By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: UKSSSC पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट: सुमन, खालिद और साबिया पर तय होंगे आरोप, 18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > UKSSSC पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट: सुमन, खालिद और साबिया पर तय होंगे आरोप, 18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
उत्तराखंडफीचर्ड

UKSSSC पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट: सुमन, खालिद और साबिया पर तय होंगे आरोप, 18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

The Hill India News
Last updated: August 12, 2026 4:52 am
The Hill India News
Published: August 12, 2026
Share
SHARE

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित अनियमित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े बहुचर्चित पेपर लीक मामले में अब कानूनी कार्रवाई एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। देहरादून स्थित विशेष CBI न्यायालय ने आरोपी सुमन, मोहम्मद खालिद और साबिया के खिलाफ आरोप तय करने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार माना है। अदालत ने मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और इसके लिए 18 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।

Contents
परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचने का आरोपसुमन ने अदालत में क्या दलील दी?CBI ने सुमन की दलील पर जताई आपत्तिखालिद की परीक्षा केंद्र में गतिविधियों पर भी नजरअदालत ने माना- प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री मौजूद18 अगस्त को आरोप गठन की कार्रवाईप्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर फिर उठे सवालअभ्यर्थियों के भरोसे की बहाली सबसे जरूरीअब आगे क्या होगा?

अदालत के समक्ष पेश किए गए केस रिकॉर्ड, केस डायरी और जांच से जुड़े दस्तावेजों के अवलोकन के बाद यह माना गया कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया ऐसी सामग्री मौजूद है, जिसके आधार पर उनके विरुद्ध मुकदमे में आरोप तय किए जा सकते हैं। हालांकि, आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में आरोपियों को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखने और कानूनी बचाव का पूरा अधिकार रहेगा।

परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचने का आरोप

मामला 21 सितंबर 2025 को आयोजित UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा से जुड़ा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद खालिद खुद इस परीक्षा का अभ्यर्थी था और उसका परीक्षा केंद्र आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादुरपुर जट में बनाया गया था।

अभियोजन के अनुसार परीक्षा केंद्र पर निगरानी के लिए करीब 15 कैमरे लगाए गए थे। आरोप है कि परीक्षा शुरू होने के बाद खालिद ने प्रश्नपत्र के तीन पेज की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से खींच लीं। इसके बाद वह करीब 11:30 बजे वॉशरूम गया। जांच में आरोप लगाया गया कि प्रश्नपत्र के फोटो व्हाट्सऐप के माध्यम से आरोपी सुमन तक पहुंचाए गए।

इसके बाद सुमन की ओर से प्रश्नों के कुछ उत्तर व्हाट्सऐप के जरिए भेजे जाने की बात सामने आई। जांच एजेंसी ने इसी घटनाक्रम को परीक्षा में अनुचित साधनों के कथित इस्तेमाल की कड़ी के रूप में अदालत के सामने रखा।

सुमन ने अदालत में क्या दलील दी?

आरोपी सुमन की ओर से अदालत में अपने बचाव में यह तर्क दिया गया कि उसे शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि जिस दिन उससे प्रश्नों के उत्तर पूछे गए, उसी दिन UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित की जा रही थी।

उसका कहना था कि मोहम्मद खालिद ने व्हाट्सऐप के माध्यम से उसे बताया था कि उसकी बहन का पेपर है और उससे करीब 20 बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने के लिए कहा गया था। सुमन के मुताबिक, बातचीत के दौरान बाद में उसे पता चला कि उसी दिन UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित हो रही थी।

बचाव पक्ष की ओर से इस दलील के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की गई कि सुमन को कथित प्रश्नपत्र के वास्तविक स्रोत और परीक्षा की स्थिति की जानकारी पहले से नहीं थी।

CBI ने सुमन की दलील पर जताई आपत्ति

सुमन की ओर से दी गई इस दलील का CBI ने विरोध किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, सुमन को भेजे गए प्रश्नपत्र के पन्नों पर परीक्षा का QR कोड मौजूद था। अभियोजन का कहना है कि ऐसे संकेतों से यह पता चल सकता था कि ये सामान्य प्रश्न नहीं, बल्कि वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र के हिस्से थे।

CBI ने अदालत के सामने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र और उसके उत्तरों से संबंधित व्हाट्सऐप संदेशों को सुमन ने अपने मोबाइल फोन से तत्काल डिलीट कर दिया था। एजेंसी के मुताबिक, यदि उसे वास्तव में पूरी जानकारी नहीं थी, तो संदेशों को हटाने का कदम भी जांच के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य के रूप में सामने आया।

अभियोजन के अनुसार, सुमन ने पुलिस को सूचना देने के बजाय यह जानकारी बॉबी पंवार को भेजी। CBI ने इन परिस्थितियों को भी मामले में उसके कथित संलिप्त होने के संदर्भ में अदालत के समक्ष रखा।

खालिद की परीक्षा केंद्र में गतिविधियों पर भी नजर

मामले में मोहम्मद खालिद की भूमिका को लेकर जांच एजेंसी ने परीक्षा केंद्र की गतिविधियों का भी उल्लेख किया है। रिकॉर्ड के मुताबिक खालिद का परीक्षा केंद्र आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादुरपुर जट था।

परीक्षा केंद्र में निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए थे। अभियोजन के अनुसार परीक्षा शुरू होने के बाद खालिद ने प्रश्नपत्र के तीन पेज की तस्वीरें खींचीं और कुछ देर बाद वॉशरूम गया। आरोप है कि इसी दौरान प्रश्नपत्र के फोटो व्हाट्सऐप के माध्यम से बाहर भेजे गए और आगे सुमन तक पहुंचे।

जांच एजेंसी ने इस पूरे घटनाक्रम को जोड़ते हुए आरोपियों की कथित भूमिका अदालत के सामने रखी। अदालत ने केस डायरी और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री पाई है।

अदालत ने माना- प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री मौजूद

विशेष न्यायाधीश CBI मदन राम की अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों का अवलोकन किया। अदालत के सामने रखी गई सामग्री के आधार पर यह माना गया कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार मौजूद है।

अदालत के अनुसार, सुमन को भेजे गए प्रश्नपत्र के पन्ने वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से संबंधित थे और उनके उत्तर भेजने का कृत्य प्रतियोगी परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़ा माना जा सकता है।

यही कारण है कि अदालत ने मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ किया है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अदालत द्वारा आरोप तय करने के लिए पर्याप्त प्रथम दृष्टया आधार माना जाना अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। मुकदमे के दौरान अभियोजन को अपने आरोपों को साक्ष्यों के आधार पर साबित करना होगा और आरोपियों को अपना बचाव प्रस्तुत करने का पूरा कानूनी अधिकार रहेगा।

18 अगस्त को आरोप गठन की कार्रवाई

CBI ने जांच पूरी करने के बाद मोहम्मद खालिद, साबिया और सुमन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोप पत्र में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 238, 241 और 318(4) के साथ-साथ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 की धारा 12(1) और 12(2) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

अब अदालत में 18 अगस्त 2026 को आरोप गठन की कार्यवाही होगी। इस सुनवाई के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर मुकदमे की अगली कार्रवाई होगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल

UKSSSC पेपर लीक मामले का सबसे बड़ा प्रभाव केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है। इस तरह के मामले प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भरोसे से भी जुड़े होते हैं।

उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हजारों युवा महीनों और वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में यदि किसी परीक्षा में प्रश्नपत्र से जुड़ी गोपनीय जानकारी परीक्षा समाप्त होने से पहले बाहर पहुंचने की बात सामने आती है, तो इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।

यही वजह है कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर नियंत्रण, CCTV निगरानी तथा परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल पहचान जैसे उपाय बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

अभ्यर्थियों के भरोसे की बहाली सबसे जरूरी

पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी है। युवाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि परीक्षा में सफलता उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर तय होगी।

UKSSSC जैसी भर्ती परीक्षाएं उत्तराखंड के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। इसलिए किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत सामने आने पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

साथ ही, जांच के दौरान जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते, उनके अधिकारों की भी रक्षा करना न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी संतुलन के साथ मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

अब आगे क्या होगा?

विशेष CBI अदालत द्वारा प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार माने जाने के बाद अब मामले की अगली महत्वपूर्ण तारीख 18 अगस्त 2026 है। उस दिन आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इसके बाद मुकदमे में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य और दलीलों का चरण आगे बढ़ सकता है। मामले में CBI द्वारा जुटाए गए दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, व्हाट्सऐप से संबंधित सामग्री, परीक्षा केंद्र की निगरानी से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फिलहाल अदालत के आदेश से इतना स्पष्ट है कि मामले को प्रथम दृष्टया आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध मानी गई है। अब मुकदमे की अगली प्रक्रिया में यह तय होगा कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को किस हद तक साबित कर पाते हैं।

UKSSSC पेपर लीक मामले में 18 अगस्त की सुनवाई इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन सुमन, मोहम्मद खालिद और साबिया के खिलाफ आरोप गठन की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अदालत में मामले की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और प्रतियोगी परीक्षा की कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया क्या निष्कर्ष देती है।

You Might Also Like

उत्तराखण्ड: देहरादून DM सोनिका ने आज तहसील सदर का औचक निरीक्षण किया
नई दिल्ली : बम धमाके को लेकर मनीष सिसोदिया का केंद्र सरकार पर निशाना कहा गृह मंत्रालय को दिल्ली की सुरक्षा की चिंता नहीं’
Uttarakhand : सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, बालविकास, महिला विकास, कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रही है-मुख्यमंत्री धामी
अफगानिस्तान में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, 300 से अधिक लोगों की मौत सैकड़ों घायल
हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए पाकिस्तानी तीर्थयात्रियों के लिए, सच में फरिश्ता बनी चमोली पुलिस
TAGGED:CBI courtDehradunPaper Leak CaseUKSSSCUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

JSSC CGL में ‘रिश्तों का रिजल्ट’ या महज संयोग? अभय तिवारी के परिवार से जुड़े कई नाम BSO पद पर चयनित होने के दावे से मचा हड़कंप, CID की जांच पर टिकी निगाहें

The Hill India News
The Hill India News
August 12, 2026
मौत के 42 दिन बाद आया मैसेज- ‘खुशी है आप स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं’, कागजों में जिंदा रहा दिवंगत कॉन्स्टेबल का इलाज!
ट्रंप को ईरान के खतरे का डर! तुर्की से निकलते वक्त बदला गया विमान, कैटरिंग ट्रक से गुपचुप कराई गई शिफ्टिंग; ‘डिकॉय’ प्लेन में बैठे रहे पत्रकार और कर्मचारी
बांग्लादेश की पटरियों पर दौड़ेगी ‘मेड इन इंडिया’ ट्रेन! कपूरथला में तैयार हुआ पहला LHB रेक, जानिए भारत से कितनी अलग हैं ये कोच
UKSSSC पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट: सुमन, खालिद और साबिया पर तय होंगे आरोप, 18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
उत्तराखंड की वित्तीय सेहत पर बड़ा सवाल: कर्ज का अनुपात घटा, राजस्व अधिशेष भी कायम, फिर भी 53% आय के लिए केंद्र पर निर्भरता क्यों?
आयुष्मान योजना अब इंश्योरेंस मोड पर, गोल्डन कार्ड पर बड़ा फैसला जल्द; कर्मचारियों को समय पर इलाज दिलाने की कवायद तेज
₹10 लीटर में गोमूत्र खरीदेगी योगी सरकार! बुलंदशहर से शुरू हुआ अनोखा पायलट प्रोजेक्ट, 300 महिलाओं को मिला काम; सपा ने बताया ‘स्कैम’
तीन महीने में तीन बार तलाक और एक बार में तलाक! सुप्रीम कोर्ट में फिर गरमाया मुस्लिम तलाक का मुद्दा, जानिए क्या हैं तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन
दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, मेडिकल छात्रा ने लगाए रेप और धमकी के गंभीर आरोप; शादी का वादा करने का भी दावा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?