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ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’: वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो न्यूयॉर्क में गिरफ्तार, DEA की हथकड़ी में बोले- ‘हैप्पी न्यू ईयर’

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इतिहास में साल 2026 की शुरुआत एक ऐसे धमाके के साथ हुई है जिसकी गूंज दशकों तक सुनाई देगी। लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) अब अमेरिकी गिरफ्त में हैं। वाशिंगटन द्वारा चलाए गए एक गुप्त और बेहद साहसिक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) के तहत मादुरो को उनके ही देश से उठाकर न्यूयॉर्क पहुंचा दिया गया है।

व्हाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल द्वारा जारी एक वीडियो ने इस खबर पर मुहर लगा दी है, जिसमें एक समय के शक्तिशाली तानाशाह को बेबस और हथकड़ियों में देखा जा सकता है।

आधी रात को बेडरूम में घुसी डेल्टा फोर्स

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ऑपरेशन किसी हॉलीवुड फिल्म की पटकथा जैसा था। अमेरिका की सबसे विशिष्ट कमांडो यूनिट ‘डेल्टा फोर्स’ और अन्य एलीट यूनिट्स ने कराकास स्थित Ft Tiuna मिलिट्री कंपाउंड पर धावा बोला। यह वेनेजुएला का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है, लेकिन अमेरिकी तकनीक और रणनीति के सामने यह सुरक्षा ढह गई।

जब ऑपरेशन शुरू हुआ, तब 63 वर्षीय निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस (Cilia Flores) अपने बेडरूम में सो रहे थे। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि पूरे मिशन को अंजाम देने में मात्र 30 मिनट लगे। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस भीषण मुठभेड़ और सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई।


वायरल वीडियो: DEA मुख्यालय में मादुरो की पहली झलक

व्हाइट हाउस के आधिकारिक अकाउंट ‘Rapid Response 47’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक 12 सेकंड का वीडियो साझा किया है। इस वीडियो ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है।

वीडियो के मुख्य अंश:

  • हुलिए में बदलाव: मादुरो को एक काली हुडी पहने देखा जा सकता है। उनके हाथों में मजबूती से हथकड़ी लगी हुई है।

  • DEA की कस्टडी: उन्हें न्यूयॉर्क स्थित ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के मुख्यालय के अंदर ले जाते हुए दिखाया गया है। कॉरिडोर के नीले कालीन पर ‘DEA NYD’ साफ नजर आ रहा है।

  • अजीब व्यवहार: रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के तनाव के बावजूद मादुरो ने कमरे में मौजूद अमेरिकी अधिकारियों को “गुड नाइट” और “हैप्पी न्यू ईयर” विश किया। उनके इस व्यवहार को विशेषज्ञ मानसिक दबाव या हार स्वीकार करने के तौर पर देख रहे हैं।


ब्रुकलिन की उस जेल में पहुंचे मादुरो, जहाँ ‘डिडी’ बंद थे

DEA मुख्यालय में शुरुआती कागजी कार्रवाई और पूछताछ के बाद निकोलस मादुरो को भारी सुरक्षा के बीच ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) भेज दिया गया है।

यह वही जेल है जो पिछले साल तब चर्चा में आई थी जब मशहूर अमेरिकी रैपर शॉन “डिडी” कॉम्ब्स (Sean “Diddy” Combs) को यहाँ रखा गया था। MDC ब्रुकलिन अपनी कठोर व्यवस्था और ‘हाई-प्रोफाइल’ कैदियों के लिए जानी जाती है। मादुरो को यहाँ एक विशेष सुरक्षा सेल (Special Housing Unit) में रखा गया है, जहाँ उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।


आखिर क्यों हुई मादुरो की गिरफ्तारी? (नार्को-टेररिज्म के आरोप)

अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी के लिए कई साल पहले ही जाल बिछा दिया था। उन पर लगे आरोपों की सूची लंबी है:

  1. नार्को-टेररिज्म: अमेरिका का आरोप है कि मादुरो ने ‘कार्टेल ऑफ द संस’ (Cartel of the Suns) का नेतृत्व किया, जिसने अमेरिका में भारी मात्रा में कोकीन भेजी।

  2. मनी लॉन्ड्रिंग: वेनेजुएला के सरकारी खजाने से अरबों डॉलर की हेराफेरी और उन्हें विदेशी खातों में छिपाने का आरोप।

  3. आतंकवाद को पनाह: कोलंबियाई विद्रोही समूहों (FARC) के साथ साठगांठ कर क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करना।

अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो की गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को 15 मिलियन डॉलर (करीब 125 करोड़ रुपये) का इनाम देने की घोषणा पहले ही कर रखी थी।


वेनेजुएला और वैश्विक राजनीति पर असर

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में संवैधानिक संकट गहरा गया है। जहाँ एक तरफ कराकास की सड़कों पर मादुरो समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे ‘लोकतंत्र की नई सुबह’ बता रहा है। रूस और चीन जैसे देशों ने इस अमेरिकी कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

व्हाइट हाउस का रुख: अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई न्याय की स्थापना के लिए की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का मानना है कि मादुरो के हटने से लैटिन अमेरिका में लोकतंत्र की वापसी होगी और नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगेगी।


क्या यह मादुरो युग का अंत है?

न्यूयॉर्क की अदालत में मादुरो की पेशी अब दुनिया का सबसे बड़ा ट्रायल बनने जा रही है। यदि उन पर लगे नार्को-टेररिज्म के आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो उन्हें आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ब्रुकलिन की उस जेल पर टिकी हैं जहाँ एक देश का ‘सुप्रीम लीडर’ अब कैदी नंबर के रूप में अपनी रातें काट रहा है।

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