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RSS Vrindavan Meeting: वृंदावन में संघ का महामंथन, मोहन भागवत की मौजूदगी में शताब्दी वर्ष और ‘पंच परिवर्तन’ पर बड़ी रणनीति

वृंदावन | धर्मनगरी वृंदावन इस समय देश की सबसे महत्वपूर्ण वैचारिक हलचल का केंद्र बनी हुई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक केशव धाम में शुरू हो गई है। संघ के शताब्दी वर्ष (100th Year) के उपलक्ष्य में आयोजित यह बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है।

संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत रविवार सुबह मथुरा रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां से वे सीधे वृंदावन स्थित केशव धाम के लिए रवाना हुए। वे यहां 10 जनवरी तक प्रवास करेंगे और संगठन की भविष्य की दिशा तय करने वाली उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।

शताब्दी वर्ष का विजन और ‘पंच परिवर्तन’ अभियान

संघ इस समय अपने स्थापना के 100वें वर्ष में है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना तैयार करना है। बैठक में विशेष रूप से ‘पंच परिवर्तन’ अभियान की प्रगति पर मंथन किया जाएगा। इस अभियान के तहत संघ समाज में पांच प्रमुख विषयों पर जनजागरण कर रहा है:

  1. सामाजिक समरसता: जातिगत भेदभाव को मिटाकर समाज को एक सूत्र में पिरोना।

  2. कुटुंब प्रबोधन: पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों का संरक्षण।

  3. पर्यावरण संरक्षण: जल, जमीन और हरियाली की रक्षा।

  4. स्वदेशी (स्वावलंबी जीवनशैली): स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।

  5. नागरिक कर्तव्य: समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध।

बांग्लादेश और बंगाल चुनाव जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार, कार्यकारिणी की इस बैठक में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा प्रमुखता से उठेगा। संघ इस विषय पर वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर जनमत तैयार करने की रणनीति बना सकता है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ शिक्षा और सहकारिता क्षेत्र में संघ के बढ़ते प्रभाव पर भी विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

सुदामा कुटी शताब्दी समारोह: दिग्गजों का होगा जमावड़ा

संघ की बैठकों के साथ-साथ वृंदावन में नाभापीठ सुदामा कुटी का शताब्दी समारोह भी आकर्षण का केंद्र है। यह समारोह 10 जनवरी से 21 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा।

  • 10 जनवरी: मोहन भागवत इस भव्य आयोजन के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेंगे।

  • वीआईपी मूवमेंट: इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की प्रबल संभावना है।


संघ प्रमुख का विस्तृत कार्यक्रम (अनुमानित)

तिथि कार्यक्रम
4 – 8 जनवरी अखिल भारतीय कार्यकारिणी की मुख्य बैठकें और टोली बैठक।
9 जनवरी अनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक।
10 जनवरी चंद्रोदय मंदिर दर्शन, गौशाला भ्रमण और सुदामा कुटी शताब्दी समारोह का शुभारंभ।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

संघ प्रमुख और अन्य वीवीआईपी (VVIP) के आगमन को देखते हुए मथुरा-वृंदावन जिला प्रशासन ने सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए हैं। केशव धाम के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं।

वृंदावन की यह बैठक न केवल संगठन के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आगामी वर्षों के लिए संघ के सामाजिक और सांस्कृतिक एजेंडे की स्पष्ट तस्वीर भी पेश करेगी। शताब्दी वर्ष में संघ का लक्ष्य भारत के प्रत्येक गांव और बस्ती तक अपनी पहुंच बनाना है।

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