प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में अपराधियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सूबे की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर एक बार फिर जमीन पर देखने को मिला है। संगम नगरी में पिछले कुछ दिनों के भीतर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले दो बड़े अपराधियों को पुलिस ने उनके सही अंजाम तक पहुंचाया है। पहली सनसनीखेज घटना पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र की है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करने वाला मुख्य आरोपी मुशर्रफ पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया है। वहीं दूसरी ओर, जिले के यमुना नगर इलाके में तीन बुजुर्गों की बेरहमी से हत्या करने वाले साइको किलर हिमांशु यादव को भी पुलिस ने तड़के हुई एक अन्य मुठभेड़ में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। दोनों ही मामलों में पुलिस की जवाबी फायरिंग में अपराधियों के पैरों में गोलियां लगी हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुरामुफ्ती कांड: अपहरण, दरिंदगी और सिगरेट से दागने की क्रूरता
मामला प्रयागराज के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के पवन पुर गांव का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती 14 जून को इलाके के ही एक रसूखदार मुस्लिम युवक मुशर्रफ ने गांव की ही एक नाबालिग लड़की को उसके घर से जबरन अगवा कर लिया। आरोप है कि वह उसे एक सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ जबरन दुराचार (रेप) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
दरिंदगी की हद तो तब पार हो गई जब आरोपी ने लड़की को मुंह बंद रखने और किसी को भी घटना की जानकारी न देने की धमकी दी। विरोध करने पर आरोपी मुशर्रफ ने जलती हुई सिगरेट से नाबालिग के शरीर के कई हिस्सों को बेरहमी से दाग दिया। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी आधी रात को पीड़िता को उसके घर के बाहर बेसुध हालत में छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता ने जब रोते हुए अपने परिजनों को इस आपबीती की जानकारी दी, तो पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पहले टालमटोल, फिर विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह का कड़ा रुख और ‘योगी सरकार’ की याद
घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर स्थानीय पुरामुफ्ती थाने पहुंचा। लेकिन आरोप है कि पुलिसिया तंत्र की पारंपरिक सुस्ती और संवेदनहीनता के कारण कई दिनों तक मामले में कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और न ही मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर था।
इसी बीच, इस अमानवीय घटना और पुलिस की लापरवाही की भनक क्षेत्रीय भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को लगी। विधायक तुरंत सक्रिय हुए और उन्होंने पीड़ित परिवार को अपने सामने बिठाकर सीधे पुरामुफ्ती थाना प्रभारी (इस्पेक्टर) को फोन लगाया।
विधायक के इस तीखे रुख और सीधे अल्टीमेटम के बाद बैकफुट पर आई पुलिस तत्काल हरकत में आई और मुशर्रफ सहित तीन अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश में कई टीमें रवाना कर दीं।
घेराबंदी के दौरान फायरिंग, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुशर्रफ ढेर
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस मुखबिरों और सर्विलांस की मदद से आरोपी की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही थी। इसी दौरान पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी मुशर्रफ पुरामुफ्ती इलाके के ही एक ग्रामीण क्षेत्र में छिपा हुआ है और वहां से भागने की फिराक में है।
पुलिस टीम ने जब बताए गए स्थान पर मुशर्रफ को चारों तरफ से घेरा, तो खुद को फंसता देख उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपने पास मौजूद अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग कर दी। पुलिस के जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत अपना बचाव किया और जवाबी क्रॉस फायरिंग की। इस मुठभेड़ में पुलिस की अचूक गोलियां आरोपी मुशर्रफ के दोनों पैरों में जा लगीं, जिससे वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। मौके से पुलिस को एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोके बरामद हुए हैं।
दूसरा एक्शन: यमुना नगर में तीन बुजुर्गों की हत्या का आरोपी हिमांशु भी मुठभेड़ में घायल
प्रयागराज पुलिस का यह सख्त एक्शन यहीं नहीं रुका। जिले के यमुना नगर क्षेत्र में हाल ही में हुए एक दर्दनाक तिहरे हत्याकांड (ट्रिपल मर्डर) के मामले में भी पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बीते मंगलवार (16 जून) की तड़के कुकुर कटवा गांव में तीन बुजुर्गों—श्याम लाल (65 वर्ष), उनकी पत्नी अमरावती (62 वर्ष) और एक अन्य बुजुर्ग महिला इंद्रावती (60 वर्ष) की अज्ञात हमलावरों ने सोते समय नृशंस हत्या कर दी थी। इस तिहरे हत्याकांड से पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी और कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे।
कुकुर कटवा गांव के पास मुठभेड़, पैर में लगी गोली
पुलिस उपायुक्त (DCP यमुना नगर) विवेक चंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर के आधार पर पुलिस की खुफिया शाखा और स्थानीय थानों की टीमें लगातार संदिग्धों की तलाश में जुटी थीं। जांच के दौरान गांव के ही एक 22 वर्षीय युवक हिमांशु यादव और उसके कुछ साथियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु यादव को गिरफ्तार कर लिया था।
डीसीपी विवेक चंद्र यादव के मुताबिक, घटना के साक्ष्य और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए जब पुलिस टीम आरोपी हिमांशु को लेकर कुकुर कटवा गांव के समीप जंगलों की तरफ जा रही थी, तब उसने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। आत्मरक्षार्थ की गई पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी हिमांशु यादव भी पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगी है और उसे भी डॉक्टरों की निगरानी में उपचार दिया जा रहा है।
जनता ने ली राहत की सांस, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
इन दोनों बड़ी कार्रवाइयों के बाद प्रयागराज के स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की इस त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का यह कड़ा रवैया यह साफ संदेश देता है कि अपराध करने के बाद कोई भी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता, चाहे उसे राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण प्राप्त क्यों न हो।
