
नई दिल्ली | 29 नवंबर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के 12 वार्डों में आगामी रविवार को होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राजधानी के स्थानीय प्रशासन से लेकर चुनाव आयोग तक, हर स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। वोटिंग के दिन सुरक्षा से लेकर तकनीकी प्रबंधन तक, सभी विभागों को तैनाती के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
यह उपचुनाव केवल स्थानीय स्तर का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि दिल्ली के बदलते राजनीतिक समीकरणों की ‘लिटमस टेस्ट’ के रूप में देखा जा रहा है। विशेषकर तब, जब वर्ष की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भारी जीत मिली थी। ऐसे में यह उपचुनाव यह संकेत दे सकता है कि नगर निगम से लेकर राज्य की राजनीति तक, मतदाताओं की मनोदशा में क्या बदलाव आया है।
उपचुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?
एमसीडी के 12 वार्डों में उपचुनाव इसलिए जरूरी हो गया है क्योंकि विभिन्न कारणों से यहाँ के पार्षदों के पद खाली हो गए थे—कई की मृत्यु, कुछ का इस्तीफा तथा कुछ के निर्वाचन रद्द होने की वजह से सीटें रिक्त हुईं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन उपचुनावों का परिणाम राजधानी की पार्टियों के लिए आने वाले महीनों की रणनीति तय कर सकता है।
- भाजपा, जो विधानसभा चुनाव में मजबूत स्थिति में दिखाई पड़ी, इन नतीजों के जरिये यह साबित करना चाहेगी कि उसके पक्ष में बना माहौल अब भी कायम है।
- दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी (AAP) इन चुनावों को अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है, खासकर ऐसे समय में जब नगर निगम चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
- वहीं कांग्रेस, जो बीते कुछ वर्षों में कमजोर होती दिख रही है, इस उपचुनाव के जरिये अपनी राजनीतिक जमीन दोबारा हासिल करने की कोशिश में है।
कड़े सुरक्षा इंतजाम: 12 वार्डों में 500 से ज्यादा बूथों पर निगरानी
चुनाव आयोग ने बताया कि उपचुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा तैनात की गई है।
- दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री और स्थानीय प्रशासन मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
- संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।
- ईवीएम मशीनों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती गई है।
वहीं, हर मतदान केंद्र पर वेबकास्टिंग या सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। आयोग के अनुसार, “मतदाताओं को निडर होकर मतदान करने का माहौल देना हमारी पहली प्राथमिकता है।”
कोविड-उपबंधों पर भी खास जोर
हालाँकि दिल्ली में अब कोविड-19 का प्रभाव बहुत कम है, फिर भी आयोग ने पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रोटोकॉल लागू रखे हैं।
- मतदान केंद्रों पर सैनिटाइज़र की व्यवस्था
- कतारों में सोशल डिस्टेंसिंग
- बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
वोटरों के लिए जागरूकता अभियान
दिल्ली निर्वाचन आयोग ने इस उपचुनाव में अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया।
- एसएमएस अलर्ट
- सड़क-स्तरीय नुक्कड़ नाटक
- युवाओं के लिए कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम
- महिलाओं के लिए विशेष संपर्क अभियान
अधिकारियों का कहना है कि “शहरी क्षेत्रों में उपचुनावों में मतदान प्रतिशत सामान्यतः कम रहता है, इसलिए हमारा लक्ष्य इस बार अधिकाधिक मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुँचाना है।”
राजनीतिक दलों का ज़ोरदार प्रचार अभियान समाप्त
उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले सभी राजनीतिक दलों ने अपना चुनाव प्रचार थाम लिया। पिछले एक सप्ताह में भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस, तीनों ने इन वार्डों में अपने शीर्ष नेताओं को भेजकर माहौल गर्म रखा।
- भाजपा ने विकास कार्यों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को प्रमुख मुद्दा बनाया।
- आम आदमी पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्तर की समस्याओं पर जनता से जुड़ने का प्रयास किया।
- कांग्रेस ने महंगाई, बेरोज़गारी और नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया।
स्थानीय स्तर पर प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाया। कई वार्डों में रोड शो भी आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
क्या संकेत दे सकते हैं नतीजे?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि एमसीडी उपचुनाव परिणाम दिल्ली के 2026 नगर निगम चुनावों की दिशा तय कर सकते हैं।
दिल्ली की राजनीति में अक्सर देखा गया है कि स्थानीय स्तर के चुनाव कई बार विधानसभा और लोकसभा के चुनावी रुझानों से अलग संकेत देते हैं। इस बार भी यह देखने वाला होगा कि मतदाता किस पार्टी की स्थानीय स्तर पर योग्यता पर भरोसा जताते हैं।
कई विश्लेषकों के अनुसार, “यदि भाजपा इन वार्डों पर मजबूत प्रदर्शन करती है, तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि विधानसभा चुनाव के बाद भी उसकी पकड़ कायम है। वहीं AAP के अच्छे प्रदर्शन का मतलब होगा कि वह नगर निगम स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत बना रही है।”
रविवार को सुबह 8 बजे से मतदान
रविवार सुबह 8 बजे से 5 बजे तक सभी वार्डों में मतदान होगा। मतदान के बाद ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाया जाएगा। मतगणना की तारीख का ऐलान आयोग जल्द करेगा।
सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन भी जारी की गई है।
निष्कर्ष
एमसीडी के 12 वार्डों का यह उपचुनाव भले ही सीटों की संख्या के लिहाज से छोटा हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बेहद बड़े हैं। दिल्ली की तीनों प्रमुख पार्टियाँ इसीलिए इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न मानकर मैदान में उतरी हैं।
रविवार को मतदान के साथ यह साफ़ हो जाएगा कि राजधानी की जनता किस पार्टी की ओर झुकाव रखती है और आगे स्थानीय राजनीति किस मुकाम की ओर बढ़ेगी।



