
रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड की राजनीति में अपने बयानों और विवादों के लिए चर्चा में रहने वाले रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल एक बार फिर कानूनी शिकंजे में घिर गए हैं। रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री मीना शर्मा की शिकायत पर ठुकराल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह पूरी कार्रवाई एक साल पुराने उस विवादित ऑडियो क्लिप को लेकर हुई है, जिसने निकाय चुनाव के दौरान शहर की सियासत में उबाल ला दिया था।
कोतवाली परिसर में धरना और बढ़ता दबाव
सोमवार को रुद्रपुर कोतवाली में उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा अपने भारी संख्या में समर्थकों के साथ कोतवाली परिसर के भीतर ही सांकेतिक धरने पर बैठ गईं। मीना शर्मा का आरोप था कि एक साल पहले उनके और उनके पति के खिलाफ बेहद अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी वाला एक ऑडियो वायरल हुआ था। शिकायत के बावजूद पुलिस की ‘सुस्ती’ से नाराज होकर उन्होंने गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना।
मीना शर्मा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, “निकाय चुनाव 2025 से ठीक पहले मेरी सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए एक गहरी साजिश के तहत वह ऑडियो क्लिप फैलाई गई थी। मैंने समय रहते सबूतों के साथ पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन सत्ता के दबाव या विभागीय लापरवाही के कारण एक साल तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।”
SDM के आश्वासन के बाद दर्ज हुई FIR
धरने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम (SDM) मनीष बिष्ट तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरना दे रही मीना शर्मा से वार्ता की और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। प्रशासनिक हस्तक्षेप और कानूनी दबाव के बाद कोतवाली पुलिस ने अंततः पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की।
क्या है विवादित ऑडियो का पूरा मामला?
यह मामला साल 2025 के उत्तराखंड निकाय चुनाव के समय का है। उस दौरान सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप तेज़ी से प्रसारित हुई थी। आरोप है कि इस रिकॉर्डिंग में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल द्वारा मीना शर्मा और उनके परिवार के प्रति अभद्र और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। कांग्रेस खेमे ने इसे महिला अस्मिता पर हमला बताते हुए तत्कालीन समय में भी कड़ा विरोध दर्ज कराया था। मीना शर्मा का दावा है कि इस कृत्य का उद्देश्य उन्हें चुनाव के दौरान मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और जनता के बीच उनकी छवि खराब करना था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
रुद्रपुर कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है:
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धारा 79 BNS: महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से किए गए कृत्य।
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धारा 352 BNS: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना।
पुलिस अब इस मामले में ऑडियो क्लिप की सत्यता की जांच के लिए उसे फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी कर रही है। साथ ही, यह भी जांचा जाएगा कि ऑडियो को वायरल करने के पीछे किन-किन लोगों की भूमिका थी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
राजकुमार ठुकराल पर मुकदमा दर्ज होने के बाद उधम सिंह नगर की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। कांग्रेस ने इसे ‘देर से मिला न्याय’ करार दिया है, वहीं ठुकराल समर्थकों का कहना है कि यह राजनीति से प्रेरित मामला है। ठुकराल पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं, जिसके कारण उन्हें पूर्व में अपनी पार्टी (भाजपा) से निष्कासन का सामना भी करना पड़ा था।
मीना शर्मा की चेतावनी: ‘यह केवल शुरुआत है’
मुकदमा दर्ज होने के बाद मीना शर्मा ने धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही चार्जशीट पेश नहीं की और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगी। उन्होंने कहा कि “यह लड़ाई केवल मेरी नहीं, बल्कि हर उस महिला की है जो राजनीति में सक्रिय है और जिसे चरित्र हनन के जरिए डराने की कोशिश की जाती है।”
रुद्रपुर का यह घटनाक्रम बताता है कि डिजिटल दौर में ‘सोशल मीडिया ट्रायल’ और ‘ऑडियो वॉर’ नेताओं के लिए गले की हड्डी बन सकते हैं। अब सबकी नज़रें पुलिस की तफ्तीश पर टिकी हैं कि क्या ऑडियो की आवाज वाकई पूर्व विधायक की है या यह किसी गहरी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।


