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नासिक का ‘पापलोक’: भविष्य बताने के बहाने महिलाओं को फँसा रहा था अपने जाल में ज्योतिषाचार्य अशोक खरात

नासिक। आस्था और विश्वास के नाम पर चल रहे ढोंग का जब पर्दाफाश होता है, तो समाज की रूह कांप जाती है। महाराष्ट्र के नासिक से सामने आया ज्योतिषाचार्य अशोक खरात उर्फ कैप्टन का मामला कुछ ऐसा ही है। जिस हाथ की लकीरों में लोग अपनी खुशहाली और भविष्य तलाशने आते थे, उसी हाथ ने दर्जनों महिलाओं के जीवन में कभी न मिटने वाला कलंक लिख दिया। खुद को दैवीय शक्तियों का स्वामी बताने वाला खरात दरअसल एक शातिर शिकारी था, जिसने कनाडा कॉर्नर के पॉश इलाके से लेकर सिन्नर के फार्म हाउस तक शोषण का एक अभेद्य किला बना रखा था।

पुलिस की एसआईटी (SIT) जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने के लिए काफी हैं। आइए जानते हैं कि कैसे यह ‘कथित’ भविष्यवक्ता महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था।

तीन लेयर का मायाजाल: डर, नशा और रसूख

महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज FIR और SIT की जांच के मुताबिक, अशोक खरात ने महिलाओं को शिकार बनाने के लिए एक ‘थ्री-लेयर’ रणनीति तैयार की थी।

1. रसूख का प्रदर्शन और विश्वास का दिखावा: खरात के दफ्तर की दीवारों पर महाराष्ट्र के दिग्गज राजनेताओं और प्रभावशाली हस्तियों के साथ उसकी तस्वीरें टंगी थीं। दुखी और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रही महिलाएं जब उसके पास पहुंचतीं, तो वह इन तस्वीरों के जरिए यह आभास कराता था कि उसकी पहुंच कानून और शासन से भी ऊपर है। वह खुद को ‘कैप्टन’ कहलवाता था ताकि उसका व्यक्तित्व आधिकारिक और प्रभावशाली लगे।

2. मौत का डर और भविष्यवाणियों का खेल: खरात का सबसे बड़ा हथियार था ‘डर’। वह अक्सर महिलाओं को यह कहकर डराता था कि उसके ‘योग’ बता रहे हैं कि उनके पति की जान को खतरा है। अपने परिवार की सलामती चाहने वाली महिलाएं घबराहट में उसके चरणों में गिर जाती थीं। यहीं से उसके ‘शुद्धिकरण’ और ‘विशेष अनुष्ठान’ का खेल शुरू होता था।

3. जहरीला प्रसाद और सम्मोहन: पीड़िताओं के बयानों के अनुसार, खरात अनुष्ठान के नाम पर उन्हें नशीला पदार्थ मिला हुआ ‘तीर्थ’ या प्रसाद पिला देता था। इसके बाद वह सम्मोहन (Hypnosis) की तकनीक का सहारा लेकर उन्हें बेसुध कर देता था। इसी अवस्था में वह महिलाओं के साथ घिनौनी हरकतें करता था।

केबिन में छिपा ‘कैमरा’ और 58 वीडियो का काला सच

अशोक खरात का अपराध केवल शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं था। उसके केबिन में गुप्त कैमरे लगे थे, जिनसे वह पीड़ितों की आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। पुलिस को मिली एक पेनड्राइव में 58 ऐसे वीडियो मिले हैं, जो चीख-चीख कर खरात की दरिंदगी की गवाही दे रहे हैं।

एक बार वीडियो बन जाने के बाद, खरात का ‘दैवीय’ चेहरा उतर जाता और असली ब्लैकमेलर सामने आता। वह उन्हीं वीडियो के जरिए महिलाओं को समाज में बदनाम करने की धमकी देता और उन्हें सालों तक शारीरिक और आर्थिक शोषण की आग में झोंके रखता।

पीड़िता की आपबीती: ‘पेंडेंट’ से लेकर ‘दिसंबर 2025’ तक का नरक

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक मुख्य शिकायतकर्ता ने अपनी आपबीती में बताया कि वह पहली बार अपने लिए जीवनसाथी की तलाश में खरात से मिली थी। खरात ने उसे एक विशेष पेंडेंट दिया और उसे कभी न उतारने की सलाह दी। संयोगवश, एक परीक्षा के दौरान महिला ने पेंडेंट उतारा और हफ्तेभर के भीतर उसकी तयशुदा शादी टूट गई। इस घटना ने ज्योतिषी पर उसके विश्वास को अंधविश्वास में बदल दिया।

इसी का फायदा उठाकर खरात ने उसे एक अनुष्ठान के लिए मजबूर किया, उसे नशीला ड्रिंक पिलाया और पहली बार रेप किया। शादी होने के बाद भी खरात उसे ब्लैकमेल करता रहा। महिला का आरोप है कि वह उसे धमकी देता था कि अगर उसने बात नहीं मानी, तो वह उसके पति को मार देगा। यह सिलसिला दिसंबर 2025 तक निर्बाध रूप से जारी रहा, जब तक कि पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस का दरवाजा नहीं खटखटाया।


SIT जांच और बरामदगी: आलीशान दफ्तर के पीछे का सच

नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने जब खरात के ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां से कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुईं। पेनड्राइव में मौजूद वीडियो केवल पीड़ितों के ही नहीं हैं, बल्कि उनमें खरात को कई रसूखदार हस्तियों के साथ गुप्त चर्चा करते हुए भी देखा गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह इन राजनेताओं को भी ब्लैकमेल कर रहा था या उनके संरक्षण में यह धंधा फल-फूल रहा था।

सावधानी ही बचाव है: विशेषज्ञों की राय

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जब इंसान गहरे मानसिक तनाव या पारिवारिक कलह में होता है, तो वह तार्किक सोच खो देता है। अशोक खरात जैसे अपराधी इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं।

  • किसी भी ज्योतिषी या तांत्रिक द्वारा दिए गए पेय पदार्थ या प्रसाद को बिना सोचे-समझे ग्रहण न करें।

  • यदि कोई आपको डराकर या वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करे, तो तुरंत पुलिस (112 या वीमेन हेल्पलाइन) से संपर्क करें।

अशोक खरात का मामला यह याद दिलाता है कि अंधविश्वास की जड़ें हमारे समाज में कितनी गहरी हैं। यह केवल एक अपराधी की कहानी नहीं है, बल्कि उन दर्जनों टूटे हुए परिवारों की त्रासदी है जिन्होंने एक ढोंगी पर भरोसा किया। पुलिस अब इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है ताकि इन पीड़ितों को न्याय मिल सके।

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