By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: Uttarakhand: हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि से हटेगा अतिक्रमण, सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास के लिए दिए कड़े निर्देश
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand: हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि से हटेगा अतिक्रमण, सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास के लिए दिए कड़े निर्देश
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand: हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि से हटेगा अतिक्रमण, सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास के लिए दिए कड़े निर्देश

The Hill India News
Last updated: February 24, 2026 1:26 pm
The Hill India News
Published: February 24, 2026
Share
Image Source: File
SHARE

नई दिल्ली/हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में उच्चतम न्यायालय ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संतुलित आदेश पारित किया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि रेलवे को अपनी भूमि के उपयोग और विस्तार का पूर्ण अधिकार है, हालांकि मानवीय आधार पर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Contents
रेलवे की प्राथमिकता और कोर्ट का कड़ा रुखपुनर्वास: PM आवास योजना और वित्तीय सहायताप्रशांत भूषण की दलीलें और कोर्ट की सहानुभूतिअप्रैल तक कार्रवाई पर रोकप्रशासन को निर्देश

रेलवे की प्राथमिकता और कोर्ट का कड़ा रुख

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं की उन दलीलों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, जिसमें रेलवे की विस्तार योजना पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अवैध कब्जा करने वाले यह तय नहीं कर सकते कि रेलवे को अपनी किस जमीन का इस्तेमाल करना चाहिए और किसका नहीं।”

अदालत ने स्वीकार किया कि हल्द्वानी उत्तराखंड का वह अंतिम बिंदु है जहाँ तक रेलवे का विस्तार संभव है, क्योंकि इसके आगे भौगोलिक रूप से पहाड़ी क्षेत्र शुरू हो जाता है। रेलवे के लिए यह 36 एकड़ जमीन ट्रैक विस्तार और लॉजिस्टिक्स के लिए सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पुनर्वास: PM आवास योजना और वित्तीय सहायता

कोर्ट ने विस्थापन की प्रक्रिया को मानवीय बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को कई निर्देश दिए हैं:

  • पात्रता की पहचान: उन परिवारों की पहचान की जाएगी जो विस्थापन से सीधे प्रभावित होंगे।

  • वित्तीय सहायता: रेलवे और राज्य सरकार संयुक्त रूप से विस्थापित होने वाले पात्र परिवारों को 6 महीने तक 2,000 रुपये प्रति माह का भत्ता प्रदान करेंगे।

  • PM आवास योजना: जो परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी में आते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे।

  • विशेष कैंप का आयोजन: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि 19 मार्च (ईद के बाद) नैनीताल जिला प्रशासन और रेलवे राजस्व अधिकारी एक सप्ताह का विशेष कैंप लगाएं ताकि पात्र लोग आवेदन कर सकें।

प्रशांत भूषण की दलीलें और कोर्ट की सहानुभूति

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने तर्क दिया कि इस क्षेत्र में लगभग 50,000 लोग दशकों से रह रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार इतने कम समय में 5,000 परिवारों को घर दे पाएगी? उन्होंने रेलवे के पास उपलब्ध वैकल्पिक खाली जमीन का भी हवाला दिया।

इस पर कोर्ट ने सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि वे झुग्गियों में रहने वालों के प्रति संवेदनशीलता रखते हैं और हर नागरिक को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण में रहने का अधिकार है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को स्थायी अधिकार नहीं माना जा सकता।

अप्रैल तक कार्रवाई पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी और तब तक रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में दी गई सुरक्षा उत्तराखंड के अन्य अवैध कब्जे वाले मामलों के लिए मिसाल (Precedent) नहीं मानी जाएगी।

प्रशासन को निर्देश

नैनीताल के जिलाधिकारी और हल्द्वानी के एसडीएम को लॉजिस्टिक सपोर्ट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी अपील की गई है कि वे घर-घर जाकर लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति पुनर्वास से वंचित न रहे।


यह फैसला विकास की आवश्यकता और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक पुल बनाने की कोशिश है। जहाँ एक ओर रेलवे के विस्तार को राष्ट्रहित में अनिवार्य माना गया है, वहीं दूसरी ओर हजारों परिवारों के सिर से छत छिनने से पहले उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था देने की बात कही गई है।

You Might Also Like

नई दिल्ली :डिजिटल कृषि में सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर एक दिवसीय हितधारक परामर्श का आयोजन किया।
गुजरात : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी प्राकृतिक खेती की ओर जाने के लिए देश के किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं : अमित शाह
उत्तराखंड STF ने 1 किलो अफीम के साथ अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर किया गिरफ्तार
अमेरिका के टैरिफ पर कनाडा का करारा पलटवार, अमेरिकी सामानों पर 50% तक जवाबी टैक्स; 8 सितंबर से लागू होगा नया नियम
ईरान का अमेरिकी एयरबेस पर हमला, ट्रंप का ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर बड़ा बयान और भारत की ‘हाई-लेवल’ तैयारी
TAGGED:Banbhulpura EncroachmentHaldwani Railway Land DisputePrime Minister Housing SchemeRailway Expansion PlanSupreme Court Verdict
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड के 50 से ज्यादा गांव आज भी ग्रिड बिजली से दूर, अधिकारियों के गांव तक नहीं पहुंची बिजली! जंगल और नियमों के बीच अटका रोशनी का रास्ता

The Hill India News
The Hill India News
September 1, 2026
मसूरी-देहरादून मार्ग पर कुदरत का कहर! पानी वाले बैंड के पास सड़क ध्वस्त, राजधानी से मसूरी का संपर्क टूटा; घंटों फंसे यात्री
यूपी में गंगा-यमुना का रौद्र रूप! प्रयागराज से गाजीपुर तक बाढ़ का खतरा, 18 जिलों में रेड अलर्ट; स्कूल बंद, घाट-मंदिर जलमग्न
ITR Filing Deadline: आज नहीं भरा ITR तो बढ़ सकती है परेशानी! 31 अगस्त के बाद लगेगी लेट फीस, इन 7 गलतियों से रहें सावधान
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एनकाउंटर, पुलिस ने दो शूटरों को मार गिराया; सुबह 4 बजे शामली में हुई मुठभेड़ से मचा हड़कंप
हल्द्वानी मंच शुद्धिकरण विवाद में राहुल गांधी पर मुकदमा, SC-ST एक्ट समेत BNS की धाराओं में केस दर्ज; राजनीतिक घमासान तेज
ग्रेटर नोएडा से कश्मीरी गेट तक चलती स्लीपर बस में नाबालिग छात्रा से दरिंदगी, ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार
1 सितंबर से बदलेंगे LPG, ITR, बैंक FD और क्रेडिट कार्ड से जुड़े बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर—जानिए 7 महत्वपूर्ण बदलाव
फ्लैट के लिए 78 साल के रिटायर्ड IAS पिता को ‘मानसिक बीमार’ बताने की कोशिश! बेटे की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने लगाई ₹5 लाख की फटकार
दिल्ली में पिता ही बना बेटे का कातिल! डॉक्टर के पास ले जाने के बहाने बुलाया, पत्थर से हमला और गला घोंटकर कंटेनर में फेंकी लाश; 6 दिन में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?