By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: पाकिस्तान में गरीबी का विस्फोट: महंगाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, आधी आबादी पर संकट—ईंधन से लेकर रसोई तक सब कुछ हुआ महंगा
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > फीचर्ड > पाकिस्तान में गरीबी का विस्फोट: महंगाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, आधी आबादी पर संकट—ईंधन से लेकर रसोई तक सब कुछ हुआ महंगा
फीचर्डविदेश

पाकिस्तान में गरीबी का विस्फोट: महंगाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, आधी आबादी पर संकट—ईंधन से लेकर रसोई तक सब कुछ हुआ महंगा

Rajesh Dabral
Last updated: April 2, 2026 10:44 am
Rajesh Dabral
Published: April 2, 2026
Share
SHARE

पाकिस्तान  इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर आर्थिक संकटों में से एक का सामना कर रहा है। ताजा रिपोर्टों ने देश की आर्थिक स्थिति की भयावह तस्वीर पेश की है, जिसमें बढ़ती महंगाई और गिरती क्रय शक्ति ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि देश की करीब आधी आबादी अब गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है।

‘सोशल पॉलिसी एंड डेवलपमेंट सेंटर’ (SPDC) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में गरीबी दर बढ़कर 43.5% तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा सरकारी दावों (करीब 28.9%) से काफी अधिक है, जो यह दर्शाता है कि वास्तविक स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर है। अनुमान है कि लगभग 2.7 करोड़ लोग अब बुनियादी जरूरतों जैसे भोजन, स्वास्थ्य और आवास के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

महंगाई ने तोड़ी कमर

पाकिस्तान में महंगाई का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शॉर्ट-टर्म प्राइस इंडेक्स (SPI) में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में प्रति लीटर करीब 55 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 335.86 रुपये तक पहुंच गई है।

ईंधन की कीमतों में इस बेतहाशा वृद्धि ने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत को कई गुना बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर पड़ा है, जिससे बाजार में हर चीज महंगी हो गई है।

रसोई का बजट बिगड़ा

ईंधन ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीजों के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्याज की कीमतों में 9.63% तक की वृद्धि हुई है, जबकि केले और आटे की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। इसके अलावा दाल, चिकन, दूध और अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थों के दाम भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।

फ्यूल महंगा होने के कारण उत्पादन लागत और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है, जिससे आटा, सब्जियां और मांस जैसी चीजों की कीमतों में उछाल आया है। इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग की थाली पर पड़ा है, जहां अब पहले जैसी विविधता और मात्रा नहीं बची।

मिडिल क्लास भी हुआ प्रभावित

इस आर्थिक संकट का सबसे बड़ा असर पाकिस्तान के मिडिल क्लास पर पड़ा है। जो वर्ग पहले किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी कर लेता था, अब वह भी धीरे-धीरे गरीबी की ओर खिसक रहा है। बढ़ती महंगाई, स्थिर आय और रोजगार के सीमित अवसरों ने मध्यम वर्ग को गंभीर संकट में डाल दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में मिडिल क्लास का बड़ा हिस्सा भी पूरी तरह से लोअर क्लास में तब्दील हो सकता है।

शहरों में ज्यादा संकट

रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि गांवों की तुलना में शहरों में गरीबी तेजी से बढ़ रही है। शहरों में मकान का किराया, बिजली-पानी के बिल, स्वास्थ्य सेवाएं और ट्रांसपोर्ट का खर्च बहुत ज्यादा हो गया है।

जहां कभी शहरों को आर्थिक अवसरों का केंद्र माना जाता था, वहीं अब वहां जीवनयापन करना बेहद कठिन होता जा रहा है। कई परिवारों को खर्च कम करने के लिए अपने जीवन स्तर में भारी कटौती करनी पड़ रही है।

बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव

पाकिस्तान इस समय पिछले 11 वर्षों में सबसे अधिक गरीबी और 21 वर्षों में सबसे अधिक बेरोजगारी का सामना कर रहा है। उद्योगों में गिरावट, निवेश की कमी और राजनीतिक अस्थिरता ने आर्थिक गतिविधियों को कमजोर कर दिया है।

नौकरियों की कमी और बढ़ती आबादी ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। युवाओं के पास रोजगार के सीमित अवसर हैं, जिससे सामाजिक असंतोष भी बढ़ रहा है।

आगे क्या?

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान को इस संकट से उबरने के लिए ठोस और दीर्घकालिक नीतियों की जरूरत है। इसमें महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन, और आर्थिक सुधारों को प्राथमिकता देनी होगी।

अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह संकट और भी गहरा सकता है, जिसका असर न केवल पाकिस्तान बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।

You Might Also Like

Uttarakhand: मुख्यमंत्री ने की राज्य में होने वाले ’38 वें राष्ट्रीय खेलों’ के आयोजन की समीक्षा
Ghaziabad: NH-9 में छात्रा की मौत का दर्दनाक वीडियो आया सामने, मोबाइल स्नैचिंग के दौरान घसीटा था चलते ऑटो से
New Delhi: मुंबई में करोड़ों की लूट के मामले में फरार दो आरोपी, राजस्थान के चुरू में गिरफ्तार हुए
पहलगाम हमले के बाद भारत का करारा जवाब: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में किया खुलासा
New Delhi: अमरनाथ यात्रा के दौरान 40 खाद्य-पदार्थों पर लगा बैन: सूत्र
TAGGED:Food InflationFuel Price HikePakistan CrisisPoverty CrisisRising Prices
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
क्राइमदेशफीचर्ड

सात महीने पहले माता-पिता की हत्या का आरोप, अब इंजेक्शन लगाकर महिला की मौत; प्रेम संबंध विवाद से जुड़ा था मामला

The Hill India News
The Hill India News
August 24, 2026
कराची में बिजली कटौती पर फूटा लोगों का गुस्सा, प्रदर्शन हुआ हिंसक; भीड़ ने तीन पुलिसकर्मियों को पीटा
अमरावती अस्पताल के NICU में वेंटिलेटर धमाके से भीषण आग, तीन नवजातों की मौत; छह गंभीर बच्चों को किया गया रेफर
CWC की बैठक छोड़कर MA की परीक्षा देने पहुंचे चरणजीत सिंह चन्नी, बोले- डिग्री के लिए एक साल पीछे नहीं होना चाहता
‘भारत पानी को हथियार बना सकता है’, सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान में बढ़ी बेचैनी, मंत्री ने जताई फसलों और जल सुरक्षा की चिंता
HIV पॉजिटिव की गलत एंट्री पर AIIMS ऋषिकेश पर 60 हजार का जुर्माना, राज्य आयोग ने बरकरार रखा फैसला
रुद्रपुर में किसानों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट गेट पर डटे सैकड़ों किसान
राहुल गांधी पर सीएम धामी का बड़ा हमला, बोले- झूठ फैलाकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं
चीनी संकट पर सरकार का बड़ा दावा: ‘इथेनॉल निर्दोष’, कम उत्पादन और जमाखोरी को बताया असली विलेन
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस का सरकार से सवाल: CBI जांच की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?