जीतकर प्रथम स्थान हासिल किया है, वहीं सेनाओं के बीच भारतीय नौसेना के मार्चिंग दस्ते को सर्वश्रेष्ठ चुना गया है।

मार्चिंग दस्तों में दिखा अनुशासन का लोहा

गणतंत्र दिवस परेड में सैनिकों का अनुशासन और कदमताल दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक परिणामों के अनुसार, इस वर्ष भारतीय नौसेना को तीनों सेनाओं (थल, नभ और जल) के बीच सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल घोषित किया गया है। नौसेना के जवानों की सटीकता और ऊर्जा ने इस गौरवशाली पुरस्कार को उनके नाम किया।

वहीं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और अन्य सहायक बलों की श्रेणी में दिल्ली पुलिस के मार्चिंग दस्ते ने बाजी मारी है। दिल्ली पुलिस का मार्चिंग दस्ता अपनी विशिष्ट वर्दी और शानदार समन्वय के लिए जाना जाता है, जिसे इस वर्ष शीर्ष स्थान मिला है।

राज्यों की झांकियां: महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और केरल का जलवा

कर्तव्य पथ पर निकलने वाली झांकियां भारत की ‘विविधता में एकता’ का जीवंत उदाहरण होती हैं। इस वर्ष जजों के पैनल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में निम्नलिखित तीन झांकियों को सर्वश्रेष्ठ चुना:

  1. प्रथम स्थान (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र की झांकी का विषय ‘गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक’ था। लोक संस्कृति और भक्ति के अनूठे संगम ने इसे शीर्ष पर पहुंचाया।

  2. द्वितीय स्थान (जम्मू और कश्मीर): केंद्र शासित प्रदेश ने अपनी हस्तशिल्प और लोक नृत्य की कला को प्रदर्शित किया, जिसे दूसरा स्थान मिला।

  3. तृतीय स्थान (केरल): केरल ने अपनी ‘जल मेट्रो और 100% डिजिटल साक्षरता’ के जरिए विकसित भारत के विजन को पेश किया और तीसरा स्थान हासिल किया।

मंत्रालयों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय रहा शीर्ष पर

विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के बीच कड़ा मुकाबला था, जिसमें संस्कृति मंत्रालय की झांकी को सर्वश्रेष्ठ चुना गया। इस झांकी का विषय ‘वंदे मातरम – एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ था। इसके अलावा, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को ‘वंदे मातरम – 150 वर्ष का स्मरणोत्सव’ विषय पर उनकी शानदार प्रस्तुति के लिए विशेष पुरस्कार से नवाजा गया है।

जनता की पसंद: MyGov ऑनलाइन पोल के परिणाम

सरकार ने MyGov पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को भी अपने पसंदीदा दस्ते और झांकी को वोट करने का मौका दिया था। ‘पीपल्स चॉइस’ (People’s Choice) श्रेणी के परिणाम आधिकारिक परिणामों से थोड़े अलग रहे:

  • सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल (तीनों सेनाएं): जनता ने असम रेजिमेंट को अपनी पहली पसंद बताया।

  • सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल (CAPF): ऑनलाइन पोल में CRPF को सबसे ज्यादा वोट मिले।

  • शीर्ष तीन झांकियां (राज्य): जनता की पसंद में गुजरात (स्वदेशी का मंत्र) पहले, उत्तर प्रदेश (बुंदेलखंड की संस्कृति) दूसरे और राजस्थान (उस्ता कला) तीसरे स्थान पर रहा।

  • मंत्रालय: स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ आधारित झांकी को जनता ने सर्वश्रेष्ठ माना।

विजेताओं के चयन का आधार

गणतंत्र दिवस परेड में विजेताओं का चयन रक्षा मंत्रालय द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों और जजों के एक पैनल द्वारा किया जाता है। चयन के दौरान झांकी की डिजाइन, उसके पीछे का विचार (Concept), विवरणों की बारीकी और परेड के दौरान कलाकारों के प्रदर्शन को बारीकी से परखा जाता है। वहीं मार्चिंग दस्तों के लिए अनुशासन, कदमताल की लय और यूनिफॉर्म की उत्कृष्टता मुख्य मानक होते हैं।

विकसित भारत की झलक

गणतंत्र दिवस 2026 की परेड न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन थी, बल्कि यह ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भरता’ के संकल्प का प्रतिबिंब भी रही। विजेताओं की यह सूची देश के विभिन्न कोनों की कला, तकनीकी प्रगति और प्रशासनिक दक्षता को मान्यता देती है। महाराष्ट्र से लेकर केरल और नौसेना से लेकर दिल्ली पुलिस तक, सभी विजेताओं ने कर्तव्य पथ पर भारत की अटूट एकता का परचम लहराया है।

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