ग्रेटर नोएडा। 15 अगस्त की रात शारदा यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक बीटेक फाइनल ईयर के छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र की पहचान बिहार के पूर्णिया जिले के मधुबनी निवासी शिवम डे के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुसाइड नोट में माता-पिता से माफी
छात्र के कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। उसमें शिवम डे ने लिखा है –
“जब आप यह पढ़ रहे होंगे, मैं मर चुका हूंगा। मेरी मौत का यह निर्णय मेरा है, इसमें कोई और शामिल नहीं है। यह दुनिया मेरे लिए नहीं है। मैं किसी काम का नहीं हूं। मैं पुलिस से भी अनुरोध करता हूं कि मेरी मृत्यु के लिए किसी को जिम्मेदार न माना जाए। सॉरी मां-पापा… मैं आपके ओल्ड एज में मदद नहीं कर पाया।”
तनाव और दबाव के कारण उठाया कदम
फॉरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। सुसाइड नोट के मुताबिक छात्र ने तनाव और दबाव के कारण यह कदम उठाया। हालांकि उसने स्पष्ट लिखा है कि उसकी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए।
स्वतंत्रता दिवस पर घटी त्रासदी
जहां पूरा देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, वहीं शारदा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में यह दर्दनाक घटना घटित हुई। छात्रों और स्टाफ के बीच मातम पसर गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पुलिस जांच में सहयोग करने की बात कही है।
बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय
हाल के वर्षों में पढ़ाई के दबाव, भविष्य की अनिश्चितता और मानसिक तनाव के कारण छात्रों में आत्महत्या के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालयों और संस्थानों में काउंसलिंग और हेल्पलाइन सेवाओं को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस की जांच जारी
थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने बताया कि छात्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की साजिश या दबाव की बात सामने नहीं आई है। पुलिस ने कहा कि छात्र का सुसाइड नोट मामले को स्पष्ट करता है, लेकिन परिवार से बातचीत के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
