मुंबई में सनसनी: फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास पर फायरिंग, पुणे से बिश्नोई गैंग के 5 संदिग्ध दबोचे गए
मुंबई/पुणे। देश की आर्थिक राजधानी और बॉलीवुड की नगरी मुंबई एक बार फिर अंडरवर्ल्ड और संगठित अपराध की गूंज से दहल उठी है। मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित बहुमंजिला आवास ‘शेट्टी टावर’ पर रविवार तड़के हुई अंधाधुंध फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने तत्परता दिखाते हुए घटना के चंद घंटों के भीतर ही पुणे से पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए सभी आरोपी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
आधी रात को गोलियों की गूंज से दहला जुहू
घटना रविवार तड़के करीब 12:43 बजे की है, जब पूरा शहर नींद की आगोश में था। शांत रहने वाले जुहू के पॉश इलाके में स्थित शेट्टी टावर के बाहर अचानक एक बाइक रुकी। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाइक सवार हमलावरों ने टावर को निशाना बनाते हुए चार से पांच राउंड फायरिंग की। इसमें से एक गोली इमारत की ऊपरी मंजिल की ग्लास फेसाड (कांच की गैलरी) पर जा लगी।
जिस वक्त यह हमला हुआ, फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी टावर की ऊपरी मंजिल पर ही मौजूद थे। गनीमत रही कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन बॉलीवुड की हाई-प्रोफाइल हस्तियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता की लहर दौड़ गई है।
CCTV और पुणे कनेक्शन: कैसे पहुंची पुलिस कातिलों तक?
घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच के लिए तुरंत 12 विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच का सबसे अहम मोड़ तब आया जब पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर पुणे का पाया गया।
तकनीकी इनपुट और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से मुंबई क्राइम ब्रांच ने पुणे पुलिस के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। पुलिस की टीमें पुणे के वारजे इलाके में पहुंचीं, जहां से पांच युवाओं को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
गिरफ्तार संदिग्ध और लॉरेंस बिश्नोई मॉड्यूल
पकड़े गए आरोपियों की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच है, जो यह दर्शाता है कि बिश्नोई गैंग नए लड़कों का इस्तेमाल कर रहा है। पकड़े गए संदिग्धों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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आदित्य ज्ञानेश्वर गायकी
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सिद्धार्थ दीपक येनपुरे
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समर्थ शिवशरण पोमाजी
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स्वप्नील बंडू सकट
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अमन आनंद मारोते
पुलिस के अनुसार, इन पांचों आरोपियों ने मुख्य शूटरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया था। इसमें हमलावरों के ठहरने की व्यवस्था, हथियार पहुंचाना, रेकी करना और भागने के लिए वाहन उपलब्ध कराना शामिल है।
सोशल मीडिया पर ‘चेतावनी’ और मास्टरमाइंड का सुराग
फायरिंग के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक पोस्ट वायरल हुआ। इस पोस्ट में रोहित शेट्टी के घर पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे महज एक “चेतावनी” करार दिया गया। पोस्ट में धमकी भरे लहजे में कहा गया कि “अगली बार अंजाम और भी गंभीर होगा।”
दिलचस्प बात यह है कि पोस्ट डालने के कुछ देर बाद ही उसे डिलीट कर दिया गया। पुलिस का मानना है कि यह वही ‘मोडस ऑपेरंडी’ (काम करने का तरीका) है जो सलमान खान के घर ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट’ के बाहर हुई फायरिंग और बाबा सिद्दीकी की हत्या के दौरान अपनाया गया था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड शुभम लोणकर है, जो फिलहाल विदेश में बैठकर बिश्नोई गैंग के ऑपरेशंस को हैंडल कर रहा है।
रोहित शेट्टी को पहले नहीं मिली थी कोई धमकी
आमतौर पर रंगदारी या हमले से पहले गैंग द्वारा धमकी दी जाती है, लेकिन रोहित शेट्टी के मामले में पुलिस को ऐसी किसी भी पूर्व शिकायत की जानकारी नहीं मिली है। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या यह हमला केवल दहशत फैलाने के लिए किया गया था या इसके पीछे कोई गहरी वित्तीय रंजिश या फिल्म जगत में दबदबा कायम करने की कोशिश है।
संगठित अपराध का नया पैटर्न: पुलिस के लिए चुनौती
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बढ़ता प्रभाव मुंबई पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क जिस तरह से महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा में फैला हुआ है, वह कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है।
मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। हम इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमलावर सीधे किसके संपर्क में थे। संगठित अपराध के खिलाफ हमारी कार्रवाई जीरो टॉलरेंस की होगी।”
बॉलीवुड में डर का माहौल
रोहित शेट्टी जैसे सफल और ‘मास’ फिल्में बनाने वाले निर्देशक के घर पर हमला होना यह दर्शाता है कि अब अपराधी किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। जुहू और बांद्रा जैसे इलाकों में जहां बॉलीवुड सितारों का जमावड़ा है, वहां पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और कई हस्तियों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है।
फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच पकड़े गए पांचों आरोपियों को रिमांड पर लेकर मुख्य शूटरों और मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।



