ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। पहले कुछ दिनों में जहां भारतीय वेटलिफ्टर्स ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया, वहीं अब एथलेटिक्स और बॉक्सिंग में भी भारत की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। अलीगढ़ के रहने वाले स्टार धावक गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। दूसरी ओर महिला खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की पदक तालिका को मजबूती दी है। वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ी लगातार इतिहास रच रहे हैं।
अलीगढ़ के गुलवीर सिंह ने बारिश और मुश्किल हालातों में जीता सिल्वर
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले गुलवीर सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और जुनून के दम पर कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात 28 वर्षीय गुलवीर ने खराब मौसम, बारिश और गीले ट्रैक जैसी चुनौतियों के बावजूद 10,000 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
गुलवीर ने यह रेस 27 मिनट 49.78 सेकेंड में पूरी की। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारतीय एथलेटिक्स ने कॉमनवेल्थ गेम्स में एक और बड़ी सफलता हासिल की। इससे पहले सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में सिल्वर मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था।
गुलवीर सिंह भारत के बेहतरीन मिडिल और लॉन्ग डिस्टेंस धावकों में गिने जाते हैं। उन्होंने इससे पहले भी कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। वह 3000 मीटर से लेकर 25 किलोमीटर तक की रेस में छह राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। एशियन गेम्स 2022 में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।
मेडल जीतने के बाद गुलवीर ने कहा कि यह उनके लिए बेहद गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि देश के लिए पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतना उनके लिए खास अनुभव है। उन्होंने खेल मंत्रालय और भारतीय एथलेटिक्स संघ का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें तैयारी के दौरान हर संभव सुविधा मिली।
गुलवीर ने मजाकिया अंदाज में मौसम को लेकर कहा कि अगर ज्यादा गर्मी होती तो शायद गला सूखता, लेकिन बारिश और ठंडे मौसम ने उनके लिए परिस्थितियां बेहतर बना दीं।
19 साल की पूजा सिंह ने हाई जंप में दिखाया दम
भारतीय एथलेटिक्स में एक और उभरती हुई खिलाड़ी हरियाणा की 19 वर्षीय पूजा सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहीं पूजा ने खराब मौसम के बावजूद हाई जंप में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
कंपकंपाती ठंड, बारिश और गीले ट्रैक के बीच पूजा ने 1.77 मीटर की छलांग लगाई। हालांकि वह अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड 1.93 मीटर के प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकीं, लेकिन इतनी कठिन परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन भविष्य के लिए बड़ी उम्मीद जगाने वाला है।
कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचना और बड़े मुकाबले में अपना आत्मविश्वास बनाए रखना पूजा की बड़ी उपलब्धि है। भारतीय एथलेटिक्स को आने वाले समय में उनसे काफी उम्मीदें हैं।
हरजिंदर कौर ने वेटलिफ्टिंग में लगातार दूसरी बार जीता मेडल
भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का शानदार प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लगातार जारी है। पंजाब की 30 वर्षीय हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
खास बात यह है कि हरजिंदर का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। वह पहले कबड्डी खिलाड़ी थीं, लेकिन बाद में उन्होंने वेटलिफ्टिंग को अपना करियर बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली हरजिंदर ने इस बार अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। उन्होंने कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार रिकॉर्ड बनाया।
मेडल जीतने के बाद हरजिंदर कौर ने कहा कि यह सफलता उनके परिवार को समर्पित है। उन्होंने सरकार और भारतीय खेल संस्थाओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
वेटलिफ्टर्स ने संभाली भारत की पदक उम्मीदें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर्स ने अब तक सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। भारत के कुल 12 पदकों में से 7 पदक वेटलिफ्टिंग में आए हैं। इस प्रदर्शन ने भारतीय खिलाड़ियों की ताकत और तैयारी को दुनिया के सामने रखा है।
महिलाओं ने इस बार खास तौर पर शानदार प्रदर्शन किया है। भारत के कुल पदकों में से छह पदक महिला खिलाड़ियों के नाम हैं। इनमें गोल्ड और सिल्वर सहित कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां शामिल हैं।
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव, हरजिंदर कौर और अन्य खिलाड़ियों ने सिल्वर मेडल जीतकर भारतीय झंडा ऊंचा किया।
अब बॉक्सर्स से बढ़ी उम्मीदें, तीन खिलाड़ियों ने पक्का किया मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स के छठे दिन भारतीय बॉक्सर्स ने भी शानदार शुरुआत की। भारत के तीन मुक्केबाजों ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली और देश के लिए पदक पक्का कर दिया।
प्रीति, प्रिया और जादुमणि सिंह ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीते। अब इन खिलाड़ियों से गोल्ड और सिल्वर की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन भी पहले ही पदक की दावेदारी मजबूत कर चुकी हैं। भारतीय बॉक्सिंग टीम के प्रदर्शन से साफ है कि आने वाले दिनों में पदक तालिका में भारत की स्थिति और बेहतर हो सकती है।
भारत की पदक तालिका में शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक भारत ने कुल 12 पदक जीत लिए हैं। इनमें 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
भारत के गोल्ड मेडल
- मीराबाई चानू – वेटलिफ्टिंग
- शर्मिला धनखड़ – पैरा शॉटपुट
भारत के सिल्वर मेडल
- सर्वेश कुशारे – हाई जंप
- अजय बाबू – वेटलिफ्टिंग
- ऋषिकांत सिंह – वेटलिफ्टिंग
- राजा मुथापंडी – वेटलिफ्टिंग
- ज्ञानेश्वरी यादव – वेटलिफ्टिंग
- हरजिंदर कौर – वेटलिफ्टिंग
- गुलवीर सिंह – 10,000 मीटर दौड़
भारत के ब्रॉन्ज मेडल
- बिंदियारानी देवी – वेटलिफ्टिंग
- झंडू कुमार – पैरा हैवीवेट पावरलिफ्टिंग
- शिल्पा शाइला – पैरा शॉटपुट
भारत की नई खेल शक्ति का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह दिखा रहा है कि देश अब कई खेलों में मजबूत दावेदार बन चुका है। वेटलिफ्टिंग में ताकत, एथलेटिक्स में धैर्य और बॉक्सिंग में आक्रामकता के साथ भारतीय खिलाड़ी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।
अलीगढ़ के गुलवीर सिंह की मेहनत से लेकर हरजिंदर कौर के संघर्ष और महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन तक, यह प्रतियोगिता भारत के लिए गर्व के कई पल लेकर आई है।
आने वाले मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों से और पदकों की उम्मीद है। देश की निगाहें अब बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और अन्य खेलों पर टिकी हैं, जहां खिलाड़ी तिरंगे को और ऊंचाई तक ले जाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
