World News Today: ईरान में अयातुल्ला खामनेई के नेतृत्व वाले शासन के खिलाफ विद्रोह की आग अब पूरे देश में फैल चुकी है। निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के एक आह्वान पर हजारों की संख्या में ईरानी नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। तेहरान, मशहद और इस्फहान समेत ईरान के 50 से अधिक शहरों में प्रदर्शनकारी ‘तानाशाही’ के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि ईरान सरकार ने देश में इंटरनेट (Internet Shutdown) और लैंडलाइन सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी हैं, ताकि दुनिया तक विद्रोह की तस्वीरें न पहुंच सकें।
तेहरान में गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट, 41 की मौत
ईरान के अलग-अलग हिस्सों से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें जारी हैं। तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गई हैं।
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हताहतों की संख्या: अब तक इस विद्रोह में 41 लोगों की जान जा चुकी है।
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गिरफ्तारी: ईरानी शासन ने अब तक 2,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।
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सड़क से छत तक विरोध: लोग न केवल सड़कों पर उतर रहे हैं, बल्कि रात के अंधेरे में अपने घरों की छतों से भी खामनेई विरोधी नारे लगा रहे हैं।
ट्रंप का अल्टीमेटम: ‘प्रदर्शनकारियों को मारा तो भुगतना होगा अंजाम’
ईरान में जारी खूनी संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। ट्रंप ने एक रेडियो इंटरव्यू में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका चुपचाप तमाशा नहीं देखेगा।
“मैंने उन्हें (ईरानी शासन) साफ बता दिया है—अगर उन्होंने अपने ही लोगों को मारना शुरू किया, जैसा कि वे अक्सर दंगों के दौरान करते हैं, तो अमेरिका उन्हें बहुत कड़ी सजा देगा। अगर वे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करते हैं, तो हम ईरान पर भीषण हमला (Massive Strike) करेंगे।” — डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान
अमेरिका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरानी जनता के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। वेंस ने कहा कि अमेरिका शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले हर व्यक्ति के साथ खड़ा है। उन्होंने ईरानी शासन को सलाह दी कि वे अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ वास्तविक बातचीत करें, वरना स्थिति और खराब हो सकती है।
डिजिटल ब्लैकआउट: दुनिया से कटा ईरान
विद्रोह को कुचलने के लिए खामनेई सरकार ने डिजिटल सेंसरशिप का सहारा लिया है।
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टेलीग्राम ऑफलाइन: ईरान के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के सभी प्रमुख चैनलों को ब्लॉक कर दिया गया है।
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कम्युनिकेशन ठप: कई इलाकों में लैंडलाइन टेलीफोन लाइनें काट दी गई हैं, जिससे मोबाइल और फिक्स्ड फोन से संपर्क करना असंभव हो गया है।
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सूचना पर पहरा: इंटरनेट बंद होने की वजह से ईरान के भीतर क्या हो रहा है, इसकी सटीक जानकारी बाहर नहीं आ पा रही है।
कौन हैं रजा पहलवी और क्यों भड़की आग?
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने एक वीडियो संदेश के जरिए लोगों से ‘नागरिक अवज्ञा’ की अपील की थी। उन्होंने ईरानी जनता से कहा कि यह समय गुलामी की जंजीरें तोड़ने का है। इस संदेश के बाद लोग अपने घरों से निकल पड़े। ईरान की चरमराती अर्थव्यवस्था, मानवाधिकारों का हनन और सख्त धार्मिक कानूनों ने जनता के असंतोष को ज्वालामुखी में बदल दिया है।
ईरान में संकट का पैमाना (एक नजर में)
| क्षेत्र | वर्तमान स्थिति |
| शहर प्रभावित | 50 से अधिक शहर |
| कुल मौतें | 41 (आधिकारिक और स्थानीय सूत्रों के अनुसार) |
| हिरासत में | 2,000+ प्रदर्शनकारी |
| तकनीकी प्रतिबंध | इंटरनेट और टेलीग्राम पूरी तरह बंद |
| अमेरिकी स्टैंड | सैन्य कार्रवाई और भीषण हमले की चेतावनी |
ईरान इस समय अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट से गुजर रहा है। एक तरफ जनता का आक्रोश है और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय दबाव। डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी के बाद अब यह देखना होगा कि क्या ईरानी शासन अपनी दमनकारी नीतियों पर रोक लगाता है या मध्य पूर्व में एक नया युद्ध छिड़ने वाला है।



