
देहरादून (07 जनवरी, 2026): देहरादून के हरिद्वार रोड पर बन रही स्मार्ट सिटी लिमिटेड की महत्वाकांक्षी ‘ग्रीन बिल्डिंग’ परियोजना में देरी को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीएम का गुस्सा सातवें आसमान पर रहा। उन्होंने प्रोजेक्ट की धीमी गति को लेकर कार्यदायी संस्था सीपीडब्लूडी (CPWD) और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि फाइलों पर “चिड़िया बैठाने” (केवल कागजी कार्रवाई) से काम नहीं चलेगा, धरातल पर मॉनिटरिंग करनी होगी।
“प्रोजेक्ट को तमाशा न बनाएं”: डीएम की तीखी टिप्पणी
बैठक के दौरान जब जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों का वर्क चार्ट और लेबर प्लान मांगा, तो संबंधित अधिकारी बगले झांकते नजर आए। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही क्षम्य नहीं होगी।
बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश:
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जून 2026 की डेडलाइन: डीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य हर हाल में जून 2026 तक पूर्ण होना चाहिए।
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पर्ट चार्ट (PERT Chart) अनिवार्य: अधिकारियों को आज ही संशोधित पर्ट चार्ट, रिवाइज्ड मटीरियल प्लान और लेबर प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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डबल शिफ्ट में काम: निर्माण की गति बढ़ाने के लिए अब काम डबल शिफ्ट में सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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साप्ताहिक रिपोर्ट: जिलाधिकारी ने प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट (Weekly Progress Report) तलब की है ताकि नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।
सिर्फ 36% काम पूरा, लेबर की कमी पर नाराजगी
समीक्षा के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कार्यदायी संस्था CPWD के अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट का अब तक मात्र 36 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है।
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श्रमिकों की कमी: प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित 175 श्रमिकों के मुकाबले मौके पर केवल 125 श्रमिक ही तैनात पाए गए।
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मथंली प्रोग्रेस: पिछले एक महीने में निर्माण कार्य में केवल 10 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई, जिसे डीएम ने अत्यंत निराशाजनक बताया।
गुणवत्ता और पर्यावरण मानकों पर ‘नो कॉम्प्रोमाइज’
डीएम सविन बंसल ने केवल रफ्तार ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता (Quality) पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘ग्रीन बिल्डिंग’ का मतलब ही पर्यावरण अनुकूल तकनीक और उच्च सुरक्षा मानक है। उन्होंने थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच (Third Party Quality Audit) की रिपोर्ट भी तलब की है।
“अधिकारी फाइल पर चिड़िया बिठाने तक सीमित न रहें, वे साइट पर जाएं और वास्तविक स्थिति की मॉनिटरिंग करें। यदि तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” — सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून
बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी तीरथ पाल सिंह, स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कृष्णा चमोला, मुख्य अभियंता सीपीडब्लूडी, चीफ इंजीनियर देवेंद्र प्रकाश और वित्त नियंत्रक सैफाली रानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीएम के कड़े रुख के बाद अब अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या समय पर पूरा होगा ड्रीम प्रोजेक्ट?
ग्रीन बिल्डिंग देहरादून के स्मार्ट सिटी विजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। डीएम सविन बंसल की सक्रियता ने उन अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है जो डेडलाइन को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। अब देखना होगा कि जून 2026 की समयसीमा को पूरा करने के लिए धरातल पर कितनी तेजी से बदलाव आता है।



