
रुद्रपुर: उत्तराखंड की राजनीति में तल्ख बयानबाजी और विवादों का पुराना नाता रहा है, लेकिन रुद्रपुर का ताजा ‘ऑडियो कांड’ अब एक बड़े व्यक्तिगत और राजनीतिक संकट में बदल गया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री और पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में फंसे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने आखिरकार बैकफुट पर आते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए ठुकराल भावुक नजर आए और उन्होंने इस पूरे विवाद को अपने परिवार के लिए मानसिक प्रताड़ना करार दिया।
क्या है पूरा मामला? (कथित ऑडियो और विवाद की जड़)
पूरे विवाद की शुरुआत एक कथित ऑडियो क्लिप से हुई, जो उत्तराखंड नगर निकाय चुनाव 2025 से ठीक पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। आरोप है कि इस ऑडियो में राजकुमार ठुकराल ने मीना शर्मा को लेकर बेहद अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था।
कांग्रेस का दावा है कि यह ऑडियो न केवल एक महिला का अपमान है, बल्कि चुनाव से पूर्व एक वरिष्ठ नेत्री की छवि को धूमिल करने की सोची-समझी साजिश थी। मीना शर्मा ने इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे कि एक साल पुराने मामले में अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
कोतवाली में प्रदर्शन और बीएनएस के तहत मुकदमा
27 जनवरी को रुद्रपुर की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया जब मीना शर्मा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ रुद्रपुर कोतवाली पहुंचीं। वहां उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और धरना दिया।
दबाव बढ़ता देख पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और पूर्व विधायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया:
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धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना।
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धारा 79: महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से शब्द, हाव-भाव या कृत्य का उपयोग।
“मेरी मां का बीपी 400 पार”: ठुकराल की भावुक अपील
मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन राजकुमार ठुकराल मीडिया के सामने आए। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि इस विवाद का उनके निजी जीवन पर बहुत गहरा असर पड़ा है। ठुकराल ने कहा:
“मेरी माताजी की तबीयत इस प्रकरण के बाद इतनी खराब हो गई है कि उनका ब्लड प्रेशर 400 तक पहुंच गया है। छोटा भाई उन्हें लेकर अस्पताल गया है। मैं खुद भी जा सकता था, लेकिन मुझे डर था कि लोग इसे राजनीतिक स्टंट कहेंगे। किसी की राजनीति के चक्कर में परिवार के साथ ऐसा खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि मीना शर्मा की संतुष्टि सार्वजनिक माफी से होती है, तो वे एक कदम पीछे हटते हुए उनसे क्षमा मांगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी विवाद को और अधिक खींचना नहीं चाहते।
गनर की वापसी और आगामी चुनाव की चुनौती
माफीनामे के साथ ही ठुकराल ने प्रशासन और सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मुकदमा दर्ज होने के तत्काल बाद देर रात उनकी सुरक्षा में तैनात गनर (सुरक्षाकर्मी) को वापस बुला लिया गया है। ठुकराल ने इसे एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया।
उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपना रुख साफ करते हुए कहा:
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अकेले लड़ेंगे जंग: ठुकराल ने एलान किया कि वे किसी सुरक्षा के बिना, अकेले ही जनता के बीच घर-घर जाकर वोट मांगेंगे।
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षड्यंत्र का आरोप: उन्होंने अंदेशा जताया कि चुनाव से पहले उन पर अभी और भी कई फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा सकते हैं।
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जनता की अदालत: उन्होंने कहा कि सुरक्षा हटाकर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे।
निकाय चुनाव 2025 पर प्रभाव
रुद्रपुर में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। ऐसे में ‘ऑडियो कांड’ और उसके बाद उपजी सहानुभूति या आक्रोश की लहर चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है। जहां कांग्रेस इसे महिला अस्मिता से जोड़कर देख रही है, वहीं ठुकराल के समर्थक इसे एक नेता को घेरने की ‘पॉलिटिकल फिक्सिंग’ करार दे रहे हैं।
प्रशासनिक रुख
रुद्रपुर कोतवाली पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा सकती है ताकि आवाज की पुष्टि हो सके। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल सतर्क है।
क्या माफी से थमेगा बवाल?
राजकुमार ठुकराल द्वारा मांगी गई माफी के बाद अब गेंद मीना शर्मा और कांग्रेस के पाले में है। क्या मीना शर्मा इस माफी को स्वीकार कर मुकदमा वापस लेंगी, या यह कानूनी लड़ाई कोर्ट तक जाएगी? फिलहाल, रुद्रपुर की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक, चर्चा केवल इसी विवाद की है।



