
हरिद्वार। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के जरिए देश और प्रदेश की राजनीति को बड़ा संदेश दिया। विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए शाह ने दो-टूक शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने घोषणा की कि केदारनाथ से लेकर कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर देश से बाहर निकाला जाएगा।
धामी सरकार के 4 साल: विकास की नई इबारत
गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि 2017 से 2026 तक का कालखंड उत्तराखंड के नव-निर्माण को समर्पित रहा है। शाह ने कहा, “अटल जी ने उत्तराखंड बनाया था और मोदी जी इसे संवार रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की जटिल समस्याओं को पहचान कर उन्हें जड़ से समाप्त करने का साहस दिखाया है, जिससे प्रदेश आज दोगुनी रफ्तार से प्रगति कर रहा है।”
घुसपैठियों और डेमोग्राफी पर कड़ा प्रहार
अपने संबोधन में अमित शाह ने घुसपैठ और अवैध अतिक्रमण के मुद्दे पर धामी सरकार की पीठ थपथपाई। उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा के लिए घुसपैठिये सबसे बड़ा खतरा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट को शुद्ध करना लोकतंत्र की रक्षा के लिए अनिवार्य है और जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) केवल एक कानून नहीं, बल्कि डेमोग्राफी में आ रहे अप्राकृतिक बदलाव को रोकने का एक सशक्त माध्यम है।

न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव: 3 साल में मिलेगा इंसाफ
कानूनी सुधारों पर चर्चा करते हुए गृहमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के जमाने के 150 साल पुराने दमनकारी कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता लागू की है। उन्होंने दावा किया कि 2028 तक इसके सभी प्रावधान पूरी तरह धरातल पर होंगे, जिसके बाद एफआईआर से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक की प्रक्रिया अधिकतम 3 वर्ष में पूरी हो जाएगी। शाह ने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय संहिता बताया।
CAA और शरणार्थियों को अधिकार
सीएए (CAA) का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का भारत पर उतना ही अधिकार है जितना प्रधानमंत्री मोदी का। उन्होंने पिछली सरकारों पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि अब धर्म और परिवार की इज्जत बचाने आए इन लोगों को सम्मानपूर्वक नागरिकता दी जा रही है और सरकार इस निर्णय पर अडिग रहेगी।
नकल विरोधी कानून और पारदर्शी रोजगार
उत्तराखंड के युवाओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि अब राज्य में ‘बिना पर्चा और बिना खर्चा’ के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने 1900 नवनियुक्त पुलिस आरक्षियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि धामी सरकार का कठोर नकल विरोधी कानून देशभर के लिए एक मॉडल बन गया है, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता आई है।
कुंभ 2027 और वाइब्रेंट विलेज योजना
आगामी 2027 के हरिद्वार कुंभ को लेकर शाह ने कहा कि यह आयोजन भव्यता के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगा। उन्होंने ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना पर जोर देते हुए कहा कि सीमांत गांवों को अब ‘देश का पहला गांव’ माना जाता है। इस योजना से पहाड़ों से होने वाले पलायन पर लगाम लगेगी, जिसका सीधा लाभ उत्तराखंड को मिल रहा है।
आर्थिक आंकड़ों में उत्तराखंड की ऊंची उड़ान
शाह ने आंकड़ों के जरिए बताया कि यूपीए शासन (2004-14) की तुलना में मोदी सरकार ने उत्तराखंड को मिलने वाली सहायता राशि में भारी बढ़ोतरी की है।
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केंद्रीय सहायता: 54 हजार करोड़ (2004-14) से बढ़कर 1 लाख 87 हजार करोड़ (2014-26) हुई।
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प्रति व्यक्ति आय: 1.25 लाख रुपये से बढ़कर 2.60 लाख रुपये पहुंची।
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GSDP: 1.50 लाख करोड़ से बढ़कर 3.50 लाख करोड़ रुपये हुई।
मुख्यमंत्री धामी का संबोधन: ‘विकसित उत्तराखंड’ का संकल्प
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृहमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य आज सुशासन की नई गाथाएं लिख रहा है। धामी ने कहा कि सरकार ने ‘ऑपरेशन कालनेमि’ और सघन सत्यापन अभियान चलाकर घुसपैठियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश का बजट अब 1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है और उत्तराखंड नीति आयोग के सतत विकास सूचकांक में देश में प्रथम स्थान पर है।
हरिद्वार की इस जनसभा ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा आगामी चुनावों और विकास के एजेंडे को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। अमित शाह के इस दौरे ने न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर सरकार के कड़े रुख को भी दोहराया है।



