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Dehradun: जनता की अदालत में ‘न्याय’ का त्वरित एक्शन: डीएम सविन बंसल ने 212 फरियादियों की सुनी पुकार, मानवीय फैसलों से जीता दिल

देहरादून: राजधानी देहरादून के कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम महज एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उम्मीदों का वह केंद्र नजर आया जहां फाइलों के बीच दबे न्याय को धरातल पर उतरते देखा गया। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में 212 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से कई मामलों में जिलाधिकारी ने तत्काल और बेहद संवेदनशील निर्णय लेते हुए जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया।

82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग के आंसू पोंछे, राइफल फंड से जमा हुआ बिल

जनता दर्शन में सबसे भावुक क्षण तब आया जब छबीलबाग कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग नत्थीलाल लाठी टेकते हुए जिलाधिकारी के पास पहुंचे। बुजुर्ग ने रुंधे गले से बताया कि उनका बेटा पिछले 12-13 वर्षों से लापता है और इस उम्र में उनके कंधों पर दो मासूम पोतों की जिम्मेदारी है। आय का कोई साधन नहीं होने के बावजूद जल संस्थान ने उन्हें 31,657 रुपये का पानी का बिल थमा दिया था।

मामले की गंभीरता और बुजुर्ग की लाचारी को देखते हुए डीएम सविन बंसल ने तुरंत जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए डीएम ने वन टाइम सेटलमेंट (OTS) के तहत 11,487 रुपये का ब्याज माफ कराया। शेष 20,170 रुपये की मूल धनराशि को जिलाधिकारी ने राइफल फंड से जमा कराने के निर्देश दिए, ताकि बुजुर्ग को इस मानसिक और आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल सके।

पुत्र खो चुकी मां को मिला सहारा: होटल प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश

विकासनगर से आई मीना बंसल की व्यथा ने भी सभागार में मौजूद सभी लोगों को झकझोर दिया। मीना ने बताया कि वर्ष 2023 में ‘डिक्शन होटल’ में एक दुर्घटना के दौरान उनके पुत्र की मृत्यु हो गई थी, लेकिन रसूखदार कंपनी ने आज तक कोई मुआवजा नहीं दिया। न्याय के लिए भटक रही मां की पुकार सुनते ही जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अख्तियार किया।

डीएम ने सहायक श्रम आयुक्त (ALC) को तत्काल संबंधित नियोक्ता फर्म के खिलाफ FIR दर्ज करने और लेबर कोर्ट में वाद दायर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस प्रकरण का निस्तारण आगामी दो माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को उनका हक मिल सके।

प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा: बेसहारा बेटियों की शिक्षा को मिले ‘पंख’

प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक और उदाहरण धर्मपुर निवासी रोशनी रावत के मामले में दिखा। आर्थिक तंगी से जूझ रही रोशनी ने अपनी दो पुत्रियों की शिक्षा और पालन-पोषण में आ रही दिक्कतों को साझा किया। जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास विभाग) को निर्देश दिए कि दोनों बेटियों की पूरी शिक्षा का जिम्मा ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत उठाया जाए। यह फैसला उन बच्चों के लिए एक नई रोशनी बनकर आया, जिनका भविष्य अभावों के कारण अंधकार में था।


भू-माफियाओं के खिलाफ ‘हंटर’: सरकारी नहर क्षतिग्रस्त करने पर बिठाई जांच

जनता दर्शन में केवल व्यक्तिगत समस्याएं ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान के मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ भू-माफियाओं ने अपनी जमीन से लगती लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर को जेसीबी लगाकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे क्षेत्र के काश्तकारों की गेहूं की फसल सूख रही है।

जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी, एसडीएम डोईवाला और अधिशासी अभियंता (लघु सिंचाई) की एक टीम गठित कर तत्काल मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पारिवारिक हिंसा के खिलाफ सख्त निर्देश

ऋषिकेश से आए एक बुजुर्ग दंपत्ति (नीलम अरोड़ा और उनके पति) ने अपनी पुत्रवधु द्वारा मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत की। बुजुर्गों के प्रति हो रहे इस दुर्व्यवहार पर डीएम ने एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश को निर्देश दिए कि ‘भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम’ के तहत तुरंत वाद दर्ज कर बुजुर्गों को सुरक्षा और सम्मान दिलाया जाए।

सीएम की प्रेरणा और डीएम का विजन: उमड़ा जनसैलाब

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ की नीति को आगे बढ़ाते हुए देहरादून जिलाधिकारी जनता दर्शन सविन बंसल के नेतृत्व में शिकायतों के निस्तारण की दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यही कारण है कि कलेक्ट्रेट में फरियादियों का जनसैलाब उमड़ रहा है।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह सहित जिले के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अपनी ‘कोर टीम’ को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि जनता दर्शन में प्राप्त किसी भी शिकायत को ठंडे बस्ते में न डाला जाए और समयबद्ध निस्तारण की रिपोर्ट सीधे उन्हें प्रेषित की जाए।

देहरादून में आयोजित यह जनता दर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रशासनिक प्रमुख संवेदनशील हो, तो जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान भी मिनटों में संभव है। 31 हजार का बिल माफ होना हो या माफियाओं पर नकेल कसना, डीएम सविन बंसल की कार्यशैली ने देहरादून की जनता के मन में प्रशासन के प्रति एक अटूट विश्वास पैदा किया है।

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