
नई दिल्ली | केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत AGMUT कैडर (Arunachal Pradesh, Goa, Mizoram and Union Territories) के 30 वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। केंद्र सरकार द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस फेरबदल में दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार जैसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेशों के शीर्ष अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। माना जा रहा है कि आगामी महीनों में केंद्र शासित प्रदेशों में विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
दिग्गज IAS अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव
गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण तबादला 1992 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अश्वनी कुमार का है। अश्वनी कुमार, जो वर्तमान में दिल्ली में तैनात थे, उन्हें अब जम्मू-कश्मीर भेजा गया है। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बाद बन रही नई प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वहीं, लद्दाख में अपनी सेवाएं दे रहे 1994 बैच के IAS अधिकारी संजीव खिरवार की दिल्ली वापसी हुई है। उनके अनुभव का लाभ अब राष्ट्रीय राजधानी के महत्वपूर्ण विभागों में लिया जाएगा। इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर से संतोष डी. वैद्य (1998 बैच) को वापस दिल्ली स्थानांतरित किया गया है।
प्रमुख तबादलों की सूची एक नजर में:
प्रशासनिक फेरबदल की गहराई को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:
| अधिकारी का नाम | बैच | वर्तमान तैनाती | नई तैनाती |
| अश्वनी कुमार | 1992 | दिल्ली | जम्मू-कश्मीर |
| संजीव खिरवार | 1994 | लद्दाख | दिल्ली |
| संतोष डी. वैद्य | 1998 | जम्मू-कश्मीर | दिल्ली |
| पद्मा जायसवाल | 2003 | पुडुचेरी | दिल्ली |
| शूरबीर सिंह | 2004 | दिल्ली | लद्दाख |
लद्दाख और पुडुचेरी में भी प्रशासनिक फेरबदल
सीमावर्ती क्षेत्रों और दूरस्थ केंद्र शासित प्रदेशों में गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए शूरबीर सिंह (2004 बैच) को दिल्ली से हटाकर लद्दाख भेजा गया है। लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और सुरक्षा चुनौतियों के बीच प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता होगी।
इसी तरह, पुडुचेरी में तैनात पद्मा जायसवाल (2003 बैच) को दिल्ली बुला लिया गया है। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली सरकार के कई अहम विभागों में रिक्तियों और फेरबदल की संभावना है, जिसके मद्देनजर इन वरिष्ठ अधिकारियों को वापस बुलाया गया है।
क्या है AGMUT कैडर और क्यों महत्वपूर्ण है यह फेरबदल?
AGMUT (Arunachal Pradesh, Goa, Mizoram and Union Territories) एक संयुक्त कैडर है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम के साथ-साथ दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, पुडुचेरी, दादरा और नगर हवेली, दमन-दीव और लक्षद्वीप शामिल हैं।
चूंकि इन क्षेत्रों का सीधा नियंत्रण केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) के पास होता है, इसलिए यहाँ अधिकारियों की तैनाती और तबादले राष्ट्रीय नीति और सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील होते हैं। 30 अधिकारियों की इस लंबी सूची में जूनियर से लेकर सीनियर रैंक तक के अधिकारी शामिल हैं, जो यह संकेत देता है कि मंत्रालय जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी में है।
प्रशासनिक कसावट और आगामी चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फेरबदल के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
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जम्मू-कश्मीर में स्थिरता: अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए अनुभवी हाथों की जरूरत है।
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दिल्ली में समन्वय: दिल्ली नगर निगम (MCD) और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए प्रशासनिक फेरबदल अनिवार्य था।
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लद्दाख विकास एजेंडा: लद्दाख में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और वहां की स्वायत्तता संबंधी मांगों के बीच एक मजबूत प्रशासनिक टीम की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
“यह फेरबदल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसकी व्यापकता बताती है कि सरकार केंद्र शासित प्रदेशों में सुशासन (Good Governance) को लेकर गंभीर है।” — सूत्र, गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय के इस आदेश के बाद अब सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती वाले स्थानों पर ज्वाइनिंग देने को कहा गया है। इस बड़े बदलाव का असर न केवल दिल्ली की राजनीति पर पड़ेगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में भी नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है। आने वाले दिनों में कुछ IPS अधिकारियों के भी बड़े तबादलों की संभावना जताई जा रही है।



