By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अंकिता हत्याकांड में फैसला आने के बाद राजनीति शुरू,कांग्रेस बताया अधूरा न्याय
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > अंकिता हत्याकांड में फैसला आने के बाद राजनीति शुरू,कांग्रेस बताया अधूरा न्याय
उत्तराखंड

अंकिता हत्याकांड में फैसला आने के बाद राजनीति शुरू,कांग्रेस बताया अधूरा न्याय

The Hill India Desk
Last updated: May 30, 2025 2:12 pm
The Hill India Desk
Published: May 30, 2025
Share
SHARE

अंकिता हत्याकांड में फैसला आने के बाद राजनीति शुरू,कांग्रेस बताया अधूरा न्याय
देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुना दिया है। जिसमें कोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों आरोपियों पुलकित आर्या, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड पर तीन साल बाद आये फैसले पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। जहां हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस फैसलों को न्याय बताया है, वहीं, कांग्रेस ने इसे अधूरा न्याय बताया है।
हरिद्वार सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अंकिता भंडारी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा इस मामले में भले ही थोड़ा सा देरी हुई है लेकिन फैसला आ गया है। उन्होंने कहा अंकिता भंडारी की हत्या के बाद उत्तराखंड ही नहीं देशभर में आक्रोश था। यह मामला बेहद चर्चित रहा. आज तीनों आरोपियों को कोर्ट ने सजा देकर परिवार को न्याय देने का काम किया है। उन्होंने कहा फैसले से एक बार फिर न्यायपालिका पर लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर पोस्ट किया. हरीश रावत ने लिखा अंकिता हत्याकांड पर आखिर फैसला आ गया। जिसमें तीनों दोषियों को आजीवन कारावास हुई है। हरीश रावत ने लिखा वे इस मामले में फांसी की सजा की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने कहा यह राज्य सरकार के अभियोजन पक्ष की कमी है कि उन्होंने उस वीआईपी को बचाने में सफलता पा ली जो इस हत्याकांड का एक बड़ा गुनहगार है। इस मामले में  लोगों का भी कहना है कि इस मामले को सत्ता पक्ष ने पहले ही दिन दबाने का भरपूर प्रयास किया और वह उसमें कामयाब भी रहे। रिजार्ट के सीसीटीवी कैमरे से कोई साक्ष्य न मिलने व रातों-रात अंकिता के कमरे में भी बुलडोजर चलाकर साक्ष्य मिटा दिए गए जांच टीम आरोपियों के मोबाइल तक बरामद नहीं कर सकी। जिसके कारण इस मामले में पूरा इंसाफ नहीं हो सका।

देहरादून। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने दुखद अंकिता प्रकरण में आए न्यायालय के निर्णय को देवभूमिवासियों को संतोष देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों के अकाट्य सबूतों और मजबूत पैरवी के चलते हम दिवंगत बेटी को न्याय दिलाने में सफल हुए हैं। अब राजनैतिक एवं सामाजिक पक्षों को भी, मुद्दे की संवेदनशीलता और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रतिक्रिया देने की जरूरत है।
विभिन्न माध्यमों पर मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि अंकिता की निर्मम हत्या से उसके परिजनों के जीवन की कमी कोई दूर नहीं कर सकता है। लेकिन कोटद्वार अदालत का इस घटना के तीनों दोषियों को कठोरतम सजा के रूप में तमाम उम्र जेल में रखने का आदेश, उनकी पीड़ा को कुछ कम करने का काम अवश्य सफल होगा। न्यायिक प्रक्रिया के पूर्णतः पालन करने से आए इस निर्णय में थोड़ा समय अवश्य लगा, लेकिन फिर भी रिकॉर्ड पौने तीन साल के बाद आया यह निर्णय दुखी प्रदेशवासियों को संतुष्टि देने वाला है।
उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में, इस प्रकरण को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जांच एजेंसियों की भी सराहना की है। क्योंकि जिस तरह संज्ञान में आते ही एफआईआर के बाद 24 घंटे में दोषियों की गिरफ्तारी हुई और 48 घंटे में मृतक का शव भी बरामद किया गया। एजेंसियों ने तमाम फॉरेंसिक एवं नवीन तकनीक का इस्तेमाल किया और आरोपियों के खिलाफ मजबूत एवं अकाट्य सबूत एकत्र किए गए।
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी स्पष्ट किया था कि दोषियों को कठोरतम सजा सुनिश्चित करवाई जाएगी। उनके निर्देश पर जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर पीड़ित परिवार की सहमति से ही सभी कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। जांच के विस्तृत दायरे और गवाहों एवं सबूतों की बड़ी संख्या होने के बावजूद न्यूनतम समय में न्याय सबके सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी भी सेशन कोर्ट के इस निर्णय का सम्मान करते हुए संतोष व्यक्त करती है।
उन्होंने राजनैतिक दलों, सामाजिक संस्थाओं और सभी पक्षों से इस दुखद प्रकरण को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेने का आग्रह किया है। पारदर्शी एवं ईमानदार भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के इस निर्णय को लेकर सबको, बेहद जिम्मेदारी से प्रतिक्रिया देने की जरूरत है।

You Might Also Like

टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: चंबा–कोटी मार्ग पर वाहन खाई में गिरा, 8 लोगों की मौत की आशंका, रेस्क्यू जारी
Uttarakhand: मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग और परिवहन निगम के 122 अभ्यर्थियों को प्रदान किये नियुक्ति पत्र
उत्तराखंड में ‘ग्रीन सेस’ का नया अध्याय: 15 फरवरी से 15 बॉर्डर्स पर वसूली, जानें आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ
चमोली : भराड़ीसैंण कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, ये लियेे बड़े फैसले
उत्तराखंड: किच्छा में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक, 12 हजार की घूस मांगने का मामला उजागर
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डविदेशस्पोर्ट्स

तेहरान से वर्ल्ड कप तक: क्या अमेरिका-ईरान तनाव की कीमत चुका रही है ईरानी फुटबॉल टीम?

The Hill India News
The Hill India News
June 17, 2026
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: फॉर्महाउस, बंगले और करोड़ों की संपत्ति के आरोपों में घिरे 6 अहम किरदार, एसआईटी जांच से बढ़ी हलचल
पेपर लीक से डेटा लीक तक: क्यों सवालों के घेरे में है टेलीग्राम? भारत समेत कई देशों ने दिखाई सख्ती, जानिए पूरा मामला
लखनऊ मेट्रो का महाविस्तार: 10 नए कॉरिडोर से बदलेगी राजधानी की तस्वीर, बाराबंकी से उन्नाव तक दौड़ेगी मेट्रो
किशाऊ बांध परियोजना का रास्ता साफ: अमित शाह के हस्तक्षेप से खत्म हुआ वर्षों पुराना विवाद, उत्तराखंड को बड़ी राहत
व्हाइट हाउस में ट्रंप पर हमले की बड़ी साजिश नाकाम, ड्रोन और स्नाइपर से जन्मदिन समारोह को दहलाने की थी तैयारी, मां की सूचना से पकड़े गए 5 आरोपी
उत्तराखंड में एसटी प्रमाण पत्रों पर बड़ा विवाद: राज्य गठन के बाद जारी सभी प्रमाण पत्रों की जांच की मांग, सरकारी लाभों की भी हो सकती है समीक्षा
उत्तराखंड: कर्णप्रयाग हिंसा के बाद हेमकुंड साहिब ट्रस्ट की बड़ी अपील, धर्म रक्षा के लिए हैं शस्त्र, दुरुपयोग से बचें श्रद्धालु
मेसी का महाविस्फोट: विश्व कप में रचा इतिहास, सबसे अधिक गोल करने वाले संयुक्त रूप से पहले खिलाड़ी बने
शिवसेना UBT में बढ़ी अंदरूनी नाराजगी! आखिर क्यों उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने को तैयार दिख रहे हैं सांसद?
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?