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Reading: इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ 10 जून: पंडित नेहरू को पीछे छोड़ सबसे लंबे समय तक देश के ‘निर्वाचित प्रधानमंत्री’ बने नरेंद्र मोदी
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इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ 10 जून: पंडित नेहरू को पीछे छोड़ सबसे लंबे समय तक देश के ‘निर्वाचित प्रधानमंत्री’ बने नरेंद्र मोदी

The Hill India News
Last updated: June 10, 2026 2:04 am
The Hill India News
Published: June 10, 2026
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नई दिल्ली: भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में आज यानी 10 जून 2026 का दिन एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्वतंत्र भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले पहले निर्वाचित शासनाध्यक्ष बन गए हैं। इस गौरवशाली उपलब्धि के साथ ही उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माता और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के दशकों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम आज लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहने का सर्वकालिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पंडित नेहरू के नाम था, जिन्होंने देश के पहले आम चुनाव के बाद मई 1952 से लेकर 27 मई 1964 तक लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाली थी। आज का दिन भारतीय राजनीति में सत्ता के स्थायित्व और जनविश्वास के एक नए युग का प्रतीक बनकर उभरा है।

नेहरू और मोदी के कालखंड का गणित: क्यों खास है यह रिकॉर्ड?

अक्सर इतिहास के पन्नों में दर्ज आंकड़ों को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों ने इस रिकॉर्ड की बारीकियों को बेहद स्पष्ट किया है। दरअसल, भारत को 1947 में आजादी मिलने के बाद से 1952 तक पंडित जवाहरलाल नेहरू अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री मनोनीत थे। चूंकि देश में पहला लोकतांत्रिक आम चुनाव साल 1951-52 में हुआ था, इसलिए एक ‘निर्वाचित’ प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल की गणना मई 1952 से की जाती है।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कीर्तिमान इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह एक लगातार (Continuous) और पूर्णतः निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड है। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल लगभग 14 वर्षों का रहा था, लेकिन उनका यह सफर लगातार नहीं था; उनके कार्यकाल के बीच में गैर-कांग्रेसी सरकारों का दौर भी आया था। ऐसे में लगातार तीन बार पूर्ण बहुमत और गठबंधन के सहयोग से देश को स्थिरता देना पीएम मोदी की राजनीतिक स्वीकार्यता को दर्शाता है। इस प्रकार, PM Modi Longest Serving Elected Prime Minister के रूप में देश के सामने एक नई मिसाल पेश कर चुके हैं।

केंद्र में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे: दिल्ली के भारत मंडपम में सजेगा एनडीए का महामंच

इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के साथ ही केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के सफल 12 वर्ष भी पूरे हो गए हैं। इस दोहरे जश्न को मनाने और भविष्य का रोडमैप तैयार करने के लिए आज देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बेहद गर्म रहने वाला है। आज दोपहर 3 बजे दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित अत्याधुनिक भारत मंडपम में एनडीए (NDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक आयोजित की जा रही है।

इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं सहित एनडीए के सभी घटक दलों के प्रमुख, राष्ट्रीय अध्यक्ष और दिग्गज रणनीतिकार शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में गठबंधन सरकार की भविष्य की रणनीतियों, आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और देश के आर्थिक एजेंडे पर गंभीर मंथन होगा।

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक और भव्य डिनर का आयोजन

भारत मंडपम की बैठक के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ एक मैराथन समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को राज्यों में जमीनी स्तर पर लागू करने की प्रगति जांची जाएगी। दिनभर चलने वाले इस राजनीतिक विचार-विमर्श के बाद, प्रधानमंत्री मोदी सभी मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और गठबंधन के सहयोगियों के लिए एक विशेष रात्रिभोज (डिनर) की मेजबानी करेंगे, जिसे आपसी एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

चाय की दुकान से ‘प्रधान सेवक’ तक: एक अद्वितीय और प्रेरक जीवन यात्रा

नरेंद्र मोदी का देश के शीर्ष पद तक पहुँचने का सफर आधुनिक वैश्विक राजनीति की सबसे विस्मयकारी और प्रेरणादायक कहानियों में से एक है। गुजरात के एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे नरेंद्र मोदी का शुरुआती जीवन कड़े संघर्षों के बीच बीता। उनके पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी रेलवे स्टेशन पर एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे, जहाँ बालक नरेंद्र भी हाथ बंटाते थे। आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके भीतर देश सेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा था।

युवावस्था में उन्होंने सुख-सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में अपने जीवन को देश को समर्पित कर दिया। दशकों तक उन्होंने देश के दूर-दराज के इलाकों, पहाड़ों और गांवों में घूमकर संगठनात्मक जमीनी काम किया। उनकी इसी सांगठनिक क्षमता और दूरदर्शिता को देखते हुए बाद में उन्हें भारतीय जनता पार्टी में बड़ी सांगठनिक जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जहाँ उन्होंने खुद को एक कुशल रणनीतिकार के रूप में स्थापित किया।

13 साल मुख्यमंत्री और फिर दिल्ली की गद्दी: बड़े फैसलों का ऐतिहासिक दौर

नरेंद्र मोदी की प्रशासनिक क्षमता की असली परीक्षा साल 2001 में शुरू हुई, जब उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया। वह लगातार लगभग 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और ‘गुजरात मॉडल’ के जरिए देश भर में विकास की एक नई परिभाषा गढ़ी। साल 2014 के आम चुनाव में वह भाजपा के प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में उभरे और ‘अच्छे दिन’ के वादे के साथ प्रचंड बहुमत हासिल कर पहली बार दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुए। इसके बाद साल 2019 और फिर 2024 के लोकसभा चुनावों में भी देश की जनता ने उनकी नीतियों पर मुहर लगाई।

मोदी सरकार के 12 वर्षों के वो ऐतिहासिक फैसले जिन्होंने देश की दिशा बदल दी:

  • अनुच्छेद 370 का खात्मा: जम्मू-कश्मीर को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए दशकों पुरानी इस संवैधानिक बाधा को समाप्त किया गया।

  • डिजिटल क्रांति (UPI): देश के कोने-कोने तक डिजिटल पेमेंट व्यवस्था का विस्तार कर भारत को कैशलेस इकॉनमी की राह पर अग्रसर किया।

  • बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का कायाकल्प: रिकॉर्ड समय में नेशनल हाईवे, वंदे भारत ट्रेनें, नए एयरपोर्ट्स और ग्रामीण कनेक्टिविटी का जाल बिछाया गया।

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान: रक्षा उत्पादन से लेकर मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग तक, भारत को वैश्विक स्तर पर एक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की मजबूत नींव रखी।

आज जब देश 10 जून 2026 को उनके इस रिकॉर्ड कार्यकाल का गवाह बन रहा है, तो यह केवल एक नेता के कार्यकाल की अवधि का जश्न नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र भारत के उस राजनीतिक संकल्प का उत्सव है जो निरंतरता, स्थिरता और अंत्योदय के विजन पर भरोसा करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि PM Modi Longest Serving Elected Prime Minister के रूप में अपने इस सफर को विकास के किन नए शिखरों तक ले जाते हैं।

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