
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित कन्वेंशन सेंटर ‘भारत मंडपम’ में आयोजित वैश्विक मंच ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान हुए विवादित प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को सनसनीखेज खुलासा करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में खलल डालने के पीछे एक ‘गहरी साजिश’ रची गई थी।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘शर्टलेस’ विरोध: क्या था पूरा मामला?
बीती 20 फरवरी को जब भारत मंडपम में दुनिया भर के एआई (Artificial Intelligence) विशेषज्ञ और वैश्विक नेता भविष्य की तकनीक पर चर्चा कर रहे थे, तभी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में ‘Compromised Prime Minister’ लिखे पोस्टर ले रखे थे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
एक वैश्विक शिखर सम्मेलन के दौरान इस तरह के आचरण ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी। इसी घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तिलक मार्ग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा: ‘साजिश के ठोस सबूत’
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मामले की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया, “अब तक की गई तकनीकी और जमीनी जांच के आधार पर हमें ऐसे ठोस सबूत मिले हैं जो इशारा करते हैं कि यह महज एक आकस्मिक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी गहरी साजिश थी।” मामले की संवेदनशीलता और इसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए, जांच अब क्राइम ब्रांच की इंटरस्टेट सेल को सौंप दी गई है। यह सेल अब इस बात की पड़ताल करेगी कि इस प्रदर्शन के लिए फंडिंग कहाँ से आई और क्या इसमें किसी बाहरी तत्व का भी हाथ था।
कानूनी शिकंजा: BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गैर-जमानती धाराएं लगाई हैं। गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों पर मुख्य रूप से निम्नलिखित धाराएं लगाई गई हैं:
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धारा 196: विभिन्न समूहों के बीच धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास या भाषा के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देना (यह एक गैर-जमानती धारा है)।
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धारा 61(2): आपराधिक साजिश।
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धारा 121(1): लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग।
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धारा 195(1): राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन और दावे।
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अन्य धाराएं: 132, 190, 221, 223(A), 197 और 3(5)।
कोर्ट में पेशी और रिमांड पर पूछताछ
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों की रिमांड मांगते हुए दलील दी कि इस साजिश की कड़ियों को जोड़ने के लिए आमने-सामने बिठाकर पूछताछ जरूरी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपियों से प्रदर्शन की योजना बनाने वाले मास्टरमाइंड और संचार के माध्यमों (मोबाइल चैट्स और कॉल्स) के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
राजनीतिक घमासान तेज
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 जैसे प्रतिष्ठित आयोजन में हुए इस हंगामे ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज कर दी है। सत्ताधारी दल बीजेपी ने इसे ‘राष्ट्र-विरोधी’ कृत्य करार देते हुए कहा कि कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को शर्मसार करने की कोशिश की है। वहीं, युवा कांग्रेस ने इन गिरफ्तारियों को ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘आवाज दबाने की कोशिश’ बताया है।
आगे क्या?
स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने साफ कर दिया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस अब भारत मंडपम के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और प्रदर्शनकारियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि अंतरराष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में सुरक्षा और मर्यादा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी निगाहें क्राइम ब्रांच की इंटरस्टेट सेल की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस ‘साजिश’ की परतों को बेनकाब करेगी।



