देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले ही प्रदेश ने जीएसटी (Goods and Services Tax) संग्रह में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड अब देश के उन टॉप 10 राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने सबसे अधिक SGST ग्रोथ रेट दर्ज की है।
GST ग्रोथ रेट: देश में नौवें स्थान पर उत्तराखंड
दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो उत्तराखंड 8 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ रेट के साथ देश में 9वें पायदान पर काबिज है। इस सूची में हरियाणा 21% की ग्रोथ के साथ शीर्ष पर है, जबकि सिक्किम और असम क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
देश के टॉप 10 राज्य: SGST ग्रोथ रेट (दिसंबर 2025 तक)
यह तालिका पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वर्ष दर्ज की गई प्रतिशत वृद्धि (Growth Rate) को दर्शाती है:
| रैंक (Rank) | राज्य का नाम (State Name) | SGST ग्रोथ रेट (%) |
| 1 | हरियाणा | 21% |
| 2 | सिक्किम | 20% |
| 3 | असम | 19% |
| 4 | अरुणाचल प्रदेश | 15% |
| 5 | नागालैंड | 14% |
| 6 | महाराष्ट्र | 13% |
| 7 | बिहार | 9% |
| 8 | गुजरात | 9% |
| 9 | उत्तराखंड | 8% |
| 10 | पंजाब | 8% |
राजस्व का गणित: 9 हजार करोड़ के पार पहुँचा कलेक्शन
उत्तराखंड के कर विभाग के लिए यह साल ऐतिहासिक साबित हो रहा है। दिसंबर 2025 तक ही प्रदेश का कुल जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन 9179.57 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले पूरे वित्तीय वर्ष (मार्च तक) में यह आंकड़ा 8819.60 करोड़ रुपये था। यानी तीन महीने पहले ही प्रदेश ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
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Net GST: इस साल अब तक 7300.92 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 6897.03 करोड़ रुपये था।
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पोस्ट सेटलमेंट SGST: पिछले साल के 6935 करोड़ के मुकाबले इस बार दिसंबर तक ही 7489 करोड़ रुपये अर्जित किए जा चुके हैं।
EV का असर: Non-GST सेगमेंट में क्यों आई गिरावट?
जहाँ एक तरफ जीएसटी में उछाल देखा जा रहा है, वहीं Non-GST सेगमेंट (आबकारी और पेट्रोलियम) में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। दिसंबर तक इस सेगमेंट से 1878.65 करोड़ का रेवेन्यू प्राप्त हुआ।
विशेषज्ञ विश्लेषण: विभाग के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले टैक्स में कमी की मुख्य वजह प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों (EV) का बढ़ता चलन है। जैसे-जैसे लोग पेट्रोल-डीजल की जगह ई-वाहनों को अपना रहे हैं, पेट्रोलियम सेक्टर का राजस्व स्थिर हो रहा है, लेकिन इसकी भरपाई ‘Net GST’ सेक्टर में हो रही मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस ग्रोथ से हो रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से थमेगी टैक्स चोरी
उत्तराखंड जीएसटी विभाग अब तकनीक के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा होने जा रहा है। जीएसटी कमिश्नर सोनिका सिंह के अनुसार, विभाग जल्द ही AI इनेबल्ड टैक्स कलेक्शन सॉफ्टवेयर लॉन्च करने जा रहा है।
AI सॉफ्टवेयर की खूबियाँ:
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रियल-टाइम ट्रैकिंग: हर टैक्सपेयर और जीएसटी होल्डर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नजर रखी जाएगी।
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लीकेज पर लगाम: सिस्टम में मौजूद खामियों और टैक्स चोरी (Tax Leakage) की पहचान करने में AI महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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नवाचार: मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तैयार यह सॉफ्टवेयर टैक्स प्रशासन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना देगा।
सुदृढ़ होती देवभूमि की आर्थिकी
जीएसटी कलेक्शन में यह उछाल न केवल बेहतर कर प्रशासन को दर्शाता है, बल्कि यह प्रदेश में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों और उपभोक्ताओं के विश्वास का भी प्रतीक है। AI के समावेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अगले वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड टॉप 5 राज्यों में अपनी जगह बनाने में सफल होगा।



